2025 World Para Athletics चैंपियनशिप के पहले ही दिन भारत के शैलेश कुमार ने एक शानदार प्रदर्शन करके देश का नाम रोशन किया। उन्होंने Men’s High Jump T63 फाइनल में 1.91 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता और चैम्पियनशिप रिकॉर्ड भी तोड़ा। यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक कहानी है—जब भारत ने शुरुआती दिन ही जोरदार संदेश दिया।
संघर्ष से सफलता तक की यात्रा
Shailesh कुमार, जो बिहार के Jamui जिले के Islamnagar गांव से हैं, उन्होंने एक दिलचस्प और संघर्ष से भरी यात्रा तय की है। पैराथलेट में उनकी classification T63 है—जहाँ पैर में above-knee amputation के साथ प्रतियोगिता होती है। उन्होंने 2022 के Asian Para Games में भी 1.82 मीटर की छलांग लगाकर खिताब जीता था।

लेकिन इस जीत की खासियत है कि अब उन्होंने सबसे बड़े स्तर पर—विश्व चैंपियनशिप में—उसी वर्ग में सबसे ऊँची छलांग लगाते हुए भारत को पहला स्वर्ण दिलाया।
फाइनल की रात, जब दिल्ली ने तालियों से गूंजा
जब फाइनल मुकाबले की शुरुआत हुई, दर्शक पूरी तरह मंत्रमुग्ध हो गए। Shailesh ने शांत आत्मविश्वास के साथ बढ़ती ऊँचाइयों को पार किया। जैसे ही वह 1.91 मीटर के पार पहुँचे, स्टेडियम में उपस्थित हर व्यक्ति भावुक हो उठा। भारतीय टीम, उनके साथी खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ—सबने खड़े होकर उसे तालियाँ दीं।

उनकी यह छलांग न सिर्फ स्वर्ण पदक दिलाई, बल्कि यह दिखाती है कि सीमाएँ कितनी भी सख्त हों, इंसान की मेहनत, आत्मविश्वास और जज़्बा उन्हें पार कर सकता है।
यह स्वर्ण पदक भारत के लिए चैंपियनशिप का पहला गोल्ड है। इसने न सिर्फ देशवासियों को गर्व कराया बल्कि अन्य भारतीय पैराथलीट्स को भी विश्वास दिया कि वे भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल कर सकते हैं।
Shailesh कुमार ने मीडिया से कहा
“यह जीत केवल मेरी नहीं है; यह हर उस व्यक्ति की है जिसने यह सपना देखा—जहाँ सीमाएँ हों, वहीं हम उन्हें तोड़ सकें।” उनकी इस सफलता ने पैराथलीट समुदाय में एक नई ऊर्जा पैदा कर दी है—और यह सिर्फ शुरुआत है।
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