पाकिस्तान में बड़ा औद्योगिक हादसा: फैसलाबाद की गोंद फैक्ट्री में धमाका, 15 मजदूरों की मौत,वजह हैरान कर देने वाली निकली

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Summary (Bullet Points)

  • पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में गोंद बनाने वाली फैक्ट्री में जोरदार धमाका।
  • हादसे में कम से कम 15 मजदूरों की मौत, कई घायल।
  • पहले बॉयलर ब्लास्ट बताया गया, बाद में पता चला कि विस्फोट गैस रिसाव से हुआ।
  • धमाके से फैक्ट्री की इमारत ढही, आसपास के कई घरों को भी नुकसान।
  • 20+ एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर; घंटों चला बचाव अभियान।
  • फैक्ट्री मालिक फरार, मैनेजर गिरफ्तार।
  • पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने जांच के आदेश दिए और घायलों के इलाज के निर्देश।
  • पाकिस्तान में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की कमी फिर उजागर हुई।

फैसलाबाद (पंजाब, पाकिस्तान): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शुक्रवार तड़के एक गोंद बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के घरों में भी दरारें पड़ गईं।

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कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक घटना फैसलाबाद के मलिकपुर इलाके में सुबह करीब 5:30 बजे घटी, जब फैक्ट्री के मजदूर अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। पहले माना गया कि धमाका बॉयलर फटने से हुआ, लेकिन बाद में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में कोई बॉयलर था ही नहीं।

जांच में सामने आया कि धमाका गैस रिसाव (Gas Leakage) की वजह से हुआ, जिसके कारण आग भड़क उठी और देखते ही देखते फैक्ट्री ध्वस्त हो गई। तेज आग ने पास की दूसरी फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।

  • बचाव कार्य: मलबे में कई मजदूर फंसे
  • धमाके के बाद घटनास्थल पर 20 से अधिक एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां पहुंचीं।
  • बचाव दल ने कई घंटों तक मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला।

घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।बचाव कार्य पूरा होने के बाद इलाके को सील कर दिया गया है और मलबा हटाने का काम जारी है।

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फैक्ट्री मालिक फरार, मैनेजर गिरफ्तार

घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री का मालिक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर को हिरासत में ले लिया है।पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की भारी कमी थी और गैस सिस्टम की देखरेख ठीक तरीके से नहीं की गई थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ़ ने हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए। साथ ही, घटना पर उच्च-स्तरीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पाकिस्तान में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की कमी पहले भी कई बड़े हादसों की वजह बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर निरीक्षण और सुरक्षा उपकरण लगाए जाते, तो इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

पाकिस्तान में बढ़ते औद्योगिक हादसे

इस साल फैसलाबाद और लाहौर जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में कई बार फैक्ट्रियों में आग और धमाकों की घटनाएँ सामने आई हैं। कामगारों का कहना है कि मालिक श्रमिकों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते और पुरानी मशीनें ही चलती रहती हैं।

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लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल पकड़ा गया! बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई

लॉरेंस बिश्नोई

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निर्वासित (Deport) किए जाने के बाद NIA ने दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया, और वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित था। गुरुवार को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने पर जब उसे दिल्ली लाया गया, उसी समय NIA की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया गया।

अनमोल बिश्नोई पिछले कई महीनों से अमेरिका में छिपा हुआ था, जहां भारतीय जांच एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उसे ट्रैक किया और आखिरकार पकड़ने में सफलता हासिल की। अमेरिकी अधिकारियों ने भारत सरकार के अनुरोध पर उसे वापस भेजा, जिसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।

12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में हुए बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि अनमोल बिश्नोई ने ही इस हत्या की साजिश रचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसने ही शूटर्स को निर्देश देकर हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए सुपरवाइज किया। कई सूत्रों ने बताया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय व्यक्ति अनमोल ही था।

