Patna NEET Student Suicide Sherghati: पटना में शेरघाटी के छात्र ने लगाई फांसी! कोचिंग का बहाना कर मौत को गले लगाने के 3 दर्दनाक सच

Patna NEET Student Suicide Sherghati

बिहार में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे छात्रों पर पढ़ाई का दबाव जानलेवा बनता जा रहा है। ताज़ा और बेहद दर्दनाक मामला राजधानी पटना से सामने आया है, जहां शेरघाटी के रहने वाले एक छात्र ने फंदे से लटककर अपनी जान दे दी।

मृतक छात्र का नाम सौरभ बताया जा रहा है, जो पिछले कई सालों से नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी कर रहा था। लेकिन परीक्षा का दबाव और असफलता का डर उसके लिए इतना भारी पड़ गया कि उसने अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर ली। ‘News 11 भारत’ की रिपोर्ट के आधार पर ‘ApniVani’ आपको बता रहा है इस खौफनाक घटना का पूरा सच, कि कैसे एक झूठ बोलकर इस छात्र ने मौत को गले लगा लिया।

पटना के फ्लैट में चचेरे भाइयों के साथ रहता था सौरभ

शेरघाटी का रहने वाला सौरभ अपने डॉक्टर बनने के सपने को पूरा करने के लिए राजधानी पटना आया हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, वह पटना में एक फ्लैट लेकर अपने दो चचेरे भाइयों के साथ रह रहा था और नीट की कड़ी तैयारी कर रहा था। शेरघाटी में बैठे परिवार वालों को उम्मीद थी कि उनका बेटा एक दिन डॉक्टर बनकर गांव लौटेगा, लेकिन उन्हें क्या पता था कि पटना से उसके डॉक्टर बनने की खबर नहीं, बल्कि उसके सुसाइड की मनहूस खबर आएगी।

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‘तबीयत खराब है’ का बहाना और फिर उठाया खौफनाक कदम

मंगलवार का दिन इस परिवार के लिए सबसे मनहूस साबित हुआ।

सौरभ ने सुबह अपने चचेरे भाइयों से अचानक कहा कि उसकी तबीयत कुछ खराब लग रही है, इसलिए वह आज कोचिंग नहीं जाएगा। उसके दोनों भाई उसे फ्लैट पर ही छोड़कर कोचिंग चले गए। जब वे कोचिंग से वापस लौटे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सौरभ ने घर में ही फंदे से लटककर अपनी जान दे दी थी। ‘तबीयत खराब है’ का वो बहाना असल में उसका आखिरी फैसला था।

कई सालों से कर रहा था तैयारी, पास न होने का था भारी दबाव

आखिर सौरभ ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया? इसके पीछे का सबसे बड़ा और कड़वा सच है— परीक्षा का मानसिक दबाव।

परिजनों और उसकी मां के अनुसार, सौरभ पिछले कई सालों से लगातार नीट की तैयारी कर रहा था, लेकिन उसे परीक्षा में सफलता नहीं मिल पा रही थी। बार-बार पास न हो पाने के कारण वह भारी मानसिक तनाव और अवसाद (Depression) में चला गया था। इसी सदमे और दबाव के कारण उसने दुनिया को अलविदा कहना ही बेहतर समझा।

Patna NEET Student Suicide Sherghati
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ApniVani का कड़ा संदेश

सौरभ की मौत ने एक बार फिर हमारी शिक्षा व्यवस्था और माता-पिता के लिए एक गंभीर चेतावनी दी है। परीक्षा में पास होना ही जिंदगी की इकलौती सफलता नहीं है। बच्चों पर ‘डॉक्टर’ बनने का लगातार दबाव उन्हें अंदर से तोड़ रहा है। ‘ApniVani’ परिवार इस दुख की घड़ी में सौरभ के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है।

आपकी क्या राय है?

क्या प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार मिल रही असफलता के कारण छात्रों का इस तरह टूट जाना समाज की विफलता है? इसे रोकने के लिए कोचिंग संस्थानों और सरकार को क्या कदम उठाने चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर दें।

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Ara Sahar Murder News: शादी का कार्ड बांटने निकले युवक का रेता गया गला! ‘प्रेम-प्रसंग’ की खौफनाक साजिश के बड़े राज

Ara Sahar Murder News

बिहार के आरा (भोजपुर) जिले में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिस घर में शादी के मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब मातम की चीखें गूंज रही हैं। अगले हफ्ते जिस युवक के सिर पर सेहरा सजने वाला था, कुछ अज्ञात हत्यारों ने धारदार हथियार से उसका गला रेतकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया।

यह खौफनाक वारदात सहार थाना क्षेत्र के नोनउर गांव के बधार (खेतों के इलाके) में हुई है, जहां बुधवार की सुबह युवक का खून से लथपथ शव बरामद किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। ‘ApniVani’ की इस विशेष क्राइम रिपोर्ट में आइए इस रूह कंपा देने वाले हत्याकांड, उस आखिरी फोन कॉल और ‘प्रेम-प्रसंग’ के 4 सबसे बड़े अनसुलझे राज के बारे में विस्तार से जानते हैं।

बेंगलुरु से अपनी शादी के लिए गांव लौटा था युवक

जिस युवक की हत्या हुई है, उसकी जिंदगी के अगले कुछ दिन बहुत खास होने वाले थे।

परिजनों के अनुसार, मृतक युवक बेंगलुरु (Bengaluru) में रहकर काम करता था और अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अगले ही हफ्ते उसकी शादी तय थी, जिसके लिए वह महज दो दिन पहले ही खुशी-खुशी अपने गांव लौटा था। पूरे घर में रिश्तेदारों का आना-जाना शुरू हो गया था और शादी की तैयारियां अपने जोरों पर थीं। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसकी यह वापसी मौत के सफर में बदल जाएगी।

