चीन के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से, Maerkang (सिचुआन प्रांत) में स्थित Hongqi Bridge, जिसकी लंबाई लगभग 758 मीटर थी, साल 2025 में ही उद्घाटित हुआ था। यह पुल चीन के मुख्य क्षेत्र को तिब्बत से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे का महत्वपूर्ण हिस्सा था — महज कुछ महीने बाद ही यह गर्व का प्रतीक बिखर गया।
जान-माल की नहीं हुई क्षति:-
सोमवार को आसपास की ढलानों में दरारे और जमीन में शिफ्टिंग देखी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने पुल को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया था। मंगलवार को अचानक आए लैंडस्लाइड्स ने पुल के सपोर्टिंग हिल्स और रोडबेड को तोड़ दिया — पिलर्स झुक गए और पुल का एक बड़ा हिस्सा भारी आवाज़ के साथ नदी में समा गया। खुशकिस्मती रही कि पहले ही बंद किया गया था और इसलिए कोई जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ।

तकनीकी मुसीबत या भू-भौतिक भूल?
प्रारंभिक जाँच में पाया गया कि इस पहाड़ी इलाके में लैंडस्लाइड का इतिहास रहा है — जियोलॉजिकल अस्थिरता, स्ट्रक्चरल शिफ्ट और मौसम-परिवर्तन ने मिलकर पुल की नींव पर संकट मढ़ा। अब सवाल यह है कि इतनी जल्दी तैयार हुए और महत्वाकांक्षी पुल-प्रोजेक्ट में क्या इन जोखिमों को पर्याप्त रूप से समझा गया था? क्या बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जियो-कंडीशंस, जलवायु-परिवर्तन और निगरानी को पूरी गंभीरता से लेना चाहिए?
सतर्कता और सुरक्षा बहुत महत्वपूर्ण:-
Hongqi Bridge का ध्वस्त होना सिर्फ एक निर्माण-चूक नहीं — यह निर्माण, तैयारी और भविष्य-रूपांतरण के बीच का गहरा प्रश्न है। जब विशाल प्रोजेक्ट्स कभी कुछ घंटे में धराशायी हो जाएँ, तो सिर्फ कीमत से नहीं, बल्कि जिम्मेदारी, निगरानी और सतत तैयारी से भी परिणाम जुड़े होते हैं।
चीन नेशनल हाईवे में इस हादसे ने साबित कर दिया है कि उद्घाटन के बाद भी हमें सतर्क रहना चाहिए। हम सब के लिए सबक यही है — तेजी महत्वपूर्ण है, पर स्थायित्व, सुरक्षा और उचित योजना और भी महत्वपूर्ण।