14,000 Crore घोटाला? — Bihar Election 2025 में PK का सबसे बड़ा दावा  क्या है पूरा विवाद?

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बिहार चुनाव 2025 के बीच जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर (PK) ने NDA सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वर्ल्ड बैंक से आए करीब ₹14,000 करोड़ के विकास फंड को सरकार ने चुनावी फायदा लेने के लिए इस्तेमाल किया।

जन सुराज प्रवक्ता पवन वर्मा ने दावा किया कि ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ के नाम पर 1.25 करोड़ महिलाओं के खातों में ₹10,000–₹10,000 ट्रांसफर किए गए — और इनमें वर्ल्ड बैंक की राशि का “अनुचित उपयोग” हुआ।

ट्रांज़ैक्शन की टाइमिंग पर सबसे बड़ा सवाल

जन सुराज का आरोप है कि आचार संहिता लागू होने से मात्र 1 घंटे पहले यह पैसा ट्रांसफर किया गया।जून से चुनाव घोषणा के बीच कुल ₹40,000 करोड़ तरह-तरह की स्कीमों में “डोले और फ्रीबीज” के रूप में बांटे गए।बिहार पर ₹4 लाख करोड़ का कर्ज पहले से है, और ब्याज का बोझ तेज़ी से बढ़ रहा है।3.75 करोड़ महिलाओं में से केवल 1.25 करोड़ को ही पैसा मिला, जिससे “असमान वितरण” का मुद्दा उठा।

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PK का आरोप: “सरकार ने चुनावी लाभ के लिए फंड डायवर्जन किया और इसे विकास योजना का नाम दे दिया।”

सियासी टकराव — विपक्ष बनाम सरकार

नतीजों की गणना से पहले यह बयान आग की तरह फैल गया।विपक्ष ने इसे ‘इलेक्शन फ्रीबी स्कैम’ कहते हुए जांच की मांग की।PK ने कहा: “यही लोकतंत्र का असली सवाल है — क्या सरकारी फंड चुनावी हथियार बन गया है?”वहीं NDA नेता चिराग पासवान और अन्य ने आरोपों को “बे-बुनियाद, राजनीति से प्रेरित और हताश कोशिश” बताया।सियासी मैदान में यह विवाद अब सबसे गर्म मुद्दा बन चुका है — मीडिया, सोशल प्लेटफॉर्म और जनसभाओं में इसे लेकर लगातार चर्चा तेज़ है।

जनता के मन में उठा बड़ा प्रश्न

क्या वर्ल्ड बैंक का पैसा चुनावी लाभ के लिए इस्तेमाल हुआ?या क्या यह सिर्फ चुनावी बयानबाज़ी है?

बिहार में अब पारदर्शिता, फ्रीबी कल्चर, कर्ज संकट और सत्ता की जवाबदेही — सब पर नई बहस छिड़ चुकी है।

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