सोचिए, आपने महीनों पहले अपनी छुट्टियों या किसी जरूरी मीटिंग के लिए फ्लाइट टिकट बुक की हो। आप समय से तैयार होकर एयरपोर्ट पहुँचते हैं, लेकिन वहां आपको पता चलता है कि आपकी Indigo फ्लाइट कैंसिल हो चुकी है। न कोई सूचना, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था, बस “Sorry for the inconvenience” का एक मैसेज। Indigo फ्लाइट पिछले कुछ दिनों से देश के हजारों यात्रियों के साथ यही हो रहा है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी Indigo भारी संकट से जूझ रही है। Indigo फ्लाइट कोहरे और अन्य ऑपरेशनल कारणों से सैकड़ों उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और हजारों लेट चल रही हैं।
एयरपोर्ट्स पर मचे इस हाहाकार के बीच अब मामला देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की चौखट पर पहुँच गया है। आखिर यह नौबत क्यों आई? याचिका में क्या कहा गया है? और सबसे जरूरी बात—अगर आप इसमें फंस जाएं तो आपका पैसा वापस कैसे मिलेगा? आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में सब कुछ जानते हैं।

आखिर चल क्या रहा है? (The Current Crisis)
- बीते कुछ हफ्तों से दिल्ली, मुंबई, पटना और कोलकाता जैसे व्यस्त एयरपोर्ट्स पर अफरा-तफरी का माहौल है। Indigo, जो अपनी ‘On-Time Performance’ के लिए जानी जाती थी, उसकी व्यवस्था चरमरा गई है।
- खबरों के मुताबिक, घने कोहरे (Dense Fog) और विजिबिलिटी कम होने के कारण लगातार फ्लाइट्स कैंसिल हो रही हैं। लेकिन यात्रियों का गुस्सा सिर्फ मौसम पर नहीं, बल्कि एयरलाइन के रवैये पर है। यात्रियों का आरोप है कि:
- फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी अंतिम समय पर दी जा रही है।
- कस्टमर केयर से संपर्क नहीं हो पा रहा।
- महंगे दामों पर टिकट बुक करने के बावजूद सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग एयरपोर्ट के फर्श पर सोते हुए और एयरलाइन स्टाफ से बहस करते हुए देखे जा सकते हैं।
भाग 2: सुप्रीम कोर्ट में क्या मांग की गई है? (Supreme Court Petition)
जब जनता की सुनवाई नहीं होती, तो न्यायपालिका को दखल देना पड़ता है। इस अव्यवस्था को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
इस याचिका में मुख्य रूप से इन मुद्दों को उठाया गया है:
- DGCA नियमों की अनदेखी: याचिकाकर्ता का कहना है कि एयरलाइंस नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा बनाए गए नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। यात्रियों को घंटों तक विमान के अंदर बैठाकर रखा जा रहा है, जो अमानवीय है।
- रिफंड में देरी: फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों को तुरंत पैसा वापस मिलने के बजाय ‘क्रेडिट शेल’ (Credit Shell) दिया जा रहा है, जो गलत है।
- जवाबदेही तय हो: कोर्ट से मांग की गई है कि वह एयरलाइंस पर भारी जुर्माना लगाए और एक सख्त गाइडलाइन जारी करे ताकि भविष्य में यात्रियों को ऐसी मानसिक प्रताड़ना न झेलनी पड़े।

