कोलकाता हिल गया : बांग्लादेश में आए 5.7 तीव्रता के भूकंप से पूरे शहर में मची हलचल, जानिए कितने की हुई छत्ती

भूकंप

बुलेट पॉइंट में सारांश

•कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में सुबह 10:10 बजे भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए।

•भूकंप का केंद्र बांग्लादेश के नर्सिंगदी जिले के पास था।

•इसकी तीव्रता 5.7 मैग्नीट्यूड और गहराई सिर्फ 10 किमी दर्ज की गई।

•तेज झटकों से लोग घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए, कई इलाकों में हल्की दहशत देखी गई।

•अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं है।

•प्रशासन और NCS स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं।

आज सुबह करीब 10:10 बजे, कोलकाता और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अचानक ज़मीन हिलती हुई महसूस हुई, जिससे लोग घबरा कर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। ये झटके वास्तव में बांग्लादेश में आए 5.7 मैग्नीट्यूड के भूकंप के कारण थे, जिसका केंद्र नर्सिंगदी ज़िले के पास, बेहद कम यानी सिर्फ 10 किलोमीटर गहराई पर था। भूकंप की गहराई जितनी कम होती है, झटके उतने ही तेज महसूस होते हैं — यही वजह रही कि कोलकाता, सॉल्ट लेक, न्यू टाउन, राजरहाट जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लोग स्पष्ट कंपन महसूस कर सके।

भूकंप

झटके कुछ ही सेकंड के थे, लेकिन इतने मजबूत कि लोगों को लगा कि उनकी बिल्डिंग हल्के-हल्के हिल रही है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने लिखा कि पंखे और दरवाजे भी हिलते हुए दिखाई दिए। शहर के कई हिस्सों में लोग एहतियातन सड़क पर उतर आए, हालांकि बाद में अधिकारियों ने बताया कि अभी तक कहीं से भी किसी बड़े नुकसान, इमारत गिरने या किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है। कोलकाता पुलिस और नगर प्रशासन ने नागरिकों से शांत रहने की अपील की है और स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

यह भी ध्यान देने योग्य है कि कोलकाता सिस्मिक ज़ोन-III में आता है, यानी यहां मध्यम स्तर का भूकंपीय जोखिम रहता है। पिछले कुछ महीनों में बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश क्षेत्र में कई बार हल्की से मध्यम तीव्रता की गतिविधियाँ दर्ज की गई हैं, जिससे विशेषज्ञ मानते हैं कि इस क्षेत्र में टेक्टोनिक दबाव सक्रिय बना हुआ है। अच्छी बात यह है कि आज का भूकंप अपेक्षाकृत सतही था और उसकी ऊर्जा बहुत दूर तक नुकसान पहुँचाने वाली साबित नहीं हुई।

भूकंप

हालाँकि स्थिति अब सामान्य है, फिर भी अधिकारियों ने सलाह दी है कि नागरिक किसी भी तरह की पुरानी, कमजोर या दरार वाली इमारतों में रहने से पहले उनकी स्थिति की जाँच करवा लें। साथ ही, छोटे-मोटे भूकंपीय झटकों के बाद कभी-कभी हल्के आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं, इसलिए सावधानी रखना बेहतर होता है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर अपडेट जारी किए जाएँगे।

आज के झटकों ने एक बार फिर सभी को याद दिलाया है कि भूकंप जैसे प्राकृतिक हादसे बिना चेतावनी के आते हैं, और एक छोटे से सुरक्षा किट, सही जानकारी और थोड़ी-सी तैयारी बहुत बड़ा फर्क ला सकती है। फिलहाल राहत की बात यह है कि कोलकाता में जीवन सामान्य हो गया है, और शुरुआती आकलन के अनुसार किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

Read more