पाकिस्तान में फिर ‘गदर’: इमरान के समर्थकों ने इस्लामाबाद हाई कोर्ट को घेरा, सरकार की नींद हराम!

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पाकिस्तान की सियासत में आज फिर उबाल आ गया है. अगर आपको लग रहा था कि पड़ोसी मुल्क में सब शांत है, तो आप गलतफहमी में हैं.

आज (2 दिसंबर) इस्लामाबाद का नजारा किसी फिल्म के सेट से कम नहीं था. फर्क बस इतना था कि यहाँ कोई स्क्रिप्ट नहीं थी, बल्कि असली गुस्सा और जज्बात थे. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के बड़े नेताओं ने आज इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर जो किया, उसने शहबाज सरकार के माथे पर पसीना ला दिया है.चलिए, आसान भाषा में समझते हैं कि आज आखिर हुआ क्या और इसके मायने क्या हैं.

हाई कोर्ट के बाहर ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा

आज सुबह से ही इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर हलचल तेज थी. भारी पुलिस बल तैनात था, बैरिकेड्स लगे थे, लेकिन इमरान खान के ‘खिलाड़ी’ (PTI नेता) रुकने वाले कहाँ थे. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कोर्ट के बाहर डेरा जमा लिया.

तस्वीरें बयां कर रही थीं कि यह सिर्फ एक विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि सरकार को सीधी चुनौती थी. नेताओं के हाथों में बैनर थे और जुबां पर सिर्फ एक ही मांग— “न्याय दो, कप्तान को रिहाई दो!” भीड़ का गुस्सा साफ़ बता रहा था कि अब उनके सब्र का बांध टूट रहा है. इमरान खान, जो पिछले काफी वक्त से जेल (अडियाला जेल) की सलाखों के पीछे हैं, उनके बाहर न आने से पार्टी में बेचैनी बढ़ती जा रही है.

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आखिर कोर्ट के बाहर ही क्यों हुआ प्रदर्शन?

आप सोच रहे होंगे कि प्रदर्शन तो सड़क पर भी हो सकता था, फिर कोर्ट के बाहर क्यों?

दरअसल, यह एक सोची-समझी रणनीति थी. इमरान खान पर दर्जनों मुकदमे चल रहे हैं और उनकी जमानत की याचिकाएं अदालतों में पेंडिंग हैं. PTI नेताओं का आरोप है कि जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया को धीमा किया जा रहा है. उनका कहना है कि “इंसाफ में देरी, इंसाफ की हत्या है.”

आज का यह प्रदर्शन जजों और पूरी दुनिया को यह दिखाने के लिए था कि उनकी पार्टी अभी हारी नहीं है और वे अपने नेता के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं.

पुलिस और प्रदर्शनकारियों में तू-तू मैं-मैं

माहौल तब गरमाया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की. धक्का-मुक्की हुई, लेकिन PTI नेता अपनी जगह से नहीं हिले. इस्लामाबाद का यह इलाका आज सियासी जंग का मैदान बन गया था. इमरान के समर्थकों का साफ़ कहना था— “जब तक रिहाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं.”

क्या सरकार डर गई है?

शहबाज शरीफ की मौजूदा सरकार के लिए यह प्रदर्शन एक खतरे की घंटी है. मुल्क की अर्थव्यवस्था पहले ही वेंटिलेटर पर है, महंगाई ने लोगों की कमर तोड़ रखी है, और ऐसे में अगर सड़कों पर फिर से हुजूम उमड़ पड़ा, तो सरकार का टिकना मुश्किल हो जाएगा. जानकारों की मानें तो सरकार इसीलिए इमरान खान को बाहर आने से रोक रही है, क्योंकि वे जानते हैं कि अगर ‘कप्तान’ बाहर आ गया, तो जो जनसैलाब उमड़ेगा, उसे रोकना नामुमकिन होगा.

आज जो इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर हुआ, वह सिर्फ एक ट्रेलर था. यह लड़ाई अब अदालतों से निकलकर सड़कों पर आ गई है. इमरान खान जेल के अंदर हैं, लेकिन उनकी पार्टी यह साबित करने में जुटी है कि उनकी “ताकत” जेल की दीवारों में कैद नहीं की जा सकती.

अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या अदालत इन प्रदर्शनों का संज्ञान लेती है या पाकिस्तान की सड़कों पर अभी और ‘गदर’ मचना बाकी है.

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आपका क्या मानना है?

क्या इमरान खान की रिहाई से पाकिस्तान के हालात सुधरेंगे या बिगड़ेंगे? अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें!

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पाकिस्तान में बड़ा औद्योगिक हादसा: फैसलाबाद की गोंद फैक्ट्री में धमाका, 15 मजदूरों की मौत,वजह हैरान कर देने वाली निकली

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Summary (Bullet Points)

  • पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद में गोंद बनाने वाली फैक्ट्री में जोरदार धमाका।
  • हादसे में कम से कम 15 मजदूरों की मौत, कई घायल।
  • पहले बॉयलर ब्लास्ट बताया गया, बाद में पता चला कि विस्फोट गैस रिसाव से हुआ।
  • धमाके से फैक्ट्री की इमारत ढही, आसपास के कई घरों को भी नुकसान।
  • 20+ एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियाँ मौके पर; घंटों चला बचाव अभियान।
  • फैक्ट्री मालिक फरार, मैनेजर गिरफ्तार।
  • पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ ने जांच के आदेश दिए और घायलों के इलाज के निर्देश।
  • पाकिस्तान में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की कमी फिर उजागर हुई।

फैसलाबाद (पंजाब, पाकिस्तान): पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शुक्रवार तड़के एक गोंद बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया। हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई और कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाका इतना शक्तिशाली था कि फैक्ट्री की इमारत मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के घरों में भी दरारें पड़ गईं।

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कैसे हुआ हादसा?

यह दर्दनाक घटना फैसलाबाद के मलिकपुर इलाके में सुबह करीब 5:30 बजे घटी, जब फैक्ट्री के मजदूर अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। पहले माना गया कि धमाका बॉयलर फटने से हुआ, लेकिन बाद में जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि फैक्ट्री में कोई बॉयलर था ही नहीं।

जांच में सामने आया कि धमाका गैस रिसाव (Gas Leakage) की वजह से हुआ, जिसके कारण आग भड़क उठी और देखते ही देखते फैक्ट्री ध्वस्त हो गई। तेज आग ने पास की दूसरी फैक्ट्रियों को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे नुकसान और बढ़ गया।

  • बचाव कार्य: मलबे में कई मजदूर फंसे
  • धमाके के बाद घटनास्थल पर 20 से अधिक एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियां पहुंचीं।
  • बचाव दल ने कई घंटों तक मलबा हटाकर मजदूरों को बाहर निकाला।

घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अभी भी नाजुक बताई जा रही है।बचाव कार्य पूरा होने के बाद इलाके को सील कर दिया गया है और मलबा हटाने का काम जारी है।

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फैक्ट्री मालिक फरार, मैनेजर गिरफ्तार

घटना के तुरंत बाद फैक्ट्री का मालिक मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने फैक्ट्री मैनेजर को हिरासत में ले लिया है।पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की भारी कमी थी और गैस सिस्टम की देखरेख ठीक तरीके से नहीं की गई थी।

सरकार की प्रतिक्रिया

पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज़ शरीफ़ ने हादसे पर गहरा दुख जताया और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा देने के निर्देश दिए। साथ ही, घटना पर उच्च-स्तरीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पाकिस्तान में औद्योगिक सुरक्षा मानकों की कमी पहले भी कई बड़े हादसों की वजह बन चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर निरीक्षण और सुरक्षा उपकरण लगाए जाते, तो इस दुर्घटना को रोका जा सकता था।

पाकिस्तान में बढ़ते औद्योगिक हादसे

इस साल फैसलाबाद और लाहौर जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में कई बार फैक्ट्रियों में आग और धमाकों की घटनाएँ सामने आई हैं। कामगारों का कहना है कि मालिक श्रमिकों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं देते और पुरानी मशीनें ही चलती रहती हैं।

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