जम्मू-कश्मीर के Baramulla जिले में 2 फरवरी 2026 को सुबह तड़के आए 4.6 तीव्रता के भूकंप ने कश्मीर घाटी को हिला दिया। रिक्टर स्केल पर मापी गई इस तीव्रता ने लोगों को कड़ाके की सर्दी में घरों से बाहर निकलने पर मजबूर कर दिया, हालांकि कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप Baramulla के पट्टन क्षेत्र में केंद्रित था, जिसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर रही। बारामूला भूकंप की यह घटना क्षेत्र की भूकंपीय संवेदनशीलता को फिर से उजागर करती है।

भूकंप का समय और तीव्रता: विस्तृत जानकारी
बारामूला भूकंप सुबह ठीक 5:35 बजे IST पर आया, जब अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। NCS की प्रारंभिक रिपोर्ट में तीव्रता 4.6 बताई गई, जबकि कुछ स्रोतों ने इसे 4.7 तक मापा। 4.6 तीव्रता वाले भूकंप में आमतौर पर हल्के से मध्यम झटके महसूस होते हैं, जो इमारतों को हिला सकते हैं लेकिन सामान्यतः नुकसान नहीं पहुंचाते। इस बारामूला भूकंप 2026 में झटके 10-15 सेकंड तक रहे, जिससे श्रीनगर तक कंपन महसूस हुआ। जम्मू कश्मीर भूकंप की यह घटना पिछले कुछ महीनों में क्षेत्र में आए कई हल्के झटकों की कड़ी का हिस्सा लगती है।
झटके महसूस हुए इन इलाकों में
बारामूला भूकंप के झटके मुख्य रूप से कश्मीर घाटी के उत्तरी और मध्य हिस्सों में महसूस किए गए। बारामूला जिले के पट्टन, सोपोर और उरी जैसे क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित रहे, जहां लोग चीखते-चिल्लाते घरों से बाहर भागे। श्रीनगर, पुलवामा, गांदरबल, कुपवाड़ा और हंदवाड़ा में भी हल्के झटके दर्ज हुए। कुछ रिपोर्ट्स में पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों तक कंपन पहुंचने का जिक्र है। जम्मू कश्मीर भूकंप 4.6 ने सर्द मौसम में पहले से तनावग्रस्त क्षेत्र को और सतर्क कर दिया। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने सभी जिलों से रिपोर्ट मांगी, लेकिन नुकसान न होने की पुष्टि हुई।
कोई हताहत या नुकसान नहीं: राहत की खबर
सौभाग्य से, बारामूला में 4.6 तीव्रता के भूकंप से कोई हताहत या संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ। SDMA और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत अलर्ट जारी कर स्थिति का जायजा लिया। लोग घबराकर मस्जिदों और खुली जगहों पर इकट्ठा हो गए, लेकिन क्षतिग्रस्त इमारत या सड़क का कोई समाचार नहीं। यह जम्मू कश्मीर भूकंप 2026 की तीव्रता को देखते हुए सकारात्मक है। भूकंपरोधी इमारतों और जनजागरूकता ने बड़ी तबाही टलवाई।
जम्मू-कश्मीर की भूकंपीय स्थिति: क्यों संवेदनशील?
जम्मू-कश्मीर हिमालयन बेल्ट पर स्थित है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में शुमार है। बारामूला भूकंप 2026 इसकी पुष्टि करता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की टक्कर से लगातार झटके आते रहते हैं। पिछले साल क्षेत्र में कई 4+ तीव्रता वाले भूकंप दर्ज हो चुके हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कश्मीर घाटी जोन-IV और V में आती है, जहां भूकंपरोधी निर्माण अनिवार्य है। बारामूला भूकंप ने फिर याद दिलाया कि तैयारी ही सुरक्षा है।

भविष्य के लिए सलाह: सुरक्षित रहें
बारामूला भूकंप के बाद प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। नागरिकों को ड्रॉप, कवर एंड होल्ड ऑन का पालन करना चाहिए। भूकंप ऐप्स डाउनलोड करें और इमरजेंसी किट तैयार रखें। जम्मू कश्मीर भूकंप 4.6 जैसी घटनाएं सामान्य हैं, लेकिन सतर्कता से नुकसान रोका जा सकता है। NCS लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।