‘कार्ड बांटने जा रहा हूँ’ और वो आखिरी फोन कॉल

मंगलवार के दिन युवक अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को शादी का निमंत्रण देने घर से निकला था।

परिवार वालों का कहना है कि उसे मोबाइल पर किसी का फोन आया था। फोन कटने के बाद उसने घर में बताया कि वह सहार थाना क्षेत्र के ‘नाढ़ी गांव’ में शादी का कार्ड बांटने जा रहा है। वह अपनी बाइक से निकला, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। जब उसका फोन स्विच ऑफ आने लगा, तो परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। और फिर अगली सुबह (बुधवार) नोनउर गांव के बधार से उसका कटा हुआ शव मिलने की मनहूस खबर आई।

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‘प्रेम-प्रसंग’ का खूनी एंगल: साली से शादी का विवाद

आखिर अपनी ही शादी का कार्ड बांट रहे एक बेगुनाह युवक की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती है? यहीं पर इस कहानी का सबसे खतरनाक एंगल सामने आता है।

परिजनों ने सीधा आरोप लगाया है कि इस हत्या के पीछे एक बहुत गहरी और पुरानी साजिश है। जानकारी के अनुसार, गांव के ही एक युवक की ‘साली’ से मृतक की अक्सर फोन पर बातचीत होती थी। दोनों के बीच शादी की बात भी चली थी, लेकिन किसी वजह से वह रिश्ता तय नहीं हो पाया। परिजनों का सख्त आरोप है कि उसी पुरानी रंजिश और ‘प्रेम-प्रसंग’ के विवाद में फोन करके उसे धोखे से बुलाया गया और फिर मौत के घाट उतार दिया गया।

गले पर धारदार हथियार के निशान और पुलिस का एक्शन

घटनास्थल का नजारा बहुत ही वीभत्स था। अपराधियों ने सिर्फ हत्या नहीं की, बल्कि अपना गुस्सा निकालने के लिए धारदार हथियार (जैसे चाकू या रेती) से उसका गला काटा है।

शव मिलने के तुरंत बाद सहार थाना की पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए आरा सदर अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस हत्याकांड को सिर्फ एक एंगल से नहीं देख रहे हैं। प्रेम-प्रसंग के साथ-साथ आपसी रंजिश और कॉल डिटेल्स (CDR) की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि असली हत्यारों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।

ApniVani की बात

आरा में हुई यह वारदात बिहार की कानून-व्यवस्था (Law and Order) और समाज में गिरते मानवीय मूल्यों की एक बहुत ही डरावनी तस्वीर पेश करती है। एक तरफ घर में हल्दी की रस्में चल रही थीं और दूसरी तरफ कुछ दरिंदे मौत की साजिश रच रहे थे। ‘ApniVani’ मांग करता है कि भोजपुर पुलिस इस मामले की त्वरित (Speedy) जांच करे और दोषियों को ऐसी सख्त सजा दे कि फिर कोई किसी के घर की खुशियां इस तरह न उजाड़ सके।

आपकी क्या राय है?

आजकल ‘प्रेम-प्रसंग’ या आपसी रंजिश में इस तरह की खौफनाक हत्याएं आम क्यों हो गई हैं? क्या आपको लगता है कि पुलिस इन हत्यारों को जल्द पकड़ पाएगी? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे सोशल मीडिया पेज पर आकर ज़रूर दें!

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West Bengal Election Phase 1 Voting Live: बंगाल में पहले चरण का महासंग्राम शुरू! 152 सीटों पर वोटिंग जारी, जानें पूरी details

West Bengal Election Phase 1 Voting Live

देश की निगाहें आज सिर्फ और सिर्फ पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं! 294 सीटों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए 2026 के महामुकाबले का आगाज़ हो चुका है। आज, गुरुवार (23 अप्रैल 2026) सुबह 7 बजे से राज्य में पहले चरण (Phase 1) का मतदान कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हो गया है।

इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता पाने की होड़ नहीं है, बल्कि यह तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अस्तित्व और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ‘मिशन बंगाल’ का सबसे बड़ा टेस्ट है। मतदान केंद्रों के बाहर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनें इस बात का सबूत हैं कि बंगाल का वोटर इस बार बदलाव या बचाव के मूड में है। ‘ApniVani’ की इस विशेष पोलिटिकल कवरेज में आइए जानते हैं पहले चरण की वोटिंग से जुड़ी 5 सबसे बड़ी और अहम बातें।

16 जिले और 152 सीटें: दांव पर दिग्गजों की साख

इस बार का चुनाव आयोग (ECI) ने सिर्फ दो चरणों में चुनाव कराने का फैसला किया है।

आज हो रहे पहले चरण में राज्य के 16 जिलों की कुल 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इन 16 जिलों में उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, सिलीगुड़ी, जलपाईगुड़ी, कूचबिहार से लेकर दक्षिण बंगाल के मालदा, मुर्शिदाबाद और नंदीग्राम (पूर्व मेदिनीपुर) जैसे हाई-प्रोफाइल और अति-संवेदनशील इलाके शामिल हैं। इस चरण में कुल 1,478 उम्मीदवारों की किस्मत आज EVM में कैद हो जाएगी।

3.6 करोड़ वोटर करेंगे 44 हजार पोलिंग बूथों पर मतदान

पहले चरण का आंकड़ा बहुत ही विशाल है।

चुनाव आयोग के अनुसार, आज लगभग 3.6 करोड़ (36 मिलियन) मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इसके लिए पूरे राज्य में 44,378 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। चिलचिलाती गर्मी से बचने के लिए चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे सुबह-सुबह ही अपना वोट डाल लें। वोटिंग का समय सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।

