कर्ज मांगने वाले का सिर हमेशा झुका रहता है” – पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ का छलका दर्द

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हाल ही में देश की खराब आर्थिक हालत पर एक बड़ा और भावुक बयान दिया है। इस्लामाबाद में देश के बड़े बिजनेसमैन और एक्सपोर्टर्स को सम्मानित करने के लिए रखे गए एक कार्यक्रम में उन्होंने माना कि पाकिस्तान आज जिस दौर से गुजर रहा है, वहां उसे अपनी ‘इज्जत’ तक दांव पर लगानी पड़ रही है।

पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ

मजबूरी में झुकना पड़ता है सिर

शहबाज शरीफ ने बड़े ही साफ शब्दों में कहा कि जब कोई देश दूसरों से कर्ज मांगने जाता है, तो उसे अपना सिर झुकाकर ही रहना पड़ता है। उन्होंने स्वीकार किया कि बार-बार विदेशी कर्ज (खासकर IMF से) लेने की वजह से पाकिस्तान को अपने आत्मसम्मान (Self-respect) से समझौता करना पड़ा है। पीएम ने बड़े दुख के साथ कहा कि कर्ज की शर्तों को मानने के चक्कर में देश को कई ऐसे फैसले लेने पड़े जो शायद एक आजाद देश के तौर पर उसे पसंद न आते।

आखिर क्यों आई ऐसी नौबत?

पाकिस्तान की माली हालत पिछले कई सालों से नाजुक बनी हुई है। आज के समय में पाकिस्तान पर करीब 130 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी कर्ज है, जो उसकी जीडीपी (GDP) का लगभग 80% हिस्सा है।

महंगाई की मार: पाकिस्तान में महंगाई 25% से भी ऊपर पहुंच गई है।

कड़ी शर्तें: IMF (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष) से लोन लेने के बदले पाकिस्तान को बिजली महंगी करनी पड़ी, टैक्स बढ़ाने पड़े और सब्सिडी खत्म करनी पड़ी।

विदेशी मुद्रा की कमी: देश के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार बेहद कम बचा है।

व्यापारियों से बड़ी अपील

इस समारोह के दौरान पीएम शरीफ ने देश के उद्योगपतियों और निर्यातकों (Exporters) से एक गुजारिश की। उन्होंने कहा कि कर्ज के इस जाल से निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता है— ‘निर्यात (Exports) बढ़ाना’। उन्होंने बिजनेस लीडर्स से अपील की कि वे दुनिया भर में पाकिस्तानी सामान बेचें ताकि देश में डॉलर आए और उन्हें बार-बार IMF के सामने हाथ न फैलाना पड़े।

पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ

राजनीतिक घमासान और चुनौतियां

शरीफ का यह बयान आते ही पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मच गई है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी बता रहा है, वहीं आम जनता इस बात से परेशान है कि कर्ज की किश्तें चुकाने के लिए उनकी जेबों पर बोझ डाला जा रहा है। चीन, सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों ने मदद तो की है, लेकिन पाकिस्तान को खुद के पैरों पर खड़ा होने के लिए अभी एक लंबी लड़ाई लड़नी होगी।

प्रधानमंत्री का यह बयान इस बात की तरफ इशारा करता है कि पाकिस्तान अब समझ चुका है कि सिर्फ कर्ज लेकर देश नहीं चलाया जा सकता। आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता है, वरना दुनिया के मंच पर अपनी बात मजबूती से रखना मुश्किल हो जाएगा।

Also Read:

Cigarette Price Hike 2026 सिगरेट पीने वालों को लगेगा बड़ा झटका! 1 फरवरी से धुआं उड़ाना होगा और भी महंगा: जानें नई कीमतें

Darbhanga Bird Flu News : 10,000 कौओं की मौत के बाद H5N1 की पुष्टि, क्या इंसानों को है खतरा?

Leave a Comment