लॉरेंस बिश्नोई

NIA का कहना है कि अनमोल के पास इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान सामने लाया जाएगा—जैसे हत्या की योजना कैसे बनी, किन लोगों ने मदद की, और गैंग के कौन-कौन से सदस्य इसमें शामिल रहे।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को देश के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में से एक माना जाता है, और इसके सदस्य भारत और विदेश दोनों जगह सक्रिय हैं। अनमोल को इस गैंग का प्रमुख ऑपरेटर माना जाता है और उस पर हत्या, धमकी और संगठित अपराध जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अनमोल की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है, क्योंकि इससे न केवल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच को मजबूती मिलेगी बल्कि बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी कमजोर करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में NIA की पूछताछ से कई अहम खुलासों की उम्मीद की जा रही है।

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जापान में सकुराजिमा ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट, 4.4 किमी ऊंचा उठा राख का गुबार, 30 उड़ानें रद्द

जापान

जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी रविवार को लगातार कई बार फटा, जिसके बाद आसमान में 4.4 किलोमीटर तक धुआं और राख का विशाल गुबार देखने को मिला। इस खतरनाक गतिविधि की वजह से कागोशिमा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली करीब 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

कब-कब हुए विस्फोट?

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार पहला बड़ा विस्फोट रात 1 बजे हुआ दूसरा 2:30 बजे तीसरा सुबह 8:50 बजे दर्ज किया गया यह लगभग 13 महीनों में पहली बार है जब ज्वालामुखी ने 4 किमी से ज्यादा ऊंचाई तक राख उगली है।

राख का खतरा और अलर्ट

जापान

राख का गुबार उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है और कागोशिमा के साथ मियाज़ाकी प्रान्त में भी राख गिरने की आशंका जताई गई है। ज्वालामुखी चेतावनी स्तर को लेवल 3 पर रखा गया है, जिसके तहत क्रेटर के आसपास लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है।

उड़ानों पर बड़ा असर

घने राख के कारण विजिबिलिटी प्रभावित हुई और सुरक्षा को देखते हुए एयरलाइंस ने करीब 30 उड़ानें कैंसल कर दीं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना पड़ा, हालांकि विमान कंपनियों ने जल्द पुनः संचालन का भरोसा दिया है।

क्या किसी को नुकसान हुआ?

अधिकारियों के मुताबिक— किसी के घायल होने की खबर नहीं. किसी तरह की संरचनात्मक क्षति भी नहीं दर्ज हालांकि ज्वालामुखी से निकलने वाले बड़े-बड़े पत्थर क्रेटर के पास बने फिफ्थ स्टेशन तक पहुंचे, जो विस्फोट की ताकत को दिखाता है।

सकुराजिमा: जापान का सक्रिय ज्वालामुखी

सकुराजिमा जापान के सबसे सक्रिय स्ट्रैटोवोलकैनोज़ में से एक है, जहाँ लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहते हैं। 2019 में यहां से 5.5 किलोमीटर तक राख उगली थी। यह ज्वालामुखी अपनी तेज गतिविधि और लगातार बदलते हालात के लिए जाना जाता है।

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भारत को डबल झटका! कप्तान गिल चोटिल होकर बाहर |

भारत

\दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के बीच भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। कप्तान शुभमन गिल गर्दन में मोच (Neck Sprain) आने के चलते मैच के बीच से ही बाहर हो गए हैं। चोट इतनी गंभीर बताई जा रही है कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

कैसे लगी चोट?

दूसरे दिन भारतीय पारी के दौरान गिल ने दक्षिण अफ्रीकी स्पिनर साइमन हार्मर की गेंद पर ‘स्लॉग स्वीप’ खेलने की कोशिश की। शॉट खेलते समय उनकी गर्दन अचानक जकड़ गई और तेज दर्द उठा। दर्द इतना बढ़ गया कि वे कुछ देर बाद मैदान पर खड़े भी नहीं रह सके। फिजियो ने उनकी जांच की, लेकिन सुधार न होने पर वे केवल चार रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट लौट गए।

अस्पताल में भर्ती, MRI स्कैन हुआ

मैच खत्म होने के बाद शनिवार शाम उन्हें कोलकाता के वुडलैंड्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका MRI स्कैन किया गया। डॉक्टरों और BCCI की मेडिकल टीम ने पुष्टि की कि यह गर्दन का गंभीर स्प्रेन है और उन्हें आराम की जरूरत है। इस वजह से गिल ने खुद को मैच के शेष हिस्से से बाहर कर दिया है।