‘सुपर-सेंसिटिव’ बूथों पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम

बंगाल चुनावों का इतिहास अक्सर हिंसा से जुड़ा रहा है, इसलिए इस बार चुनाव आयोग कोई भी रिस्क लेने के मूड में नहीं है।

कुल 44 हज़ार बूथों में से 7,384 बूथों को ‘अति-संवेदनशील’ (Super-Sensitive/Critical) घोषित किया गया है। मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष (Free and Fair) बनाने के लिए राज्य में सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) की 2,407 कंपनियां (लगभग 2.4 लाख जवान) तैनात की गई हैं। हर पोलिंग स्टेशन पर वेबकास्टिंग के लिए CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी निगरानी दिल्ली से की जा रही है।

मोबाइल फोन पर पूरी तरह से बैन! (ECI की नई गाइडलाइन)

अगर आप वोट डालने जा रहे हैं, तो यह नियम ज़रूर जान लें।

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि पोलिंग बूथ के अंदर मोबाइल फोन ले जाने या फ़ोटो/वीडियो बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। हालांकि, मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ के बाहर ‘मोबाइल डिपॉजिट फैसिलिटी’ (फ़ोन जमा करने की जगह) बनाई गई है। इसके अलावा, बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर और रैंप जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

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कब आएगा रिजल्ट और दूसरे चरण की वोटिंग?

आज के मतदान के बाद, राज्य की बची हुई 142 सीटों के लिए दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग 29 अप्रैल 2026 को होगी।

बंगाल की जनता ने किसे अपना मुख्यमंत्री चुना है, इसका फाइनल फैसला 4 मई 2026 को मतगणना (Result Day) वाले दिन होगा। तब तक पूरे राज्य में राजनीतिक पारा अपने चरम पर रहेगा।

ApniVani की अपील

लोकतंत्र में आपका एक वोट भी सरकार बनाने या गिराने की ताकत रखता है। ‘ApniVani’ पश्चिम बंगाल के सभी 3.6 करोड़ मतदाताओं से यह अपील करता है कि वे बिना किसी डर या प्रलोभन के, अपने घरों से बाहर निकलें और भारी संख्या में मतदान करें।

आपकी राय: आपको क्या लगता है, इस बार पश्चिम बंगाल में किसका पलड़ा भारी है— ममता दीदी या बीजेपी? अपनी बेबाक राय और अपने क्षेत्र का लाइव माहौल नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ ज़रूर शेयर करें!

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Rohtas School Beef Controversy: सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में मिला 10 किलो बीफ! हेडमास्टर समेत 3 हिरासत में, जानिए खौफनाक सच

Rohtas School Beef Controversy

सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चों को पोषण देने के लिए ‘मिड-डे मील’ (Mid-Day Meal) योजना शुरू की गई थी। नियम के मुताबिक शाकाहारी बच्चों को फल और मांसाहारी बच्चों को हफ्ते में एक दिन अंडा (Egg) देने का प्रावधान है। लेकिन बिहार के रोहतास जिले से एक ऐसी भयावह खबर सामने आई है, जिसने पूरे … Read more

Water Bell Rule in Schools India: दिल्ली में हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं? तपती गर्मी में स्कूलों के लिए तुरंत लागू हों ये 3 कड़े नियम

Water Bell Rule in Schools India

पूरा उत्तर भारत इस वक़्त भयंकर ‘हीटवेव’ (लू) की चपेट में है। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और झारखंड जैसे राज्यों में तापमान 42 डिग्री को पार कर चुका है। ऐसी जानलेवा गर्मी में सबसे ज्यादा अगर कोई पिस रहा है, तो वो हैं हमारे स्कूली बच्चे।

आए दिन खबरें आती हैं कि प्रार्थना (Assembly) के दौरान धूप में खड़े रहने से बच्चे बेहोश होकर गिर रहे हैं। इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने कल (21 अप्रैल 2026) एक ऐसा ऐतिहासिक और शानदार फैसला लिया है, जिसकी तारीफ पूरे देश में हो रही है। लेकिन ‘ApniVani’ का आज यह सबसे बड़ा सवाल है कि जो नियम दिल्ली के बच्चों की जान बचाने के लिए लागू हुआ है, वो बिहार और पूरे देश के स्कूलों में क्यों लागू नहीं होना चाहिए? आइए जानते हैं दिल्ली के वो 3 शानदार नियम, जिनकी आज पूरे देश को सख्त ज़रूरत है।

‘वॉटर बेल’ (Water Bell): हर 45 मिनट में पानी पीने का अलार्म

अक्सर बच्चे पढ़ाई के प्रेशर या खेल-कूद की धुन में पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे उन्हें डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) हो जाता है।

दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने इसका एक बहुत ही नायाब तरीका निकाला है। वहां अब हर 45 से 60 मिनट में स्कूलों में एक खास घंटी बजेगी, जिसे ‘वॉटर बेल’ कहा गया है। यह घंटी बजते ही क्लास के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से अपनी बोतल से पानी पीना होगा।

क्या बिहार और यूपी के ग्रामीण स्कूलों में गर्मी नहीं पड़ती? क्या यहाँ के बच्चों को पानी की ज़रूरत नहीं है? सभी राज्य सरकारों को यह ‘वॉटर बेल’ सिस्टम आज और अभी से अनिवार्य कर देना चाहिए।

‘बडी सिस्टम’ (Buddy System) से होगी बच्चों की निगरानी

गर्मी में चक्कर आना या हीट स्ट्रोक लगना बहुत आम बात है, लेकिन कई बार टीचर का ध्यान हर बच्चे पर नहीं जा पाता।

