बिहार की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत हो चुकी है। दशकों तक बिहार की सत्ता के निर्विवाद केंद्र रहे नीतीश कुमार ने मंगलवार (14 अप्रैल 2026) को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। और आज (15 अप्रैल), वो इतिहास रचा जा रहा है जिसका इंतज़ार भारतीय जनता पार्टी (BJP) पिछले कई दशकों से कर रही थी।
आज सुबह ठीक 11 बजे, सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं। ‘Ek Satya’ की इस एक्सक्लूसिव और डीप-रिसर्च राजनीतिक रिपोर्ट में आइए जानते हैं बिहार में हुए इस बड़े उलटफेर, आज के शपथ ग्रहण समारोह और सम्राट चौधरी के राजनीतिक सफर से जुड़ी 5 सबसे बड़ी और अहम बातें।
नीतीश कुमार की विदाई: ‘सुशासन बाबू’ युग का अंत
बिहार में पिछले दो दशकों से ‘सुशासन बाबू’ के नाम से मशहूर नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री के रूप में लंबा सफर अब खत्म हो गया है। हाल ही में उनके राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद, मंगलवार को उन्होंने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को पटना के ‘लोक भवन’ में अपना आधिकारिक इस्तीफा सौंप दिया।
इस्तीफा देने के बाद एनडीए (NDA) विधायक दल की एक अहम बैठक हुई। इस बैठक की सबसे खूबसूरत तस्वीर वो थी जब खुद नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी का फूल-मालाओं से स्वागत किया, उनकी पीठ थपथपाई और अपना आशीर्वाद दिया।
75 साल के इतिहास में पहली बार BJP का ‘अपना’ मुख्यमंत्री
यह पल भारतीय जनता पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक जीत है। 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में 89 विधायकों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अब तक ‘छोटे भाई’ की भूमिका में थी।
लेकिन अब महाराष्ट्र की तर्ज़ पर बीजेपी ने यहाँ भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में हुई बैठक में वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसी के साथ सम्राट चौधरी बिहार के इतिहास में पहले विशुद्ध BJP मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं।

आज 11 बजे होगा शपथ ग्रहण समारोह (Oath Ceremony)
आज (बुधवार, 15 अप्रैल 2026) का दिन पटना की सड़कों के लिए किसी बड़े त्योहार से कम नहीं है।
समय और स्थान: सम्राट चौधरी आज सुबह ठीक 11:00 बजे पटना के प्रतिष्ठित ‘लोक भवन’ (Lok Bhavan) में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
इस भव्य समारोह में केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान सहित एनडीए के कई दिग्गज नेता और केंद्रीय मंत्री मौजूद रहेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर है और पूरे पटना को नए मुख्यमंत्री के स्वागत वाले बैनरों से पाट दिया गया है।
सत्ता का नया समीकरण: JD(U) से होंगे 2 डिप्टी सीएम
बीजेपी भले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गई है, लेकिन गठबंधन (NDA) के समीकरण को साधे रखने के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया गया है।
राजनीतिक सूत्रों और ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई सरकार में जनता दल यूनाइटेड (JD(U)) के सम्मान को बनाए रखने के लिए JD(U) कोटे से दो उपमुख्यमंत्री (Deputy CMs) बनाए जाने की पूरी संभावना है। यह सत्ता का एक ऐसा बैलेंस है जो यह सुनिश्चित करेगा कि 2026 के इस राजनीतिक बदलाव के बाद भी NDA पूरी मजबूती से काम करे।
राबड़ी देवी के मंत्री से लेकर BJP के CM तक का सफर
आखिर सम्राट चौधरी ही क्यों? सम्राट चौधरी का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प और कड़े संघर्षों वाला रहा है। एक मजबूत राजनीतिक परिवार से आने वाले सम्राट ने 1999 में ‘राष्ट्रीय जनता दल’ (RJD) से शुरुआत की थी और राबड़ी देवी सरकार में मंत्री भी रहे।
BJP में उदय: 2018 में बीजेपी ज्वाइन करने के बाद, उन्होंने कोइरी-कुशवाहा (OBC) समाज में पार्टी की पैठ बनाई।
आक्रामक छवि: वह अपनी आक्रामक बयानबाजी और सिर पर बंधी पगड़ी (मुरैठा) के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कभी संकल्प लिया था कि जब तक नीतीश कुमार को गद्दी से नहीं हटा देंगे, तब तक पगड़ी नहीं खोलेंगे। आज राजनीति का यह अजब संयोग है कि वह उन्हीं नीतीश कुमार से सत्ता का हस्तांतरण ले रहे हैं।
Apnivani की बात
नीतीश कुमार का यूं शांति से सत्ता छोड़ना और सम्राट चौधरी का सीएम बनना, भारतीय राजनीति का एक बहुत बड़ा मास्टरस्ट्रोक है। एक ऐसे राज्य में जहाँ जातिगत समीकरण सबसे ज़्यादा मायने रखते हैं, वहां एक मजबूत OBC चेहरे को आगे करके बीजेपी ने एक दूरदर्शी दांव खेला है। अब पूरा बिहार यह देखने को उत्सुक है कि ‘नए सम्राट’ के नेतृत्व में राज्य में विकास और रोजगार की क्या नई कहानी लिखी जाती है।
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