Jammu Jailbreak: पुलिस पर पिस्टल तानकर भागे 2 पाकिस्तानी समेत 3 कैदी! घाटी में हाई अलर्ट

Jammu Jailbreak

जम्मू, 17 फरवरी 2026: जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाके आरएस पुरा में एक बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है। यहाँ के ‘बाल सुधार गृह’ (Observation Home) से सोमवार शाम को तीन कैदी फरार हो गए, जिनमें दो पाकिस्तानी नागरिक और एक स्थानीय अपराधी शामिल है। घटना केवल भागने की नहीं है, बल्कि कैदियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमला किया और हथियार दिखाकर मौके से फरार हो गए। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे जम्मू क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।

घटना का घटनाक्रम: शाम 5:15 बजे का वो खौफनाक मंजर

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार (16 फरवरी 2026) शाम करीब 5:15 बजे की है। आरएस पुरा स्थित ऑब्जर्वेशन होम में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब तीन कैदियों ने मिलकर सुरक्षा में तैनात जवानों पर हमला बोल दिया। बताया जा रहा है कि कैदियों ने न केवल पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, बल्कि सीसीटीवी फुटेज में एक कैदी हाथ में पिस्तौल लहराते हुए भी दिखाई दिया।

हमले के दौरान स्पेशल पुलिस ऑफिसर (SPO) विनय कुमार और हेड कांस्टेबल परवीन कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस यह जांच कर रही है कि सुधार गृह के अंदर कैदियों के पास पिस्टल और बाइक की चाबियां कहाँ से आईं।

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फरार कैदियों की पहचान: कौन हैं ये अपराधी?

फरार हुए तीनों आरोपियों की पहचान पुलिस ने उजागर कर दी है। इनमें से दो पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के रहने वाले हैं:

  • अहसान अनवर: पुत्र मोहम्मद अनवर, निवासी ननकाना साहिब, पंजाब (पाकिस्तान)।
  • मोहम्मद सनाउल्लाह: पुत्र मोहम्मद जफर, निवासी मुजफ्फराबाद, पंजाब (पाकिस्तान)।
  • करणजीत सिंह उर्फ गुग्गा: पुत्र अर्जुन सिंह, निवासी डबलेहर, आरएस पुरा (स्थानीय अपराधी)।

पाकिस्तानी कैदियों के बारे में बताया जा रहा है कि वे पहले सीमा पार कर भारतीय क्षेत्र में दाखिल हुए थे और तब से हिरासत में थे। वहीं, करणजीत सिंह पर हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।

बाइक छीनकर हुए फरार, सांबा की ओर भागने की आशंका

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के मुताबिक, इन तीनों ने फरार होने के बाद एक मोटरसाइकिल (नंबर JK02AQ-5496) भी छीनी। पुलिस को संदेह है कि ये आरोपी आरएस पुरा से सांबा जिले की ओर भागे हैं ताकि वहां से नेशनल हाईवे के जरिए राज्य से बाहर निकल सकें। पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी गई है और ड्रोन की मदद से भी संदिग्ध ठिकानों पर नजर रखी जा रही है।

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सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल: सुधार गृह में हथियार कैसे पहुंचे?

इस ‘जेल ब्रेक’ जैसी घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक ऑब्जर्वेशन होम में, जहाँ सुरक्षा कड़ी होती है, वहां कैदियों के पास हथियार कैसे पहुंचे? पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी बाहरी व्यक्ति या आंतरिक कर्मचारी ने उनकी मदद की थी। साथ ही, यह भी जांच का विषय है कि 18 वर्ष की आयु पार कर चुके इन अपराधियों को अब तक जेल में क्यों नहीं शिफ्ट किया गया था।

पुलिस की कार्रवाई और ताज़ा स्थिति

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घटना का संज्ञान लेते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। सीमावर्ती इलाकों और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पास भी अलर्ट जारी किया गया है ताकि पाकिस्तानी कैदी सीमा पार भागने की कोशिश न करें। पुलिस प्रवक्ता ने जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिलने पर तुरंत कंट्रोल रूम को सूचित करें।

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