फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान गिरफ्तार: मुंबई की रिहायशी बिल्डिंग पर चली थीं गोलियां, BNS और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई

राशिद खान

फायरिंग केस में मुंबई पुलिस ने विवादास्पद अभिनेता और फिल्म क्रिटिक कमाल राशिद खान (KRK) को ओशिवारा फायरिंग केस में गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना मुंबई के अंधेरी इलाके की एक रिहायशी बिल्डिंग की है, जहां अंधाधुंध गोलियां चलने से हड़कंप मच गया था। पुलिस ने इस मामले में BNS (भारतीय न्याय संहिता) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की विस्तृत जानकारी।

फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान

क्या है ओशिवारा फायरिंग केस की पूरी घटना?

यह मामला 18 जनवरी 2026 का है, जब मुंबई के अंधेरी (पश्चिम) स्थित ओशिवारा इलाके की नालंदा सोसाइटी में अचानक गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। रिहायशी बिल्डिंग पर करीब 2 से 4 राउंड फायरिंग की गई थी। जांच के दौरान पुलिस को बिल्डिंग की दूसरी और चौथी मंजिल से गोलियों के निशान और खोखे बरामद हुए। चौंकाने वाली बात यह है कि ये गोलियां एक प्रसिद्ध लेखक-निर्देशक और एक मॉडल के फ्लैट के पास मिली थीं। शुरुआत में सीसीटीवी फुटेज से कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले थे, लेकिन फोरेंसिक जांच में यह खुलासा हुआ कि गोलियां पास ही स्थित KRK के बंगले की दिशा से चलाई गई थीं।

KRK की गिरफ्तारी और पुलिस पूछताछ

फायरिंग केस की गंभीरता को देखते हुए ओशिवारा पुलिस ने शुक्रवार रात (23 जनवरी) को कमाल राशिद खान को उनके स्टूडियो से हिरासत में लिया। लंबी पूछताछ के बाद KRK ने कबूल किया कि उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की थी। अभिनेता का दावा है कि वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते थे, बल्कि केवल अपने हथियार की टेस्टिंग कर रहे थे। हालांकि, रिहायशी इलाके में इस तरह की हरकत को पुलिस ने बेहद खतरनाक माना और शनिवार को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

BNS और आर्म्स एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई

मुंबई पुलिस ने KRK के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए BNS और आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने उनके पास से वह हथियार भी जब्त कर लिया है जिससे गोलियां चलाई गई थीं। KRK को अंधेरी कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस फायरिंग के पीछे कोई अन्य मकसद या धमकी देने का इरादा तो नहीं था।

फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान

कमाल राशिद खान (KRK) का विवादों से नाता

यह पहली बार नहीं है जब कमाल राशिद खान कानूनी पचड़े में फंसे हैं। फिल्म ‘देशद्रोही’ के अभिनेता और खुद को नंबर-1 क्रिटिक बताने वाले KRK अक्सर बॉलीवुड हस्तियों पर अपनी विवादित टिप्पणियों के लिए चर्चा में रहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके रोस्टिंग वीडियो और ट्वीट्स अक्सर विवादों को जन्म देते हैं, जिसके कारण उन पर पहले भी मानहानि और अन्य आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। लेकिन इस बार, फायरिंग और हथियार के इस्तेमाल ने उनकी मुश्किलों को काफी बढ़ा दिया है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले ने मुंबई की रिहायशी सोसायटियों में सुरक्षा और लाइसेंसी हथियारों के दुरुपयोग पर एक नई बहस छेड़ दी है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और कोर्ट के फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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Goa Nightclub Fire Tragedy: जश्न मातम में बदला! गोवा के क्लब में आग से 25 की मौत, बिना फायर सेफ्टी चल रहा था ‘मौत का क्लब’

गोवा

गोवा के एक मशहूर Nightclub में भीषण आग लगने से 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि क्लब बिना फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के चल रहा था। जानिए पूरी रिपोर्ट और पुलिस का एक्शन प्लान। गोवा (Goa), जो अपनी शानदार नाइटलाइफ़ और पार्टियों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, वहां बीती रात एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। मौज-मस्ती और संगीत की गूंज के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई। गोवा के एक लोकप्रिय Nightclub में लगी भीषण आग (Massive Fire) ने 25 हंसते-खेलते लोगों की जान ले ली।

यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम और क्लब मालिकों की घोर लापरवाही का नतीजा है। आइए जानते हैं आखिर उस रात क्या हुआ और पुलिस जांच में कौन से चौंकाने वाले खुलासे हुए

गोवा

क्या हुआ उस काली रात को?

चश्मदीदों के मुताबिक, वीकेंड होने के कारण क्लब खचाखच भरा हुआ था। पार्टी अपने शबाब पर थी, तभी अचानक क्लब के एक हिस्से से धुएं का गुबार उठने लगा। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, आग ने पूरे क्लब को अपनी चपेट में ले लिया।

क्लब के अंदर भगदड़ (Stampede) मच गई। संकरे रास्ते और धुएं की वजह से लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, दम घुटने और झुलसने से 25 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं |

जांच में बड़ा खुलासा: बिना ‘फायर सेफ्टी’ चल रहा था क्लब

हादसे के तुरंत बाद शुरू हुई पुलिस और प्रशासन की जांच में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है। जिस क्लब में सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में थी, उसके पास ‘फायर सेफ्टी क्लीयरेंस’ (Fire Safety Clearance/NOC) ही नहीं था।

• क्लब में आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे।

• इमरजेंसी एग्जिट (Emergency Exit) या तो बंद थे या भीड़ के हिसाब से बहुत छोटे थे।

• प्रशासनिक नियमों की धज्जियां उड़ाकर यह क्लब धड़ल्ले से चलाया जा रहा था।

यह साफ तौर पर एक हादसा नहीं, बल्कि मानव निर्मित त्रासदी है।

मालिक फरार, दिल्ली तक पहुंची पुलिस की टीम

हादसे की खबर मिलते ही क्लब के मालिक और मैनेजमेंट के लोग मौके से फरार हो गए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, क्लब के मालिकों की लोकेशन दिल्ली (Delhi) में ट्रेस की गई है।

गोवा पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए मालिकों को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम दिल्ली रवाना कर दी है। पुलिस का कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उन पर गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मामला दर्ज किया जा रहा है।

सरकार और प्रशासन पर उठते सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

• बिना फायर एनओसी (NOC) के यह क्लब इतने दिनों से कैसे चल रहा था?

• क्या स्थानीय प्रशासन की मिलीभगत थी?

• गोवा के बाकी क्लबों में पर्यटकों की सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?

गोवा नाइटक्लब हादसा (Goa Nightclub Tragedy) हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है। आज 25 परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है। उम्मीद है कि प्रशासन इस बार सख्त कार्रवाई करेगा ताकि भविष्य में गोवा जाने वाले किसी भी पर्यटक को ऐसे ‘मौत के क्लब’ का सामना न करना पड़े।

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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल )

Q1: गोवा नाइटक्लब में आग कैसे लगी?

Ans: आग लगने का सटीक कारण अभी जांच का विषय है, लेकिन शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है।

Q2: गोवा आग हादसे में कितने लोगों की जान गई?

Ans: अब तक की रिपोर्ट के अनुसार, इस हादसे में 25 लोगों की मौत हो चुकी है।

Q3: क्या क्लब के पास फायर सेफ्टी लाइसेंस था?

Ans: नहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि क्लब बिना फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के अवैध रूप से चल रहा था।

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