इसे सुलझाने के लिए दिल्ली के स्कूलों में ‘बडी सिस्टम’ लागू किया गया है। इसके तहत हर बच्चे का एक पार्टनर तय किया गया है। अगर किसी भी बच्चे को घबराहट होती है या पसीना आता है, तो उसका ‘बडी’ (पार्टनर) तुरंत टीचर को जाकर बताएगा। इससे बच्चों में एक-दूसरे की मदद करने की भावना भी बढ़ेगी और किसी अनहोनी को समय रहते टाला जा सकेगा।

खुले मैदान में ‘प्रार्थना’ और ‘पीटी’ (PT) पर लगे पूर्ण प्रतिबंध

ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में आज भी कड़े अनुशासन के नाम पर बच्चों को सुबह-सुबह कड़ी धूप में 20 से 30 मिनट तक प्रार्थना के लिए खड़ा रखा जाता है।

दिल्ली सरकार ने तुरंत प्रभाव से धूप में होने वाली किसी भी आउटडोर असेंबली और फिजिकल एक्टिविटी (खेल-कूद) पर रोक लगा दी है। अब प्रार्थना या तो क्लासरूम के अंदर होगी या फिर बहुत ही कम समय के लिए छांव में कराई जाएगी। हमारे राज्य के शिक्षा विभागों को भी इस नियम को सख्ती से लागू करना चाहिए ताकि धूप से बच्चों की जान जोखिम में न पड़े।

Water Bell Rule in Schools India
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अब वक़्त है आवाज़ उठाने का

सुविधाएं सिर्फ बड़े शहरों के बच्चों का अधिकार नहीं हैं। बिहार, यूपी और देश के हर कोने में पढ़ने वाले बच्चे को इस जानलेवा गर्मी से बचने का पूरा हक़ है। अगर दिल्ली के स्कूल ‘वॉटर बेल’ बजा सकते हैं, तो हमारे स्कूल क्यों नहीं? राज्य सरकारों को बिना किसी देरी के इस दिल्ली मॉडल को पूरे देश में लागू करना चाहिए।

आपकी क्या राय है?

क्या आप भी मानते हैं कि आपके राज्य और शहर के सभी स्कूलों में तुरंत ‘वॉटर बेल’ और ‘बडी सिस्टम’ लागू होना चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में दें और इस पोस्ट को अपने राज्य के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री तक पहुँचाने के लिए व्हाट्सएप (WhatsApp) और फेसबुक पर तूफानी तरीके से शेयर करें!

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Kedarnath Kapat Opening 2026 Live: बस कुछ पलों का इंतज़ार! 15 क्विंटल फूलों से सजा बाबा का दरबार, देखें live

Kedarnath Kapat Opening 2026 Live

“अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल भी उसका क्या बिगाड़े जो भक्त हो महाकाल का!”
अगर आप भी शिव भक्त हैं, तो आज का दिन आपके लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है। सर्दियों के 6 महीने तक भारी बर्फबारी के कारण बंद रहने वाले ग्यारहवें ज्योतिर्लिंग ‘श्री केदारनाथ धाम’ (Sri Kedarnath Dham) के कपाट आज सुबह खुलने जा रहे हैं।

अब से बस कुछ ही देर में पूरे विधि-विधान और सेना के बैंड की धुनों के बीच बाबा का दरबार आम भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा। ‘ApniVani’ की इस ‘Live’ और ब्रेकिंग रिपोर्ट में आइए जानते हैं कपाट खुलने से ठीक पहले मंदिर की भव्य सजावट, मौसम का मिजाज और इस पावन पल की 4 सबसे अद्भुत बातें।

15 क्विंटल ताज़े फूलों से हुआ बाबा का अद्भुत श्रृंगार

कपाट खुलने के इस पावन अवसर के लिए केदारनाथ मंदिर को एक नई नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के अनुसार, मंदिर के प्रांगण और गर्भगृह को सजाने के लिए खास तौर पर ऋषिकेश और देश के अन्य हिस्सों से 15 क्विंटल (1500 किलो) से ज्यादा ताज़े गेंदे और अन्य सुगन्धित फूल मंगवाए गए हैं। बर्फ की सफेद चादर के बीच पीले और नारंगी फूलों से सजा बाबा का मंदिर देखते ही बन रहा है।

रावल जी का प्रवेश और वैदिक मंत्रोच्चार का माहौल

कपाट खोलने की प्रक्रिया कोई साधारण ताला खोलने जैसी नहीं होती, बल्कि यह एक बहुत ही कड़े और पवित्र विधि-विधान का हिस्सा है।
सबसे पहले मुख्य पुजारी (रावल जी) और प्रशासन के आला अधिकारी मंदिर के मुख्य द्वार पर पहुंचेंगे। इसके बाद सेना (Army) की मराठा लाइट इन्फेंट्री और गढ़वाल राइफल्स का बैंड अपनी धुन बजाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ शुभ मुहूर्त में मंदिर का मुख्य ताला खोला जाएगा।

‘पंचमुखी डोली’ ने किया मंदिर में प्रवेश

शीतकाल (सर्दियों) के दौरान बाबा केदार की पूजा उनके शीतकालीन गद्दीस्थल ‘ओंकारेश्वर मंदिर’ ऊखीमठ में होती है।
वहां से बाबा की ‘पंचमुखी उत्सव डोली’ (Utsav Doli) कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करके कल शाम ही केदारनाथ धाम पहुंच चुकी थी। आज कपाट खुलते ही सबसे पहले इसी उत्सव डोली को मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा और उसके बाद बाबा की ‘समाधि पूजा’ संपन्न होगी।

Kedarnath Kapat Opening 2026 Live
Credit – Pilgrimage Tour Packages

माइनस डिग्री तापमान में भी भक्तों का ‘जुनून’