क्या हैं आपके अधिकार? (Know Your Rights)
बहुत से यात्रियों को पता ही नहीं होता कि टिकट खरीदते समय वे सिर्फ सफर के पैसे नहीं देते, बल्कि कुछ अधिकारों के भी हकदार बनते हैं। DGCA के ‘Civil Aviation Requirements’ (CAR) के तहत आपको ये अधिकार मिलते हैं:
1. फ्लाइट कैंसिल होने पर:
अगर एयरलाइन अपनी तरफ से फ्लाइट कैंसिल करती है, तो आपके पास दो विकल्प हैं: या तो आप पूरा रिफंड (Full Refund) मांग सकते हैं। या फिर आप एयरलाइन से दूसरी फ्लाइट (Alternative Flight) की मांग कर सकते हैं। यह आपकी मर्जी पर निर्भर करता है, एयरलाइन आपको मजबूर नहीं कर सकती।
2. रिफ्रेशमेंट (खाना-पीना):
अगर आपकी फ्लाइट अपने निर्धारित समय से 2 से 4 घंटे (फ्लाइट की दूरी के हिसाब से) लेट है, तो एयरलाइन को आपको मुफ्त में खाना और पीने का पानी उपलब्ध कराना होगा।
3. होटल और ठहरने की व्यवस्था:
- अगर फ्लाइट में देरी 24 घंटे से ज्यादा की है या फ्लाइट अगले दिन के लिए रीशेड्यूल की गई है, तो यात्रियों के होटल में रुकने और वहां तक आने-जाने का खर्च एयरलाइन को उठाना चाहिए।
- (नोट: अगर देरी प्राकृतिक आपदा या मौसम की वजह से है, तो एयरलाइंस अक्सर मुआवजा देने से बच जाती हैं, लेकिन रिफंड या रीशेड्यूलिंग का अधिकार तब भी आपके पास रहता है।)
- एयरलाइन का पक्ष और तकनीकी कारण हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। Indigo और अन्य एयरलाइंस का कहना है कि वे सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते।
- सर्दियों में उत्तर भारत में ‘CAT-III’ स्तर का कोहरा होता है, जिसमें रनवे दिखना लगभग नामुमकिन हो जाता है। हालांकि, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि समस्या सिर्फ कोहरे की नहीं है, बल्कि ‘पायलट रोस्टरिंग’ (Pilot Rostering) की भी है। नए नियमों के तहत पायलट्स की थकान कम करने के लिए उनकी ड्यूटी के घंटे फिक्स हैं, जिससे कई बार बैकअप क्रू उपलब्ध नहीं हो पाता और फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ती है।

यात्री अब क्या करें? (Actionable Tips)
- अगर आपने टिकट बुक कर रखा है या करने वाले हैं, तो इन 4 बातों का गांठ बांध लें:
- वेब चेक-इन का स्टेटस: घर से निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट पर ‘Flight Status’ जरूर चेक करें। सिर्फ SMS के भरोसे न रहें।
- ट्रैवल इंश्योरेंस: सर्दियों के मौसम में 200-300 रुपये का ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर लें। यह फ्लाइट कैंसिल होने पर आपके नुकसान की भरपाई कर सकता है।
सबूत रखें:
- अगर आपकी फ्लाइट लेट है और आपको खाना नहीं मिल रहा, तो फोटो और वीडियो लें। बाद में रिफंड क्लेम करने या उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) में शिकायत करने में यह बहुत काम आता है।
- Air Sewa App: अगर एयरलाइन आपकी नहीं सुन रही, तो सरकार के ‘Air Sewa’ ऐप या पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। यहाँ कार्रवाई काफी तेज होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)
फ्लाइट का कैंसिल होना सिर्फ एक तकनीकी दिक्कत नहीं, बल्कि हजारों लोगों की भावनाओं और जरूरी काम का नुकसान है। सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने से एक उम्मीद जगी है कि शायद अब एयरलाइंस अपनी मनमानी बंद करेंगी और सिस्टम में सुधार होगा।
जब तक कोर्ट का फैसला नहीं आता, तब तक एक जागरूक यात्री बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना सीखें। आपका अनुभव: क्या हाल ही में आपकी कोई फ्लाइट कैंसिल हुई है? आपने रिफंड कैसे लिया? कमेंट बॉक्स में अपना अनुभव शेयर करें ताकि दूसरों को मदद मिल सके!

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Indigo flight cancellation news 2025: इंडिगो की सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द होने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। जानिए यात्रियों के अधिकार, रिफंड पॉलिसी और DGCA के नियम इस विस्तृत ब्लॉग पोस्ट में।

