भारत में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) उद्योग के लिए यह वर्ष ऐतिहासिक रहा। पूरे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का कुल रजिस्ट्रेशन पहली बार 20 लाख (2 मिलियन) के आँकड़े को पार कर गया है। यह उपलब्धि स्पष्ट संकेत देती है कि भारतीय उपभोक्ता अब बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ रहे हैं और हरित परिवहन की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुके हैं।
भारत में EV अपनाने की बड़ी छलांग
इस रिकॉर्ड वृद्धि ने साबित किया है कि लोग अब पेट्रोल-डीजल वाहनों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहनों को अधिक भरोसेमंद, किफायती और पर्यावरण हितैषी विकल्प मान रहे हैं। EV अब सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि परिवहन क्षेत्र का मजबूत भविष्य बनते जा रहे हैं।
तेज़ वृद्धि के मुख्य कारण
1. सरकारी नीतियाँ और प्रोत्साहन
- केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं ने EV अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
- FAME-II योजना
- विभिन्न राज्यों में रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट.
- उद्योग और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
- इनने EV खरीदना आम लोगों के लिए आसान और किफायती बनाया।

2. अधिक मॉडल और विकल्प उपलब्ध होना
स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, SUV और थ्री-व्हीलर तक, आज बाजार में हर वर्ग और बजट के लिए कई इलेक्ट्रिक विकल्प मौजूद हैं। इससे उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार बेहतर चुनने का अवसर मिला।
3. कम परिचालन लागत
पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच EV चलाने की लागत काफी कम है। मेंटेनेंस लागत भी बेहद कम होने के कारण उपभोक्ता इनके प्रति तेजी से आकर्षित हो रहे हैं।
4. चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
घरों, दफ्तरों और शहरों में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि अभी भी पूरी तरह पर्याप्त नहीं, लेकिन बढ़ते नेटवर्क से उपभोक्ताओं की रेंज को लेकर चिंता कम हुई है।
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की सबसे बड़ी बढ़त
•20 लाख EV रजिस्ट्रेशन में सबसे बड़ा योगदान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (E2W) का रहा।
•कुल EV रजिस्ट्रेशन में 57 प्रतिशत से अधिक हिस्सा
•इस वर्ष अब तक 11.6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक दोपहिया बिके
पिछले वर्ष की कुल बिक्री को पार किया
Ola Electric, TVS Motors और Bajaj Auto जैसे ब्रांड इस सेगमेंट में अग्रणी हैं, जिनकी संयुक्त बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत है
अन्य सेगमेंट का प्रदर्शन
•इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (E3W)
यात्री और कार्गो परिवहन दोनों में इनकी मांग तेजी से बढ़ी है। वॉल्यूम के मामले में यह दूसरा सबसे बड़ा EV सेगमेंट है। इलेक्ट्रिक कार और SUV
बेहतर रेंज, किफायती मॉडल और सुविधाओं के कारण यह सेगमेंट भी मजबूत वृद्धि दर्ज कर रहा है।टाटा मोटर्स इस सेगमेंट की अग्रणी कंपनी है. इसके बाद MG Motor का स्थान है.
राज्यवार प्रदर्शन-
EV बिक्री में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और दिल्ली शीर्ष पर रहे। इन पांच राज्यों ने मिलकर देश के कुल EV बाजार में लगभग 50 प्रतिशत योगदान दिया। सरकारी जागरूकता अभियान और सब्सिडी इसका महत्वपूर्ण कारण रहे।