केदारनाथ में इस वक़्त मौसम बहुत ही सर्द है। तापमान माइनस (-2°C से -4°C) में गोते लगा रहा है और पहाड़ों पर ताज़ा बर्फबारी भी हुई है।
लेकिन बाबा के भक्तों के जुनून के आगे यह कड़ाके की ठंड भी हार मान गई है। कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु (Devotees) रात से ही मंदिर के बाहर लाइन में लगकर ‘बम-बम भोले’ के जयकारे लगा रहे हैं। प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा के लिए अलाव और गर्म पानी की पूरी व्यवस्था की है।

ApniVani का संदेश

चार धाम यात्रा (Char Dham Yatra 2026) का यह सबसे अहम पड़ाव आज से शुरू हो रहा है। बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के साथ ही पूरी केदार घाटी एक बार फिर से शिव के रंग में रंग गई है। जो भक्त वहां नहीं पहुंच पाए हैं, वो घर बैठे टीवी और इंटरनेट के माध्यम से इस अद्भुत पल के लाइव दर्शन कर सकते हैं।

‘ApniVani’ परिवार की ओर से सभी देशवासियों को बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने की ढेरों शुभकामनाएं!

ॐ नमः शिवाय! क्या आप भी इस साल बाबा केदारनाथ के दर्शन करने की प्लानिंग कर रहे हैं? कमेंट बॉक्स में ‘हर हर महादेव’ ज़रूर लिखें!

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Mobile Recharge Tariff Hike 2026: Airtel के बाद Jio और Vi ने भी दिया झटका! महंगे रिचार्ज की ये बड़ी बातें खाली कर देंगी जेब

Mobile Recharge Tariff Hike 2026

भारत में इंटरनेट और मोबाइल रिचार्ज कभी दुनिया में सबसे सस्ते हुआ करते थे, लेकिन अब धीरे-धीरे यह आम आदमी की जेब पर भारी पड़ने लगा है। अप्रैल 2026 की शुरुआत से ही टेलीकॉम कंपनियों ने अपने ग्राहकों को जोर का झटका धीरे से देना शुरू कर दिया है।

हाल ही में एयरटेल (Airtel) ने चुपचाप अपने कई शानदार प्लान्स की कीमतों में इज़ाफ़ा कर दिया है। और अगर आप Jio या Vi के यूज़र हैं और सोच रहे हैं कि आप सुरक्षित हैं, तो आप गलत हैं! रिलायंस जियो ने बिना दाम बढ़ाए एक ऐसी ‘छुपी हुई चाल’ चली है जो सीधे आपके बजट पर असर डालेगी। ‘ApniVani’ की इस एक्सक्लूसिव टेक रिपोर्ट में आइए विस्तार से समझते हैं कि इन कंपनियों ने अपने प्लान्स में क्या-क्या बदलाव किए हैं।

Airtel ने खत्म किया 799 का प्लान, 859 वाला भी हुआ महंगा

एयरटेल ने सबसे बड़ा बदलाव अपने 84 दिन की वैलिडिटी (Validity) वाले प्रीपेड पोर्टफोलियो में किया है। पहले 700 से 800 रुपये की रेंज में एयरटेल के पास 799 रुपये का एक शानदार प्लान था, जिसे अब कंपनी ने पूरी तरह से बंद (Remove) कर दिया है।

इसके अलावा, जो प्लान पहले 859 रुपये में आता था (जिसमें 84 दिन के लिए हर दिन 1.5GB डेटा मिलता था), उसकी कीमत चुपचाप बढ़ाकर अब 899 रुपये कर दी गई है। यानी ग्राहकों को सीधे 40 रुपये का नुकसान। सिर्फ देश में ही नहीं, एयरटेल ने अपना 365 दिन वाला ‘ग्लोबल इंटरनेशनल रोमिंग पैक’ भी 4,000 रुपये से बढ़ाकर सीधे 4,999 रुपये का कर दिया है।

Reliance Jio की चाल: पैसे उतने ही, वैलिडिटी कर दी आधी!

रिलायंस जियो ने अपनी कीमत तो नहीं बढ़ाई, लेकिन ग्राहकों के साथ एक बड़ा ‘गेम’ कर दिया है। जियो ने अपने ‘₹195 के क्रिकेट डेटा पैक’ में बड़ा बदलाव किया है। कुछ ही दिन पहले तक जियो के इस 195 रुपये वाले प्लान में ग्राहकों को 90 दिन की वैलिडिटी मिलती थी। लेकिन अब ताज़ा अपडेट के अनुसार, इस 195 रुपये वाले प्लान की वैलिडिटी को घटाकर सीधे 30 दिन कर दिया गया है!

इसका मतलब है कि जहाँ पहले आप 195 रुपये में 3 महीने आराम से डेटा यूज़ करते थे, अब उसी पैसे में आपको सिर्फ 1 महीने की वैलिडिटी मिलेगी। यह एक बहुत ही खतरनाक और छुपा हुआ (Hidden) प्राइस हाइक है।

Vodafone Idea (Vi) ने भी 5G की एंट्री कर दी महंगी

अगर आपको लगता है कि सिर्फ जियो और एयरटेल ही ये काम कर रहे हैं, तो जान लीजिए कि ‘Vi’ भी इस रेस में शामिल हो चुका है।

टेलीकॉम रिपोर्ट्स के अनुसार, Vi ने कई सर्किल्स (States) में अपने अनलिमिटेड 5G डेटा वाले एंट्री-लेवल प्लान की कीमत बढ़ा दी है। जो प्लान पहले 299 रुपये में मिलता था, अब ग्राहकों को उसके लिए 349 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।

कंपनियों की ‘टेस्टिंग’: ये तो सिर्फ शुरुआत है!

