क्या आप आज पटना की सड़कों पर निकलने वाले हैं? या आपका काम सचिवालय (Secretariat) या विधानसभा के आसपास है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। पटना प्रशासन ने आज से शहर के एक खास हिस्से में “हाई अलर्ट” जैसा माहौल कर दिया है।
बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज (1 दिसंबर) से शुरू हो गया है। इसी को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने सुरक्षा का घेरा सख्त कर दिया है। आइए, आसान शब्दों में जानते हैं कि आखिर कौन से नियम बदले हैं और आपको किन बातों का ध्यान रखना है।
1. क्या है पूरा मामला?
आज यानी 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025 तक बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र (Winter Session) चलेगा। चूंकि नई सरकार का गठन हुआ है और प्रोटेम स्पीकर शपथ दिला रहे हैं, इसलिए राजनीतिक गहमागहमी बहुत ज्यादा है।
विपक्ष के हंगामे और किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए, पटना सदर के अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) ने विधानसभा परिसर के आसपास धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी है।

जरूरी नोट : आपको याद होगा जिसे हम पहले धारा 144 (निषेधाज्ञा) कहते थे, अब नए कानून (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता – BNSS) के तहत उसे धारा 163 कहा जाता है। नियम वही हैं, बस नाम नया है।
2. इन चीजों पर रहेगी सख्त पाबंदी
प्रशासन ने साफ़ कह दिया है कि विधानसभा के आसपास परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा। अगर आप उस इलाके में जा रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- नो प्रोटेस्ट ज़ोन: विधानसभा के गेट या आसपास आप किसी भी तरह का धरना, प्रदर्शन, जुलूस या घेराव नहीं कर सकते।
- भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक लोग एक जगह पर इकट्ठा नहीं हो सकते।
- हथियार ले जाना मना: किसी भी तरह का आग्नेय शस्त्र (Firearms), लाठी-डंडा, ईंट-पत्थर या कोई भी घातक हथियार लेकर चलना सख्त मना है।
- लाउडस्पीकर: बिना अनुमति के लाउडस्पीकर बजाने पर भी पाबंदी रहेगी।
3. कौन सा इलाका है ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’? (Restricted Areas)
यह जानना सबसे ज्यादा जरुरी है कि आखिर धारा 163 कहाँ-कहाँ लागू है। प्रशासन ने इन चौहद्दियों (Boundaries) को मार्क किया है:
- उत्तर (North): बेली रोड से लेकर शहीद स्मारक तक।
- दक्षिण (South): आर ब्लॉक गोलंबर से लेकर जीपीओ गोलंबर तक।
- पूरब (East): पुरानी सचिवालय का पूर्वी गेट।
- पश्चिम (West): विधानसभा का मुख्य गेट और पश्चिमी इलाका।
सरल शब्दों में कहें तो, सचिवालय, विधानसभा और आर-ब्लॉक के आसपास के पूरे इलाके में यह नियम लागू रहेगा।

4. यह फैसला क्यों लिया गया?
इस बार का सत्र बहुत छोटा (सिर्फ 5 दिन) लेकिन बहुत हंगामेदार होने वाला है।
- शपथ ग्रहण: नवनिर्वाचित विधायक शपथ ले रहे हैं।
- स्पीकर चुनाव: कल (2 दिसंबर) विधानसभा स्पीकर का चुनाव होना है।
- विपक्ष का तेवर: कांग्रेस और वामदल ‘वोट चोरी’ और ईवीएम के मुद्दे पर प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
ऐसे में कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है। अगर आपको इन इलाकों में कोई जरुरी काम नहीं है, तो अगले 5 दिनों तक यहाँ जाने से बचें या ट्रैफिक डायवर्जन का ध्यान रखें। नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। एक जिम्मेदार नागरिक बनें और प्रशासन का सहयोग करें। पटना की हर छोटी-बड़ी खबर सबसे पहले जानने के लिए हमारे ब्लॉग को फॉलो करें!