उत्तर बिहार में कुदरत का कहर: 28-29 मार्च को आंधी-बारिश का ‘यलो अलर्ट’, रबी की सुनहरी फसलों पर मंडराया संकट

उत्तर बिहार में कुदरत का कहर

उत्तर बिहार के किसानों के लिए आने वाले 48 घंटे अग्निपरीक्षा से कम नहीं हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर और पूर्णिया समेत उत्तर बिहार के एक दर्जन से अधिक जिलों में 28 और 29 मार्च को तेज आंधी, ओलावृष्टि और आसमानी बिजली (Vajrapat) का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है। जब खेतों में रबी की फसलें कटने को तैयार हैं, तब प्रकृति का यह बदला मिजाज अन्नदाताओं की रातों की नींद उड़ा रहा है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: क्यों बिगड़ रहा है मौसम?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मैदानी इलाकों के वायुमंडल में दबाव का क्षेत्र बन रहा है। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि उत्तर बिहार के आसमान में काले बादलों का डेरा रहेगा। 28 मार्च की दोपहर के बाद से ही मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान पुरवा हवा की रफ्तार 6 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे रहने की संभावना है, जो आंधी के दौरान झोंकों के साथ 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा

मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, यलो अलर्ट का मुख्य असर निम्नलिखित जिलों में अधिक देखने को मिल सकता है:

• मुजफ्फरपुर और वैशाली

• दरभंगा और मधुबनी

• समस्तीपुर और बेगूसराय

• पूर्णिया, कटिहार और अररिया

• सीतामढ़ी और शिवहर

इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की प्रबल संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जो पक चुकी फसलों के लिए सबसे घातक साबित होती है |

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किसानों की चिंता: हाथ में आया निवाला न छीन ले बारिश

मार्च का अंतिम सप्ताह बिहार में गेहूं, सरसों, चना और मसूर की कटाई का ‘पीक सीजन’ होता है। अधिकांश खेतों में फसलें या तो कटकर खलिहान में रखी हैं या कटने के लिए बिल्कुल तैयार खड़ी हैं।

गुणवत्ता पर असर: यदि कटी हुई फसल बारिश में भीग जाती है, तो दानों में नमी बढ़ जाती है, जिससे उनकी चमक फीकी पड़ जाती है और बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता।

पैदावार में गिरावट: कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि तेज आंधी के साथ बारिश होती है, तो तैयार फसल खेतों में बिछ सकती है, जिससे पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी आने की आशंका है।

बिजली गिरने (वज्रपात) का हाई अलर्ट: बरतें ये सावधानियां

उत्तर बिहार में मानसून से पहले होने वाली बारिश अक्सर जानलेवा साबित होती है। पिछले कुछ वर्षों में बिजली गिरने से दर्जनों किसानों की जान गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:

• बादल गरजने पर किसी भी परिस्थिति में खुले मैदान या पेड़ों के नीचे शरण न लें।

• बिजली के खंभों, मोबाइल टावर और ऊंचे ढांचों से दूर रहें।

• यदि आप खेत में हैं, तो तुरंत किसी पक्के मकान या सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।

• घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।

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कृषि विभाग की सलाह: क्या करें किसान?

कृषि विभाग ने किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें तिरपाल या प्लास्टिक से ढंककर सुरक्षित स्थान पर रखें। कटी हुई फसलों के बंडलों को ढीला न छोड़ें। साथ ही, अगले दो दिनों तक खेतों में सिंचाई या कीटनाशकों का छिड़काव न करें।

प्रकृति की इस चुनौती के बीच जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। किसानों को चाहिए कि वे मौसम की पल-पल की जानकारी के लिए ‘दामिनी’ ऐप का उपयोग करें और अपनी मेहनत की कमाई को बचाने के लिए त्वरित उपाय करें।

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मुजफ्फरपुर में दिल दहला देने वाला कांड: गरीबी से हार गया पिता, 3 मासूम बेटियों के साथ की आत्महत्या, पूरे इलाके में पसरा मातम

मुजफ्फरपुर

बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। अक्सर कहा जाता है कि एक पिता अपने बच्चों के लिए पूरी दुनिया से लड़ सकता है, लेकिन मुजफ्फरपुर में आर्थिक तंगी (Financial Crisis) की मार ऐसी पड़ी कि एक पिता अपनी ही जिंदगी और अपनी तीन मासूम बेटियों की सांसों का रक्षक नहीं बन सका।

इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे इलाके में सन्नाटा है और हर किसी की आंखें नम हैं।

मुजफ्फरपुर

क्या है पूरा मामला?

घटना मुजफ्फरपुर जिले के (संबंधित थाना क्षेत्र का नाम, यदि उपलब्ध हो तो, अन्यथा ‘ग्रामीण क्षेत्र’) की है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, आज सुबह जब काफी देर तक घर का दरवाजा नहीं खुला, तो पड़ोसियों को शक हुआ। अनहोनी की आशंका में जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देखकर हर किसी की रूह कांप गई।

घर के अंदर पिता और उनकी तीन पुत्रियों के शव पाए गए। बताया जा रहा है कि पिता ने पहले अपनी बेटियों को जहर दिया या फंदे से लटकाया (पुष्टि बाकी), और फिर खुद भी अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली।

क्यों उठाया इतना खौफनाक कदम?

पुलिस की शुरुआती जांच और आस-पास के लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सामूहिक आत्महत्या की मुख्य वजह भीषण आर्थिक तंगी बताई जा रही है।

कर्ज का बोझ: सूत्रों का कहना है कि परिवार पिछले काफी समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा था। परिवार के मुखिया पर काफी कर्ज हो गया था जिसे चुकाने में वह असमर्थ थे।

रोजगार का संकट: काम-धंधा ठीक न चलने के कारण घर में खाने-पीने की भी किल्लत हो गई थी।

निराशा: शायद गरीबी और भविष्य की चिंता ने उस पिता को मानसिक रूप से इतना तोड़ दिया कि उसे अपनी और अपनी बच्चियों की मौत ही एकमात्र रास्ता नजर आया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

घटना की सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए SKMCH (श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) भेज दिया है।

मुजफ्फरपुर

पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि:

“मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का लग रहा है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिला है या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। हम हर पहलू की जांच कर रहे हैं, चाहे वह कर्ज का मामला हो या कोई पारिवारिक विवाद। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।”

समाज के लिए एक बड़ा सवाल

यह घटना सिर्फ एक खबर नहीं है, बल्कि हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है। आखिर हम किस तरह के समाज में जी रहे हैं जहाँ एक पिता को गरीबी के कारण अपने पूरे परिवार को खत्म करना पड़ता है? आस-पास के लोगों को भनक तक नहीं लगी कि उनके पड़ोस में कोई परिवार घुट-घुट कर जी रहा है।

डिस्क्लेमर और हेल्पलाइन

जिंदगी अनमोल है। उतार-चढ़ाव हर किसी के जीवन में आते हैं, लेकिन आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। अगर आप या आपका कोई जानने वाला मानसिक तनाव या आर्थिक परेशानियों से गुजर रहा है, तो कृपया बात करें। सरकार और कई संस्थाएं मदद के लिए मौजूद हैं।

• पुलिस हेल्पलाइन: 112

• मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन हेल्पलाइन – 1800-599-0019

मुजफ्फरपुर

मुजफ्फरपुर की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि गरीबी सबसे बड़ा अभिशाप है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मृतक आत्माओं को शांति मिले। इस मामले में पुलिस की जांच में आगे जो भी अपडेट आएगा, हम आप तक जरूर पहुंचाएंगे।

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