बिहार पुलिस ने महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड'(Abhaya Brigade)की शुरुआत की है। जानिए क्या है यह स्पेशल स्क्वाड, कहाँ होगी तैनाती और कैसे यह मनचलों पर नकेल कसेगी। पूरी रिपोर्ट पढ़ें। क्या आप भी अपनी बेटी, बहन या खुद के कॉलेज/कोचिंग जाने को लेकर सुरक्षा की चिंता करती हैं? बिहार में अब यह चिंता खत्म होने वाली है।
बिहार पुलिस ने महिला सुरक्षा (Women Safety) की दिशा में एक ऐतिहासिक और सख्त कदम उठाया है।
राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में अब मनचलों और छेड़खानी करने वालों की खैर नहीं होगी। पुलिस ने ‘अभया ब्रिगेड’ (Abhaya Brigade) नाम से एक विशेष गश्ती दल (Special Patrolling Unit) तैयार किया है। यह सिर्फ़ एक पुलिस टीम नहीं, बल्कि सड़कों पर बेटियों के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ है।
आइए, विस्तार से जानते हैं कि आखिर क्या है यह ‘अभया ब्रिगेड’ और यह कैसे काम करेगी।

क्या है ‘अभया ब्रिगेड’?
‘अभया ब्रिगेड’ बिहार पुलिस की एक विशेष पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों, विशेषकर छेड़खानी (Eve-teasing) और भद्दी टिप्पणियों को रोकना है।
इस ब्रिगेड की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से एक्शन मोड में रहेगी। इसमें शामिल पुलिसकर्मी विशेष ट्रेनिंग के साथ तैनात होंगे और आधुनिक संसाधनों से लैस होंगे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
कहाँ-कहाँ होगी ‘अभया ब्रिगेड’ की तैनाती?
अक्सर देखा गया है कि स्कूल या कोचिंग की छुट्टी के समय भीड़भाड़ का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व लड़कियों को परेशान करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार पुलिस ने ‘हॉटस्पॉट्स’ की पहचान की है।
अभया ब्रिगेड मुख्य रूप से इन जगहों पर तैनात रहेगी:
- कोचिंग सेंटर्स: पटना के बोरिंग रोड, नया टोला जैसे इलाकों और अन्य जिलों के कोचिंग हब।
- स्कूल और कॉलेज: छात्राओं के स्कूल आने-जाने के समय (सुबह और दोपहर)।
- पार्क और मॉल: शाम के समय जहाँ महिलाओं की आवाजाही ज्यादा होती है।
- भीड़भाड़ वाले बाजार: जहाँ छेड़खानी की घटनाएं अक्सर रिपोर्ट की जाती हैं।
अभया ब्रिगेड की कार्यशैली: कैसे कसेगी नकेल?
यह सिर्फ़ नाम की गश्ती नहीं होगी, बल्कि इसका असर भी धरातल पर दिखेगा। इसकी कार्यशैली (Modus Operandi) कुछ इस प्रकार होगी:
- विशेष गश्ती वाहन: अभया ब्रिगेड के लिए विशेष स्कूटी या बाइक दस्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है जो संकरी गलियों में भी आसानी से जा सकें।
- सादे कपड़ों में निगरानी: कई बार पुलिस की वर्दी देखकर मनचले भाग जाते हैं, इसलिए रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ टीमें सादे कपड़ों (Civil Dress) में भी भीड़ का हिस्सा बनकर निगरानी रखेंगी।
- त्वरित कार्रवाई (Rapid Action): जैसे ही कोई संदिग्ध गतिविधि दिखेगी या कोई छात्रा शिकायत करेगी, यह टीम तुरंत मौके पर एक्शन लेगी।
- 112 से सीधा संपर्क: यह टीम डायल 112 (Emergency Response Support System) से सीधे जुड़ी रहेगी।
बिहार पुलिस का संदेश: ‘डरें नहीं, बस एक कॉल करें’
इस पहल के साथ बिहार पुलिस ने छात्राओं और महिलाओं को यह संदेश दिया है कि वे अब खुद को अकेला न समझें। पुलिस महानिदेशक (DGP) और वरीय अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश है कि महिलाओं की शिकायत पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए।
सुरक्षा टिप: अगर आप बिहार में हैं और आपको किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी समस्या हो, तो तुरंत 112 डायल करें। अब ‘अभया ब्रिगेड’ आपकी मदद के लिए आसपास ही मौजूद रहेगी।
‘अभया ब्रिगेड’ की शुरुआत बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यह न केवल अपराधियों में खौफ पैदा करेगी, बल्कि छात्राओं के अंदर आत्मविश्वास भी जगाएगी कि “सिस्टम उनके साथ खड़ा है।”
अब देखना यह है कि जमीनी स्तर पर इसका कितना प्रभाव पड़ता है, लेकिन शुरुआत निश्चित रूप से सराहनीय है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: अभया ब्रिगेड क्या है?
Ans: यह बिहार पुलिस द्वारा शुरू की गई एक विशेष गश्ती दल है जो स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के पास महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
Q2: क्या अभया ब्रिगेड पूरे बिहार में लागू है?
Ans: इसकी शुरुआत पटना और प्रमुख शहरों से हो रही है, जिसे धीरे-धीरे पूरे राज्य में विस्तार दिया जाएगा।
Q3: आपात स्थिति में पुलिस से कैसे संपर्क करें?
Ans: आप अपने मोबाइल से 112 डायल करके तुरंत मदद मांग सकती हैं।
नोट: अगर आपको यह जानकारी महत्वपूर्ण लगी हो, तो इसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ व्हाट्सएप पर जरूर शेयर करें। जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है।