टेलीकॉम एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये जो छोटे-छोटे प्लान्स में बदलाव हो रहे हैं, यह सिर्फ एक ‘टेस्टिंग’ है।

कंपनियां यह देखना चाहती हैं कि थोड़े पैसे बढ़ाने या वैलिडिटी कम करने पर ग्राहकों का क्या रिएक्शन होता है। जब ग्राहक इसका विरोध नहीं करते हैं, तो वे इसे धीरे-धीरे सभी बड़े प्लान्स पर लागू कर देती हैं। इसे बाज़ार की भाषा में ‘प्राइस इलास्टिसिटी टेस्टिंग’ (Price Elasticity Testing) कहा जाता है।

Mobile Recharge Tariff Hike 2026

जून 2026 का बड़ा अलर्ट: एक साथ 15% तक महंगे होंगे सभी रिचार्ज!

सबसे डराने वाली खबर अभी बाकी है। मशहूर फाइनेंस और एनालिस्ट फर्म ‘Jefferies’ की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, यह छोटे बदलाव तो सिर्फ झांकी हैं।

आने वाले जून 2026 तक देश की तीनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियां (Jio, Airtel और Vi) एक साथ अपने सभी रिचार्ज प्लान्स में कम से कम 15% से 20% तक की भारी बढ़ोतरी करने जा रही हैं। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण 5G नेटवर्क में किया गया भारी निवेश (Investment) है और रिलायंस जियो का आने वाला IPO है।

ApniVani की बात

कुल मिलाकर यह साफ हो गया है कि अब हमें सस्ते इंटरनेट की आदत छोड़नी पड़ेगी। हर दो साल में रिचार्ज प्लान महंगे होने का जो ट्रेंड है, वो 2026 में पूरी ताकत से वापस आ गया है। ‘ApniVani’ की आपको यही सलाह है कि जून के महीने से पहले ही अगर आप 1 साल (365 दिन) वाला लम्बा रिचार्ज करवा लेते हैं, तो आप आने वाले इस बड़े ‘टैरिफ हाइक’ (Tariff Hike) से खुद को काफी हद तक बचा सकते हैं।

आपकी राय: आप इस वक़्त कौन सी कंपनी का सिम इस्तेमाल कर रहे हैं और आपके मंथली रिचार्ज का बजट क्या है? क्या आपको भी लगता है कि रिचार्ज के दाम अब बहुत ज़्यादा होने लगे हैं? अपनी बेबाक राय नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे सोशल मीडिया पेजेस पर ज़रूर बताएं!

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UP Gehun Kharid 2026: सीएम योगी का बड़ा फैसला! अब बिना ‘रजिस्ट्री’ के भी सरकारी केंद्रों पर बिकेगा गेहूं, जानिए नए नियम

UP Gehun Kharid 2026

अप्रैल का महीना आते ही रबी की फसल की कटाई और मड़ाई का काम अपने चरम पर होता है। साल भर की खून-पसीने की मेहनत के बाद जब किसान अपनी ‘सोने जैसी’ गेहूं की फसल लेकर सरकारी क्रय केंद्रों (Procurement Centers) पर पहुंचता है, तो उसे सबसे ज्यादा डर सर्वर डाउन होने या कागजी कार्रवाई का लगता है।

हाल ही में उत्तर प्रदेश में किसानों को ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) को लेकर भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों के इसी दर्द को समझते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक बेहद सख्त और ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। ‘ApniVani’ की इस विशेष किसान रिपोर्ट में आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया आदेश क्या है और इससे आम किसानों को क्रय केंद्रों पर क्या फायदा मिलने वाला है।

सीएम योगी का मास्टरस्ट्रोक: खत्म हुई ‘रजिस्ट्री’ की बाध्यता

सरकारी क्रय केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं बेचने के लिए अब तक किसानों का ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकृत (Registered) होना अनिवार्य था।

लेकिन नए और ताज़ा आदेश के मुताबिक, सीएम योगी ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर किसी किसान का ‘फार्मर रजिस्ट्री’ पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है, तो भी उसे बैरंग वापस नहीं लौटाया जाएगा। किसान अब सीधे अपना गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर जा सकते हैं और वहां मौजूद अधिकारी बिना किसी देरी के उनका गेहूं तौलेंगे।

आखिर क्यों लेना पड़ा यह बड़ा फैसला? (ग्राउंड रियलिटी)

गेहूं की फसल पककर तैयार है और मंडियों में आवक (Arrival) बहुत तेज़ हो गई है।

पिछले कई दिनों से प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिकायतें आ रही थीं कि ऑनलाइन पोर्टल का सर्वर धीमा चल रहा है। जनसेवा केंद्रों (CSC) पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसानों की लंबी-लंबी लाइनें लग रही थीं। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है। ऐसे में किसानों की फसल खुले में भीग कर खराब न हो जाए, इसे देखते हुए सरकार ने कागजी कार्यवाही को किनारे रखकर सीधे खरीद पर फोकस करने का ‘ऑन द स्पॉट’ आदेश दिया है।

अब कैसे होगी तौल और पहचा न? (नया प्रोसेस)

अगर रजिस्ट्री नहीं है, तो पहचान कैसे होगी? इसके लिए सरकार ने क्रय केंद्र प्रभारियों को नया रास्ता बताया है।

अब किसान अपने साथ सिर्फ अपना आधार कार्ड (Aadhaar Card), बैंक पासबुक की फोटोकॉपी और ज़मीन की खतौनी (Khatauni) लेकर केंद्र पर जा सकते हैं। केंद्र प्रभारी इन दस्तावेजों की मैनुअल जांच करेंगे और ऑन-द-स्पॉट (उसी समय) उनका डेटा दर्ज करके तौल पर्ची काट देंगे। किसी भी अधिकारी को यह अधिकार नहीं होगा कि वह ‘सर्वर नहीं चल रहा’ का बहाना बनाकर किसान को वापस भेजे।

