आज सुबह-सुबह पेट्रोल-डीजल को लेकर एक ऐसी बड़ी खबर आई है जिसने पूरे देश का ध्यान खींच लिया है। खबर है कि सरकार ने Petrol Diesel Excise Duty (उत्पाद शुल्क) में बहुत बड़ी कटौती कर दी है। यहां तक कि डीजल पर तो यह टैक्स पूरी तरह से खत्म (Zero) कर दिया गया है!
यह सुनते ही आम आदमी को लग रहा है कि अब पेट्रोल पंप पर जाकर उन्हें सस्ता तेल मिलेगा और महंगाई से राहत मिलेगी। लेकिन क्या सच में ऐसा होने वाला है? आज ‘ApniVani’ के इस विशेष विश्लेषण में हम आपको इस सरकारी फैसले के पीछे का वो ‘कड़वा सच’ बताएंगे, जिसे जानना हर गाड़ी चलाने वाले के लिए बहुत ज़रूरी है।
सरकार ने टैक्स में कितनी कटौती की है? (पूरा गणित)
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताज़ा आदेश के अनुसार, सरकार ने ‘स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी’ (Special Additional Excise Duty) के ढांचे में भारी बदलाव किया है:
- पेट्रोल पर: पहले पेट्रोल पर 13 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगती थी, जिसे अब घटाकर मात्र 3 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
- डीजल पर: डीजल पर पहले 10 रुपये प्रति लीटर ड्यूटी लगती थी, जिसे सरकार ने अब घटाकर बिल्कुल ‘जीरो’ (Nil) कर दिया है।
कागज़ों पर देखने में यह 10-10 रुपये की बहुत बड़ी राहत लग रही है, लेकिन असली खेल इसके बाद शुरू होता है।
सबसे बड़ा ट्विस्ट: आम जनता को क्यों नहीं मिलेगा फायदा?
अगर आपको लग रहा है कि आज आपकी गाड़ी की टंकी सस्ते में फुल हो जाएगी, तो आपको निराशा हाथ लगने वाली है। इस टैक्स कटौती के बाद भी पेट्रोल पंप पर तेल की कीमतों (Retail Prices) में कोई गिरावट नहीं आएगी। दरअसल, यह टैक्स कटौती ‘आम जनता’ के लिए नहीं, बल्कि तेल कंपनियों (OMCs – जैसे Indian Oil, BPCL, HPCL) को बचाने के लिए की गई है। इस समय मध्य-पूर्व (Middle East) में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे भारी तनाव और युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत लगभग $149 प्रति बैरल तक पहुँच गई है।
तेल कंपनियों को भारी घाटा हो रहा था। अगर सरकार यह टैक्स नहीं घटाती, तो कंपनियों को मजबूरी में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने पड़ते। यानी सरकार ने दाम घटाने के लिए नहीं, बल्कि दाम बढ़ने से रोकने के लिए यह कदम उठाया है।

प्राइवेट पेट्रोल पंपों ने तो बढ़ा दिए दाम!
सरकारी तेल कंपनियों (जैसे इंडियन आयल) ने तो दाम स्थिर रखे हैं, लेकिन हालात इतने खराब हैं कि देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल कंपनी ‘नायरा एनर्जी’ (Nayara Energy) ने कल ही पेट्रोल के दाम में 5 रुपये और डीजल में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है!
अफ़वाहों से बचें: इसी बीच हैदराबाद और कई अन्य शहरों में यह अफ़वाह फैल गई है कि पेट्रोल खत्म हो रहा है, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें लग गई हैं (‘पैनिक बाइंग’)। भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है, हमारे पास 2 महीने का पूरा रिज़र्व मौजूद है।
ApniVani की बात
सरकार का एक्साइज ड्यूटी को ज़ीरो करना एक ‘मास्टरस्ट्रोक’ है, जिसने देश को पेट्रोल-डीजल की अचानक बढ़ने वाली महंगाई से बचा लिया है। हालाँकि, इससे तेल सस्ता तो नहीं हुआ, लेकिन बाज़ार में जो आग लगने वाली थी, उस पर पानी ज़रूर डल गया है। हमें वैश्विक हालात सुधरने का इंतज़ार करना होगा।
आपकी राय: क्या आपको लगता है कि सरकार को अपने खजाने से तेल कंपनियों की और मदद करके पेट्रोल के दाम आम जनता के लिए भी सस्ते करने चाहिए? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर साझा करें!