गिल की मौजूदा स्थिति

टीम मैनेजमेंट के मुताबिक, गिल की हालत स्थिर है, लेकिन उनकी गर्दन में अब भी सूजन और दर्द है। BCCI लगातार उनकी स्थिति पर नजर रख रहा है। उनके दूसरे टेस्ट में उपलब्ध होने पर भी संशय बना हुआ है। टीम sources का कहना है कि रिकवरी में कम से कम कुछ दिन लग सकते हैं।

टीम इंडिया पर असर

गिल के बाहर होने के बाद उप-कप्तान ऋषभ पंत भारतीय टीम की कमान संभाल रहे हैं। शीर्ष बल्लेबाज और कप्तान के बाहर होने से भारत की रणनीति और बैटिंग लाइनअप दोनों प्रभावित होंगे। गिल की कप्तानी को लेकर यह टेस्ट खास माना जा रहा था, लेकिन चोट की वजह से उनका रोल काफी सीमित रह गया।

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कोलकाता सेंट्रल मार्केट में भीषण आग: एज्रा स्ट्रीट पर 300 दुकानें जलकर खाक, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोलकाता

कोलकाता: शहर के सबसे व्यस्त और पुराने कारोबारी इलाकों में से एक, एज्रा स्ट्रीट स्थित सेंट्रल मार्केट में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते करीब 300 दुकानें और कई गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करोड़ों रुपये का सामान खाक हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा बताया जा रहा है।

सुबह 5 बजे शुरू हुई आग, 20–25 दमकल गाड़ियां मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह लगभग 5 बजे एक इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के सामान के गोदाम में भड़की। थोड़ी ही देर में आग तेजी से फैलकर आस-पास की छोटी-छोटी दुकानों और पुरानी इमारतों में पहुंच गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 20 से 25 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। धुआं इतना घना था कि दूर-दूर से भी दिखाई दे रहा था।

तंग गलियां बनीं बड़ी बाधा अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि: इलाका बेहद संकरी गलियों वाला है दुकानों में बहुत-सा ज्वलनशील सामान मौजूद था पुरानी इमारतें आग को फैलाने में बड़ा कारण बन गईं

कोलकाता

अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम विस्तृत जांच करेगी।

व्यापारियों को भारी नुकसान

इस मार्केट में ज्यादातर:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • मोबाइल एक्सेसरीज़
  • खिलौने
  • गिफ्ट आइटम
  • बिजली के सामान की दुकानें थीं।

कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। व्यापारियों ने कहा कि उनका पूरा स्टॉक नष्ट हो गया है और वह अब पूरी तरह आर्थिक संकट में हैं। आसपास की बिजली काटी गई, पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने आस-पास की बिजली सप्लाई बंद कर दी। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है ताकि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित ज़ोन में न जा सके।

अधिकारियों का बयान

पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है। किसी को चोट नहीं आई है। आग को आस-पास की इमारतों में फैलने से रोक लिया गया है।” स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन राहत कि कोई हताहत नहीं हालांकि आग बहुत भीषण थी और लपटें कई फीट ऊंची दिखाई दे रही थीं, लेकिन प्रशासन के अनुसार किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। यह राहत की सबसे बड़ी बात मानी जा रही है।

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कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जबरदस्त ब्लास्ट:9 की मौत, 29 घायल!

पुलिस स्टेशन

धमाके की रात: नौगाम थाना बना तबाही का केंद्र श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात ऐसा भीषण विस्फोट हुआ कि पूरा इलाका दहल उठा। धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत और 29 से अधिक घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और तकनीकी टीमें दिल्ली के लालकिला कार ब्लास्ट केस से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थीं। जांच के दौरान अचानक तेज़ धमाका हुआ, और उसके बाद लगातार दूसरे छोटे-छोटे ब्लास्ट भी होते रहे — जिससे थाना परिसर का बड़ा हिस्सा ढह गया।

