मऊ (उत्तर प्रदेश) से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ पुलिस ने बिहार में शराब तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। मऊ जिले की दक्षिण टोला थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो बिहारी शराब तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। ये दोनों तस्कर मूल रूप से बिहार के गोपालगंज जिले के रहने वाले हैं और करीब 50 हजार रुपये की अंग्रेजी शराब लेकर बिहार जा रहे थे।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
यह कार्रवाई एक सटीक मुखबिर की सूचना पर की गई। दक्षिण टोला पुलिस को सूचना मिली थी कि एक सफेद रंग की टाटा पंच कार, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी है, भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर गाजीपुर के रास्ते बिहार की तरफ निकलने वाली है।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मतलूपुर मोड़ के पास घेराबंदी की। जैसे ही संदिग्ध कार वहाँ पहुँची, पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। कार सवारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने उन्हें चारों तरफ से घेर कर पकड़ लिया।
तस्करों की पहचान
पकड़े गए दोनों युवक बिहार के रहने वाले हैं और पेशेवर तरीके से तस्करी में शामिल लग रहे हैं। पुलिस द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:
• रमन कुमार
• रोहित राय (कुछ रिपोर्ट्स में नाम राहित राय भी बताया गया है)
ये दोनों तस्कर बिहार के गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत दिघवा दुबौली गांव के निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इस काम में शामिल हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद?
पुलिस ने जब टाटा पंच कार की तलाशी ली, तो उसमें से भारी मात्रा में अवैध सामान मिला:
• शराब: विभिन्न ब्रांडों की अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुईं, जिनकी कुल बाजार कीमत लगभग 50,000 रुपये आंकी गई है।
• वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही टाटा पंच कार को जब्त कर लिया गया है।
• फर्जीवाड़ा: कार पर जो नंबर प्लेट लगी थी, वह फर्जी पाई गई। तस्करों ने पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए अक्सर इस्तेमाल किए जाने वाले इस तरीके का सहारा लिया था।
तस्करी का रास्ता
पूछताछ के दौरान तस्करों ने बताया कि वे देवरिया से निकले थे और मुहम्मदाबाद गोहना में अपने एक साथी से मिलने के बाद गाजीपुर होते हुए बिहार की सीमा में घुसने वाले थे। बिहार में पूर्ण शराबबंदी होने के कारण उत्तर प्रदेश से शराब ले जाकर वहां ऊंचे दामों पर बेचना इनका मुख्य उद्देश्य था। विशेष रूप से मकर संक्रांति के त्योहार के समय बिहार में शराब की डिमांड बढ़ जाती है, जिसका फायदा ये तस्कर उठाना चाहते थे।

पुलिस की कार्रवाई
मऊ पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम और धोखाधड़ी (फर्जी नंबर प्लेट के लिए) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उत्तर प्रदेश में इन्हें शराब की सप्लाई कौन दे रहा था और बिहार में ये किसे माल डिलीवर करने वाले थे।
बिहार में शराबबंदी के बाद से सीमावर्ती जिलों जैसे गोपालगंज और यूपी के मऊ, देवरिया, बलिया में पुलिस की सतर्कता काफी बढ़ गई है, फिर भी तस्कर नए-नए तरीकों से तस्करी को अंजाम देने की कोशिश करते रहते हैं।