जब दिल्ली-एनसीआर में Air Quality Index (AQI) लगातार बढ़कर ‘सेवियर’ श्रेणी (401-450) में पहुंच जाता है, तो Graded Response Action Plan (GRAP) का स्टेज 3 स्वतः लागू हो जाता है। मंगलवार को AQI 425 तक पहुँचने के बाद राजधानी में GRAP 3 के कड़े नियम तुरंत लागू कर दिए गए।
GRAP 3 के तहत क्या-क्या बंद हुआ?
स्टेज 3 लागू होते ही निर्माण-काम (Construction & Demolition), स्टोन क्रशर-माइनिंग, कच्चे माल की ढुलाई जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगी। सार्वजनिक वाहनों, विशेष तौर पर BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चारपहिया वाहनों के संचालन पर सख्त नियंत्रण हुआ। स्कूलों में कक्षा-5 तक इंटरनल या ऑनलाइन मोड की सुविधा दी गई और खुले में कचरा जलाना तथा गैर-जरूरी जेनरेटर इस्तेमाल पर रोक लगाई गई।

क्या नियम काफी होंगे? या जिम्मेदारी बनती है?
GRAP 3 समय-बद्ध आपात उपाय है, लेकिन हवा तुरंत साफ़ हो जाएगी—यह झूठी उम्मीद है। मुद्दा सिर्फ प्रशासन का नहीं; नागरिकों, वाहन-उपयोगकर्ता, निर्माणकर्ता, और औद्योगिक इकाइयों का व्यवहार भी बदलना ज़रूरी है। क्या हम सिर्फ सर्दियों में प्रतिबंध लगाकर उद्योग-वाहन-धूल पर अंकुश लगा लेंगे? या पूरे साल जीवनशैली-परिवर्तन के लिए भी तैयार रहेंगे?
जब राजधानी ने “साँस लेने का अधिकार” खोने जैसा अनुभव किया, तो यह सिर्फ अभियान नहीं बल्कि परिवर्तन-सूचक चुनौती बन गई। GRAP 3 सिर्फ पहला कदम है—अब सवाल है: क्या हम इस नियम को आदत, जिम्मेदारी और कार्रवाई में बदल पाएंगे? क्योंकि हवा को नहीं बल्कि भविष्य को साफ-सुरक्षित बनाना है।