पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर Instagram और X (Twitter) पर एक “19-minute viral video” नाम का कीवर्ड जंगल में आग की तरह फैल रहा है। हर कोई इस वीडियो के बारे में बात कर रहा है, लिंक मांग रहा है और तरह-तरह के दावे कर रहा है।
दावा किया जा रहा है कि यह एक 19 मिनट 34 सेकंड का प्राइवेट वीडियो है जो किसी होटल के कमरे का है। लेकिन रुकिए! जो आप देख रहे हैं या सुन रहे हैं, क्या वह सच है? या फिर आप भी AI (Artificial Intelligence) और Deepfake के एक बड़े जाल में फंस रहे हैं? इस ब्लॉग में हम इस वायरल कंट्रोवर्सी की एक-एक परत खोलेंगे।
क्या है 19-Minute Viral Video Controversy?
नवंबर के आखिरी हफ्ते और दिसंबर की शुरुआत में, इंटरनेट पर एक वीडियो को लेकर चर्चा शुरू हुई। इसे “19-minute MMS” कहा गया।
•दावा: वीडियो में एक कपल को आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है।
•अफवाह: सोशल मीडिया यूजर्स ने बिना किसी सबूत के इस वीडियो को मशहूर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर Sweet Zannat और कुछ अन्य लोगों से जोड़ना शुरू कर दिया।
•ट्विस्ट: जैसे-जैसे बात बढ़ी, यह सामने आया कि इस वीडियो के “Season 2” और “Season 3” भी आ रहे हैं। यहीं से शक गहरा गया कि क्या यह वीडियो असली है भी या नहीं?

Sweet Zannat ने तोड़ी चुप्पी: “मेरे ऊपर किसी और का कांड क्यों?”
जब यह मामला बढ़ा, तो मेघालय की लोकप्रिय इन्फ्लुएंसर Sweet Zannat के कमेंट सेक्शन में लोग “19 minute” स्पैम करने लगे। उन्हें इस कदर परेशान किया गया कि उन्हें एक क्लेरिफिकेशन वीडियो जारी करना पड़ा।
Zannat ने अपनी सफाई में कुछ अहम बातें कहीं जो इस Fake News की पोल खोलती हैं:
•चेहरा नहीं मिलता: उन्होंने अपने वीडियो में साफ कहा, “पहले मुझे देखो, फिर उस वीडियो वाली लड़की को देखो। क्या हम सेम दिखते हैं? बिल्कुल नहीं!”
•भाषा का अंतर: वायरल वीडियो में लड़की फर्राटेदार अंग्रेजी (English) बोल रही है। Zannat ने मजाक में कहा, “भाई, वो इंग्लिश बोल रही है और मैंने तो 12वीं के बाद पढ़ाई भी ठीक से नहीं की। यह मैं कैसे हो सकती हूं?”
•गलत पहचान (Misidentification): यह साफ हो गया कि लोग सिर्फ मजे लेने के लिए किसी भी इन्फ्लुएंसर का नाम इस वीडियो के साथ जोड़ रहे हैं।

Deepfake और AI का खतरनाक खेल
इस पूरे मामले में सबसे डरावना पहलू Artificial Intelligence (AI) का है। एक्सपर्ट्स और साइबर सेल की शुरुआती जांच से यह संकेत मिल रहे हैं कि जिसे लोग “लीक MMS” समझ रहे हैं, वह दरअसल Deepfake Technology का नतीजा हो सकता है।
•Deepfake क्या है?यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें AI का इस्तेमाल करके किसी असली इंसान के चेहरे को किसी अश्लील वीडियो में दूसरे के चेहरे पर लगा दिया जाता है। यह इतना असली दिखता है कि आम इंसान फर्क नहीं कर पाता।
•AI Generated Clips: “Season 2” और “Season 3” जैसे नामों से आने वाले वीडियो इस बात का सबूत हैं कि इन्हें जानबूझकर क्रिएट किया जा रहा है ताकि व्यूज और स्कैम लिंक्स को बढ़ावा दिया जा सके।
सावधान! वीडियो शेयर करना आपको जेल भेज सकता है –
अगर आपके पास ऐसा कोई वीडियो व्हाट्सएप या टेलीग्राम पर आता है, तो उसे आगे फॉरवर्ड करने से पहले हजार बार सोचें।
•IT Act Section 67: भारत में किसी भी तरह का अश्लील (obscene) कंटेंट इलेक्ट्रॉनिक रूप से पब्लिश या शेयर करना गैर-कानूनी है।
•सजा: ऐसा करने पर आपको 3 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है।
•AI कानून: अगर वीडियो डीपफेक है और किसी की छवि खराब करने के लिए बनाया गया है, तो सजा और भी सख्त हो सकती है।
19-minute viral video controversy हमें यह सिखाती है कि इंटरनेट पर हर चमकती चीज सोना नहीं होती। जिसे आप “लीक” समझ रहे हैं, वह किसी शातिर दिमाग और AI टूल का कारनामा हो सकता है। Sweet Zannat जैसी इन्फ्लुएंसर्स सिर्फ इस भीड़ का शिकार बनी हैं।

हमारी सलाह:
- किसी भी वायरल लिंक पर क्लिक न करें (यह आपके फोन को हैक कर सकता है)।
- अफवाहों को सच मानकर किसी को ट्रोल न करें।
- AI और Deepfake के इस दौर में अपनी आंखों पर नहीं, तथ्यों पर भरोसा करें।
- इस खबर को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि वे भी इस Fake Trap में फंसने से बच सकें।