सोशल मीडिया की दुनिया में चमकने वाले सितारों के लिए टेक्नोलॉजी कभी-कभी जी का जंजाल बन जाती है। ताजा मामला पाकिस्तान की मशहूर टिकटॉकर अलीना अमीर (Alina Amir) का है, जिनका एक कथित आपत्तिजनक वीडियो इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया है। हालांकि, अलीना ने इस पर चुप्पी तोड़ते हुए इसे ‘डिजिटल हिंसा’ करार दिया है। आइए जानते हैं क्या है इस वायरल वीडियो का पूरा सच।

वायरल वीडियो का असली सच: AI का खतरनाक खेल
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा था, जिसमें दावा किया जा रहा था कि यह अलीना अमीर का निजी वीडियो है। करीब 4 मिनट 40 सेकंड के इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर काफी बहस छिड़ी हुई थी। अलीना ने अब खुद सामने आकर इस पर से पर्दा उठाया है। उन्होंने सबूत पेश करते हुए बताया कि यह वीडियो पूरी तरह से AI (Artificial Intelligence) के जरिए बनाया गया एक ‘डीपफेक’ वीडियो है। उन्होंने अपनी असली फोटो और फेक वीडियो को साथ रखकर दिखाया कि कैसे तकनीक का गलत इस्तेमाल कर उनका चेहरा किसी और के शरीर पर लगाया गया है।
“चुप नहीं रहूंगी”: मरियम नवाज और साइबर सेल से अपील
एक हफ्ते की खामोशी के बाद अलीना ने इंस्टाग्राम पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने सीधे तौर पर पंजाब (पाकिस्तान) की मुख्यमंत्री मरियम नवाज को टैग करते हुए गुहार लगाई कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कदम उठाए जाएं जो महिलाओं की छवि खराब करने के लिए डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। अलीना ने पंजाब साइबर क्राइम विंग के बड़े अधिकारी सोहेल जफर चाथा से भी इस मामले में दखल देने की मांग की है। उन्होंने इसे सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान पर हमला बताया है।

दोषी को पकड़ने वाले को मिलेगा नकद इनाम
अलीना अमीर ने इस लड़ाई को अब व्यक्तिगत स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। उन्होंने वीडियो में ऐलान किया कि जो भी व्यक्ति उस असली अपराधी या वीडियो बनाने वाले की पहचान बताएगा, उसे वे अपनी तरफ से नकद इनाम देंगी। अलीना का कहना है कि सजा मिलना इसलिए जरूरी है ताकि भविष्य में किसी और मासूम लड़की को इस तरह की मानसिक प्रताड़ना और बदनामी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी अपील की कि अगर वे सच बोल रही हैं, तो उन्हें डरने की जरूरत नहीं है और उन्हें भी अपनी आवाज उठानी चाहिए।
इंटरनेट यूजर्स को चेतावनी: शेयर करने से पहले सोचें
सोशल मीडिया पर बढ़ती इस गंदगी के बीच अलीना ने अपने फैंस और आम जनता से एक भावुक अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग बिना किसी जांच-पड़ताल के लिंक शेयर करने लगते हैं और मजे लेते हैं, लेकिन वे यह नहीं समझते कि इससे किसी की जिंदगी बर्बाद हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान में मिनाहिल मलिक और फातिमा जाटोई जैसी अन्य सेलिब्रिटीज भी इसी तरह की डिजिटल साजिश का शिकार हो चुकी हैं। यह मामला अब पूरी तरह कानूनी रूप ले चुका है और FIA (Federal Investigation Agency) की साइबर क्राइम विंग इस पर नजर बनाए हुए है।
अलीना अमीर का यह केस हमें याद दिलाता है कि आज के दौर में इंटरनेट पर दिख रही हर चीज सच नहीं होती। डीपफेक जैसी तकनीक किसी के भी चरित्र पर दाग लगा सकती है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री मरियम नवाज और पाकिस्तानी जांच एजेंसियां इस ‘डिजिटल विलेन’ तक कब तक पहुंच पाती हैं।
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