मनोरंजन जगत में विवादों का पुराना नाता रहा है, लेकिन जब बात ‘प्राइवेसी’ और ‘लीक’ की आती है, तो यह मामला गंभीर हो जाता है। हाल ही में ‘बिग बॉस 7’ के चर्चित कंटेस्टेंट और अभिनेता अजाज खान (Ajaz Khan) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर उनका एक कथित अंतरंग (Intimate) वीडियो और कुछ निजी चैट्स वायरल हो रहे हैं। जहाँ एक ओर नेटिज़न्स इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अजाज खान ने इसे खुद को बदनाम करने की एक बड़ी साजिश करार दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 18 जनवरी 2026 के आसपास तब शुरू हुआ जब दिल्ली की एक फिटनेस इन्फ्लुएंसर ‘फिट वर्शा’ ने अजाज खान के साथ कथित निजी चैट के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन चैट्स में अभिनेता को कथित तौर पर दिल्ली आने पर मिलने और “कुछ साथ करने” की बात कहते हुए दिखाया गया। इसके तुरंत बाद सोशल मीडिया पर 2-3 सेकंड का एक धुंधला और अनवेरिफाइड वीडियो वायरल हो गया, जिसमें एक व्यक्ति (जो अजाज खान जैसा दिख रहा है) एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहा है।
अजाज खान ने 19 जनवरी को इंस्टाग्राम पर लाइव आकर इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “वीडियो पूरी तरह से फर्जी है, वायरल हो रहा नंबर मेरा नहीं है और यह केवल सेलिब्रिटी इमेज को नुकसान पहुँचाने के लिए किया गया है।”

डेटा उल्लंघन और डीपफेक का खतरा
अजाज खान का यह मामला वर्तमान समय में ‘डेटा ब्रीच’ और ‘डीपफेक’ तकनीक के खतरनाक इस्तेमाल की ओर इशारा करता है। आज के समय में AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) इतने उन्नत हो गए हैं कि किसी का भी चेहरा और आवाज बदलकर असली जैसा दिखने वाला वीडियो बनाया जा सकता है। बादशाह और रश्मिका मंदाना जैसे कई सितारे पहले भी इसका शिकार हो चुके हैं। CERT-In की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में प्राइवेसी से जुड़ी शिकायतों में 40% की भारी बढ़ोतरी देखी गई है। यह घटना दर्शाती है कि डिजिटल दुनिया में कोई भी सुरक्षित नहीं है।
भारत में ऑनलाइन प्राइवेसी कानून: क्या हैं आपके अधिकार?
इस मामले ने भारतीय डिजिटल कानूनों की मजबूती पर भी सवाल खड़े किए हैं। भारत में प्राइवेसी उल्लंघन के खिलाफ कड़े प्रावधान हैं, लेकिन उनका कार्यान्वयन एक चुनौती है
- IT एक्ट की धारा 66E और 67A: किसी की प्राइवेसी भंग करना और अश्लील सामग्री प्रसारित करना दंडनीय अपराध है। इसके तहत जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकता है।
- डिजिटल इंडिया एक्ट 2026: प्रस्तावित नए कानूनों में डीपफेक कंटेंट पर ‘AI वॉटरमार्क’ अनिवार्य करने की बात की गई है, ताकि असली और नकली की पहचान हो सके।
- प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी: IT रूल्स 2021 के अनुसार, X (ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स को शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर ऐसा कंटेंट हटाना होता है। हालांकि, अजाज खान के मामले में यह वीडियो कई घंटों तक वायरल होता रहा।

एक्सपोज कल्चर और सेलिब्रिटी सेफ्टी
अजाज खान ने अपनी सफाई में ‘आर्यन खान केस’ का उदाहरण देते हुए कहा कि सेलिब्रिटीज को सॉफ्ट टारगेट बनाना आजकल एक ट्रेंड बन गया है। सोशल मीडिया पर ‘एक्सपोज’ कैंपेन के जरिए किसी की सालों की मेहनत को चंद सेकंड के वीडियो से मिट्टी में मिलाया जा सकता है। यह न केवल मानसिक तनाव का कारण बनता है बल्कि व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी अपूरणीय क्षति पहुँचाता है।
विशेषज्ञों की राय और बचाव के तरीके
डिजिटल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विवादों से बचने के लिए ‘डिजिटल हाइजीन’ बहुत जरूरी है।
• 2FA का इस्तेमाल: अपने सोशल मीडिया और क्लाउड स्टोरेज पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन हमेशाचालू रखें।
• चैट सावधानी: किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ संवेदनशील जानकारी या वीडियो साझा न करें।
• लीगल एक्शन: यदि कोई वीडियो वायरल होता है, तो तुरंत साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं और ‘राइट टू बी फॉरगॉटन’ के तहत उसे इंटरनेट से हटाने की मांग करें।
अजाज खान का मामला केवल एक अभिनेता का विवाद नहीं है, बल्कि यह हमारे समाज के डिजिटल भविष्य की एक डरावनी झलक है। जब तक डीपफेक और डेटा सुरक्षा पर सख्त अंतर्राष्ट्रीय कानून नहीं बनते, तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। अजाज खान के मामले में सच्चाई क्या है, यह तो कानूनी जांच के बाद ही साफ होगा, लेकिन इसने डिजिटल प्राइवेसी की बहस को फिर से जिंदा कर दिया है।