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48 से 72 घंटे में सीधे खाते में आएगा पैसा (DBT Update)

गेहूं बेचने के बाद सबसे बड़ी चिंता पैसे की होती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खरीद प्रक्रिया आसान होने के बावजूद भुगतान (Payment) के नियमों में कोई ढिलाई नहीं होगी।

बिचौलियों और आढ़तियों को दूर रखने के लिए तौल होने के 48 से 72 घंटों के भीतर किसान के उसी बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के ज़रिए MSP का पूरा पैसा भेज दिया जाएगा। जिन किसानों का बैंक खाता आधार से लिंक (Aadhaar Seeded) है, उन्हें पेमेंट में कोई भी रुकावट नहीं आएगी।

ApniVani की अपील

किसानों के हक में लिया गया उत्तर प्रदेश सरकार का यह फैसला सच में काबिले तारीफ है। इससे न सिर्फ बिचौलियों की लूट पर लगाम लगेगी, बल्कि किसान को उसकी मेहनत का पूरा दाम भी समय पर मिलेगा। ‘ApniVani’ सभी किसानों से अपील करता है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अपना गेहूं सरकारी क्रय केंद्रों पर ही बेचें।

शेयर करें: इस ज़रूरी खबर को अपने गांव और पंचायत के हर किसान भाई के व्हाट्सएप (WhatsApp) और फेसबुक ग्रुप में तुरंत शेयर करें, ताकि कोई भी किसान जानकारी के अभाव में अपना गेहूं औने-पौने दाम पर प्राइवेट व्यापारियों को न बेचे!

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Asha Bhosle Death News: नहीं रहीं सुरों की मलिका आशा भोंसले! जानिए निधन का कारण और अंतिम संस्कार की अहम बातें

Asha Bhosle Death News

आज भारतीय संगीत जगत का एक बहुत बड़ा और चमकता हुआ सितारा हमेशा के लिए अस्त हो गया है। अपनी जादुई और शोख आवाज़ से पीढ़ियों को नचाने और रुलाने वाली महान पार्श्व गायिका आशा भोंसले (Asha Bhosle) अब हमारे बीच नहीं रहीं।

रविवार, 12 अप्रैल 2026 की दोपहर को 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ‘ब्रीच कैंडी अस्पताल’ (Breach Candy Hospital) में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनकी बड़ी बहन लता मंगेशकर के बाद आशा ताई का जाना भारतीय सिनेमा के एक पूरे युग (Era) का अंत है। ‘ApniVani’ के इस विशेष श्रद्धांजलि ब्लॉग में आइए जानते हैं उनके निधन का असली कारण, परिवार का आधिकारिक बयान और उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी 5 बड़ी बातें।

कैसे हुआ निधन? (अस्पताल के डॉक्टर का आधिकारिक बयान)

शनिवार (11 अप्रैल) को अत्यधिक थकान और सीने में इन्फेक्शन (Chest Infection) के कारण आशा जी को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था।

शुरुआत में उनकी पोती जनाई भोंसले ने हालत स्थिर बताई थी, लेकिन रविवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। ब्रीच कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी (Dr. Pratit Samdani), जो उनका इलाज कर रहे थे, उन्होंने मीडिया को बताया— “दिल और सांस की गंभीर जटिलताओं के कारण उनका शरीर दवाइयों पर रिस्पोंड नहीं कर रहा था। मल्टी-ऑर्गन फेलियर (Multi-Organ Failure) के कारण आज दोपहर उनका निधन हो गया।”

बेटे आनंद भोंसले ने दी ‘अंतिम संस्कार’ की जानकारी

अपनी माँ के निधन से गहरे सदमे में डूबे उनके बेटे आनंद भोंसले (Anand Bhosle) ने भारी मन से इस खबर की पुष्टि की है।

उन्होंने बताया कि जो फैंस और करीबी लोग आशा ताई के अंतिम दर्शन करना चाहते हैं, वे कल (सोमवार, 13 अप्रैल 2026) सुबह 11 बजे उनके लोअर परेल (Lower Parel) स्थित आवास ‘कासा ग्रांडे’ (Casa Grande) पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं। इसके बाद शाम 4 बजे मुंबई के प्रसिद्ध ‘शिवाजी पार्क’ (Shivaji Park) में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार (Last Rites) किया जाएगा।

10 साल की उम्र में शुरू किया था 7 दशकों का बेमिसाल सफर

8 सितंबर 1933 को सांगली (महाराष्ट्र) में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर जन्मीं आशा जी का सफर संघर्षों से भरा था। उन्होंने महज 10 साल की उम्र में 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाळ’ के गाने ‘चला चला नव बाळा’ से अपना सफर शुरू किया था।

हिंदी सिनेमा में ओ.पी. नैयर (OP Nayyar) और अपने पति आर.डी. बर्मन (RD Burman) के साथ मिलकर उन्होंने ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, और ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसे गानों से बॉलीवुड संगीत की पूरी परिभाषा ही बदल कर रख दी थी। बाद में ‘उमराव जान’ के ‘दिल चीज़ क्या है’ जैसे गज़लों से उन्होंने साबित किया कि वो सिर्फ कैबरे नहीं, बल्कि शास्त्रीय गायन की भी महारथी हैं।

दादासाहेब फाल्के और राष्ट्रीय पुरस्कारों से थीं सम्मानित

अपने 70 साल से भी लंबे करियर में आशा भोंसले ने 20 से अधिक भाषाओं में हजारों गाने गाए थे। संगीत में उनके इस अमूल्य योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें ‘दादासाहेब फाल्के पुरस्कार’ (Dadasaheb Phalke Award) और ‘पद्म विभूषण’ (Padma Vibhushan) जैसे देश के सर्वोच्च सम्मानों से नवाज़ा था। ‘उमराव जान’ और ‘इजाज़त’ (मेरा कुछ सामान) के लिए उन्होंने दो बार ‘नेशनल फिल्म अवार्ड’ भी जीता था।

