रुक जाओ! अगर आप हवाई यात्रा करने वाले हो तो बिना ये न्यूज़ पढ़े मत निकलो घर के बाहर—जानें एयरपोर्ट्स पर क्या है ‘GPS स्पूफिंग’ का नया खतरा

हवाई यात्रा

क्या आप आने वाले दिनों में हवाई यात्रा (Air Travel) करने का प्लान बना रहे हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। पिछले कुछ घंटों से देश के प्रमुख हवाई अड्डों से ऐसी खबरें आ रही हैं जिन्होंने यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे मेट्रो शहरों के एयरपोर्ट्स पर दोहरी मुसीबत आन पड़ी है—एक तरफ चेक-इन सिस्टम में तकनीकी खराबी और दूसरी तरफ ‘GPS स्पूफिंग’ (GPS Spoofing) का गहराता खतरा।

आखिर यह ‘GPS स्पूफिंग’ क्या बला है? क्यों एयर इंडिया (Air India) को एडवाइजरी जारी करनी पड़ी? और क्या आपकी फ्लाइट सुरक्षित है? आइए, इस ब्लॉग में आसान भाषा में सबकुछ समझते हैं।

हवाई यात्रा

1. क्या हो रहा है देश के एयरपोर्ट्स पर?

  • हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, देश के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दो मुख्य समस्याएं सामने आई हैं:
  • चेक-इन सिस्टम ठप: कई एयरलाइंस के नेटवर्क में तकनीकी दिक्कत आने से चेक-इन काउंटर पर लंबी लाइनें लग गई हैं। जो काम मिनटों में होता था, उसमें घंटों लग रहे हैं।
  • GPS में छेड़छाड़: इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि विमानों के नेविगेशन सिस्टम (Navigation System) को गलत सिग्नल मिल रहे हैं, जिसे तकनीकी भाषा में ‘GPS स्पूफिंग’ कहा जाता है।

2. क्या है ‘GPS स्पूफिंग’?

आपने अपने फोन में GPS का इस्तेमाल किया होगा जो आपको सही रास्ता दिखाता है। ठीक वैसे ही विमान हवा में रास्ता खोजने के लिए GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) का इस्तेमाल करते हैं।

GPS स्पूफिंग (Spoofing) एक तरह का साइबर हमला या तकनीकी गड़बड़ी है:

  • इसमें विमान के सिस्टम को ‘नकली सिग्नल’ (Fake Signals) भेजे जाते हैं।
  • परिणामस्वरूप, पायलट को लगता है कि विमान किसी और जगह है, जबकि वास्तव में वह कहीं और होता है।
  • उदाहरण: मान लीजिए विमान दिल्ली के ऊपर उड़ रहा है, लेकिन स्पूफिंग की वजह से सिस्टम दिखा सकता है कि वह जयपुर या किसी प्रतिबंधित क्षेत्र (जैसे पाकिस्तान बॉर्डर के पास) में है।
  • यह स्थिति पायलटों के लिए बहुत भ्रमित करने वाली होती है और सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर है।

3. सरकार और एयरलाइंस का क्या कहना है?

इस मुद्दे की गूंज अब संसद (Parliament) तक पहुँच गई है। सरकार ने भी माना है कि दिल्ली एयरपोर्ट के आस-पास ‘GPS जैमिंग’ और ‘स्पूफिंग’ की घटनाएं बढ़ी हैं।

  • Air India की एडवाइजरी: एयर इंडिया ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि तकनीकी खराबी के कारण फ्लाइट्स में देरी हो सकती है। उन्होंने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे एयरपोर्ट जल्दी पहुँचें।
  • DGCA और सुरक्षा एजेंसियां: मामले की जांच कर रही हैं। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि ग्राउंड रडार सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है, जिससे विमानों की लैंडिंग और टेक-ऑफ को सुरक्षित रूप से मैनेज किया जा रहा है।

4. यह खतरा अचानक क्यों बढ़ा?

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समस्या अक्सर मध्य पूर्व (Middle East) के ऊपर से गुजरने वाले विमानों में देखी जाती थी, लेकिन अब भारतीय शहरों (विशेषकर दिल्ली और मुंबई) में इसका बढ़ना चिंताजनक है।

इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

  • कुछ अज्ञात स्रोतों द्वारा सिग्नल्स के साथ छेड़छाड़।
  • हाई-टेक जैमर्स का अवैध इस्तेमाल।
  • सिस्टम में कोई बड़ा सॉफ्टवेयर बग (Bug)
  • हवाई यात्रा

5. यात्रियों के लिए जरूरी सलाह (Travel Tips)

अगर आपकी फ्लाइट अगले 24-48 घंटों में है, तो इन बातों का ध्यान रखें:

  • समय से पहले निकलें: सामान्य से कम से कम 1 घंटा अतिरिक्त लेकर चलें। चेक-इन में वक्त लग सकता है।
  • फ्लाइट स्टेटस चेक करें: घर से निकलने से पहले अपनी एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर फ्लाइट का स्टेटस जरूर देख लें।
  • पैनिक न करें: भारतीय पायलट दुनिया के सबसे बेहतरीन पायलटों में से एक हैं और वे बिना GPS के भी रडार और एटीसी (ATC) की मदद से विमान उड़ाने में सक्षम हैं। आप सुरक्षित हाथों में हैं।

तकनीक जहां हमारा जीवन आसान बनाती है, वहीं इस तरह की खामियां नई चुनौतियां भी खड़ी करती हैं। ‘GPS स्पूफिंग’ एक गंभीर मसला है जिसे सरकार और एविएशन इंडस्ट्री को प्राथमिकता से सुलझाना होगा।

फिलहाल, हम यही उम्मीद करते हैं कि यह समस्या जल्द ठीक हो जाए और आपकी यात्रा मंगलमय हो। आपका अनुभव: क्या आपने हाल ही में एयरपोर्ट पर किसी तरह की देरी या तकनीकी दिक्कत का सामना किया? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

जुड़े रहें हमारे साथ, देश-दुनिया की ताजा और सटीक खबरों के लिए!

Read more