बिहार के मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत मिठनपुरा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 9 अप्रैल की शाम, जब पूरा इलाका अपनी सामान्य दिनचर्या में व्यस्त था, उसी समय दो पड़ोस की महिलाओं ने विश्वासघात की सारी हदें पार कर दीं। मिली जानकारी के अनुसार, इन महिलाओं ने 12 वर्षीय बच्ची को किसी बहाने से अपने साथ बुलाया। मासूम को जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिन्हें वह अपनी चाची या दीदी समझती है, वही उसे नरक में धकेलने वाली हैं।
लड़की को एक कमरे में ले जाया गया जहाँ पहले से ही 28 वर्षीय एक युवक मौजूद था। आरोप है कि महिलाओं ने बाहर से पहरा दिया और अंदर उस युवक ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची की चीखें बाहर न आ सकें, इसके लिए उसे डराया-धमकाया गया।
हालत बिगड़ने पर दवा देकर सुलाने की कोशिश, फिर आरोपी हुए फरार
दुष्कर्म की इस वारदात के बाद जब बच्ची की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी और वह दर्द से कराहने लगी, तो आरोपियों के हाथ-पांव फूल गए। पकड़े जाने के डर से उन महिलाओं ने उसे कोई नशीली दवा खिलाकर बेहोश करने का प्रयास किया ताकि मामला शांत रहे। लेकिन जब रक्तस्राव अधिक होने लगा और बच्ची की हालत और भी गंभीर हो गई, तो आरोपी युवक और तीनों महिलाएं मौके से भाग निकले।

जब बच्ची के पिता घर लौटे, तो उन्हें इस भयावह सच्चाई का पता चला। आनन-फानन में उसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) रेफर कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: 3 महिलाएं गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अभी भी फरार
घटना की सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस हरकत में आई। 10 अप्रैल को पीड़िता के परिजनों के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन तीन महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है जिन्होंने मुख्य आरोपी को संरक्षण दिया और साजिश में शामिल रहीं।

सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) सुरेश कुमार ने बताया कि घटनास्थल को सील कर दिया गया है और FSL (Forensic Science Laboratory) की टीम ने वहां से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। हालांकि, मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया है।
मुजफ्फरपुर में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 12 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। इस घिनौने अपराध में न केवल एक पुरुष शामिल है, बल्कि तीन महिलाओं पर भी आरोपी की मदद करने और मामले को दबाने का गंभीर आरोप लगा है। फिलहाल पीड़िता की हालत नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है।