 Asha Bhosle Death News

देश में शोक की लहर, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

आशा भोंसले के निधन की खबर आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस रो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बॉलीवुड के तमाम छोटे-बड़े सितारों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। ममता बनर्जी ने ‘X’ पर लिखा— “वो एक महान म्यूजिकल जीनियस थीं, जिन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों पर राज किया।”

ApniVani की भावभीनी श्रद्धांजलि (Conclusion)

आवाज़ कभी मरती नहीं है! आशा भोंसले जी भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच से चली गई हों, लेकिन उनकी शोख, दर्द भरी और ऊर्जा से लबालब आवाज़ सदियों तक हमारे कानों में गूंजती रहेगी। भारतीय संगीत के इस सबसे चमकते सितारे को ‘ApniVani’ परिवार की ओर से अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि! ॐ शांति! 🙏

आपकी श्रद्धांजलि: आशा ताई का वो कौन सा एक गाना है जो आपके दिल के सबसे करीब है और जिसे आप कभी नहीं भूल पाएंगे? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने पसंदीदा गाने का नाम लिखकर भारत की इस महान बेटी को अपनी अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि ज़रूर दें।

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Asha Bhosle Health Update 2026: ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती ‘सुरों की मलिका’! जानिए अभी कैसी है तबियत

Asha Bhosle Health Update 2026

भारतीय सिनेमा और संगीत जगत की सबसे महान और प्रतिष्ठित आवाज़ों में से एक, लेजेंड्री सिंगर आशा भोंसले (Asha Bhosle) की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। 11 अप्रैल 2026 (शनिवार) की रात को उन्हें मुंबई के प्रसिद्ध ‘ब्रीच कैंडी अस्पताल’ (Breach Candy Hospital) में इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया।

जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर तरह-तरह की अफवाहें फैलने लगीं, जिससे उनके फैंस काफी घबरा गए। ‘ApniVani’ के इस विशेष हेल्थ बुलेटिन ब्लॉग में हम आपको झूठी अफवाहों से दूर रखते हुए, आशा ताई की सेहत का एकदम असली और सबसे ताज़ा अपडेट (Latest Update) देने जा रहे हैं।

अस्पताल में भर्ती होने की असली वजह क्या है?

शुरुआती रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि 92 साल की आशा भोंसले को ‘कार्डियक अरेस्ट’ (Cardiac Arrest) या दिल का दौरा पड़ा है। लेकिन यह पूरी तरह से सच नहीं था।

असल में, बुढ़ापे और लगातार काम के कारण उन्हें ‘अत्यधिक थकान’ (Extreme Exhaustion) और ‘चेस्ट इन्फेक्शन’ (Chest Infection) की गंभीर शिकायत हुई थी, जिसके बाद सांस लेने में हल्की तकलीफ के चलते एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

Asha Bhosle Health Update 2026

पोती ‘जनाई भोंसले’ ने बताई पूरी सच्चाई

अफवाहों को शांत करने के लिए उनकी पोती और उभरती हुई सिंगर जनाई भोंसले (Zanai Bhosle) ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘X’ (पहले Twitter) और इंस्टाग्राम पर एक ऑफिशियल बयान जारी किया।

जनाई ने लिखा— “अत्यधिक थकान और चेस्ट इन्फेक्शन के कारण मेरी दादी आशा भोंसले को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इलाज चल रहा है और हमें उम्मीद है कि सब कुछ जल्द ही ठीक हो जाएगा। हम सकारात्मक खबर के साथ आपको अपडेट करेंगे।” इसके साथ ही उन्होंने मीडिया से परिवार की निजता (Privacy) का सम्मान करने की भी अपील की।

‘इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज’ (EMS) में चल रहा इलाज

ताज़ा मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, डॉ. प्रतीत समदानी (Dr. Pratit Samdani) और सीनियर डॉक्टर्स की एक पूरी टीम 24 घंटे उनकी सेहत पर निगरानी रखे हुए है। आशा भोंसले जी को फिलहाल ‘इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज’ (EMS) यूनिट में रखा गया है। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि उनकी हालत स्थिर (Stable) है और इलाज का असर दिख रहा है, लेकिन उम्र को देखते हुए उन्हें अभी कुछ दिन और अस्पताल में ही ऑब्जरवेशन में रखा जाएगा।

Narendra Modi - Asha Bhosle Health Update 2026

पीएम मोदी समेत कई दिग्गजों ने की प्रार्थना

आशा ताई की तबीयत खराब होने की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी तुरंत सोशल मीडिया पर चिंता व्यक्त की और उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना की। महाराष्ट्र के कई बड़े नेता और बॉलीवुड के सितारे भी लगातार अस्पताल प्रशासन से उनका हालचाल ले रहे हैं।

ApniVani की बात

अपनी जादुई आवाज़ से ‘पिया तू अब तो आजा’ से लेकर ‘चुरा लिया है तुमने’ जैसे गानों को अमर बनाने वाली आशा ताई आज भी हम सभी के दिलों पर राज करती हैं। 92 साल की उम्र में भी उनका जज़्बा बेमिसाल है। ‘ApniVani’ की पूरी टीम और हमारे सभी पाठकों की ओर से हम प्रार्थना करते हैं कि आशा भोंसले जी जल्द से जल्द पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट आएं।

आपकी राय: आशा भोंसले जी का आपका सबसे पसंदीदा गाना (Favorite Song) कौन सा है? नीचे कमेंट बॉक्स में अपने पसंदीदा गाने का नाम लिखें और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करें। ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर जुड़े रहें!

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