मलबा, घायलों की चीखें और बचाव अभियान

पुलिस स्टेशन

धमाके में घायल हुए पुलिसकर्मी, फॉरेंसिक अधिकारी और कुछ नागरिकों को तुरंत सैन्य अस्पताल व SKIMS, श्रीनगर में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने नौगाम से लेकर श्रीनगर सिटी के कई इलाकों को सील कर दिया है। सेना, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी और मेडिकल टीमें पूरी रात राहत कार्य में लगी रहीं। जम्मू-कश्मीर के DGP, ADGP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे — वहीं हादसे की गंभीरता को देखते हुए NIA ने जांच की कमान संभाल ली है।

हादसा या साजिश? बड़े सवालों की नई लाइन

सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या यह वाकई एक एक्सीडेंटल ब्लास्ट था या विस्फोटकों में छेड़छाड़ का नतीजा?कुछ शुरुआती इनपुट बताते हैं कि एक्सप्लोसिव सैंपल निकालने में प्रोटोकॉल फॉलो न होने से यह हादसा हुआ, लेकिन जांच एजेंसियां इसे साजिश की संभावनाओं के साथ भी देख रही हैं, विशेषकर क्योंकि इसमें वही विस्फोटक शामिल थे जो फ़रीदाबाद में लालकिला आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मिले थे।

सुरक्षा अलर्ट: कश्मीर में सतर्कता और बढ़ाई गई

थाना ब्लास्ट के बाद श्रीनगर, अवंतीपोरा, त्राल और कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। CCTV फुटेज, फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट, विस्फोटक कंटेनरों की स्थिति और स्टोरेज रिकॉर्ड — सबकी क्रॉस-वेरिफिकेशन शुरू हो चुकी है। नौगाम पुलिस स्टेशन का यह ब्लास्ट सिर्फ एक हादसा नहीं — कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और आतंकी लिंक पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच रिपोर्ट सामने आने तक, घाटी में सतर्कता और तनाव दोनों बढ़े रहेंगे।

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Japan की Coastline पर फिर Alert: 6.7-6.9 Magnitude के भूकंप ने हिला दिया इवाते प्रान्त

भूकंप

झटका और केंद्र 9 नवंबर 2025 शाम 5:03 बजे (स्थानीय समय) जापान के उत्तर-पूर्व भाग में Iwate Prefecture तट के पास समुद्र में 6.7 से 6.9 के बीच तीव्रता का भूकंप आया। इसका केंद्र समुद्र की सतह से मात्र 10 – 30 कि.मी. की गहराई पर था। भूकंप जापान के भूकंप-तीव्रता मान (Shindo) में 4 दर्ज हुआ – विशेष रूप से Morioka व Yahaba क्षेत्रों में।

सुनामी चेतावनी और प्रशासनिक कदम

इवाते तटवर्ती इलाकों के लिए Japan Meteorological Agency ने तुरंत सुनामी एडवाइजरी जारी की गई, जिसमें 1 मीटर तक लहरें आने की संभावना जताई गई थी। वास्तव में कुछ जगहों पर 20 सेंटीमीटर तक की लहरें दर्ज हुईं, और लगभग 3 घंटों के बाद अलर्ट हटाया गया। रेलवे बुलेट ट्रेनों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, और प्रमुख परमाणु संयंत्रों में कोई असामान्य घटना नहीं पाई गई।

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मौजूदा स्थिति और चिंताएँ

अभी तक बड़े जान-माल के नुकसान की रिपोर्ट नहीं मिली है, लेकिन भूकंप के बाद छिटपुट झटके जारी हैं और तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बनी हुई है। 2011 में आए बड़े भूकंप-सुनामी की भयावह यादें अबूझ नहीं हुईं—स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों ने कहा है कि तैयारी अब पिछली बार से अधिक तेज रही।

जापान की तैयारी, सबक और सबके लिए चेतावनी

यह घटना साबित करती है कि जहाँ तक तैयारी-तंत्र की माँद है, जापान ने मजबूत इंतज़ाम किए हैं—लेकिन यह भी याद दिलाती है कि भू-कंप-क्षेत्र में सुरक्षा सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, जागरूकता और त्वरित कार्रवाई का मेल है। क्या अन्य देशों को यहाँ से सीख मिल सकती है—जी हाँ। समय रहते अलर्ट, तटवर्ती निकासी व्यवस्था, और जनता में जागरुकता ही भविष्य के बड़े नरसंहार को रोक सकती है।

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