BOX OFFICE CLASH 2025 : “कांतारा चैप्टर 1” ने मचाई सुनामी, “सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी” पीछे छूटी

BOX OFFICE

गांधी जयंती के मौके पर BOX OFFICE पर एक बड़ा सिनेमाई टकराव देखने को मिला। एक तरफ ऋषभ शेट्टी की बहुप्रतीक्षित फिल्म “कांतारा चैप्टर 1” रिलीज़ हुई, जो उनकी 2022 की ब्लॉकबस्टर कांतारा का प्रीक्वल है। वहीं दूसरी तरफ वरुण धवन और जाह्नवी कपूर की रिफ्रेशिंग रोमांटिक कॉमेडी “सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी” ने पर्दे पर दस्तक दी। दोनों फिल्मों की शैलियाँ पूरी तरह अलग हैं—एक पौराणिक थ्रिलर और दूसरी हल्की-फुल्की रोमांटिक ड्रामा। लेकिन पहले दिन की कमाई ने साफ कर दिया कि दर्शकों की पहली पसंद कौन सी रही।

“कांतारा चैप्टर 1” की रिकॉर्डतोड़ ओपनिंग

ऋषभ शेट्टी की कांतारा चैप्टर 1 ने रिलीज़ के पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने ₹53 करोड़ से ₹65.3 करोड़ के बीच की कमाई दर्ज की। जबकि कई ट्रेड एनालिस्ट्स ने फिल्म का नेट कलेक्शन लगभग ₹60 करोड़ बताया। सिर्फ पहले ही शो में फिल्म ने ₹37.73 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था। हिंदी वर्जन ने अकेले ₹19-22 करोड़ की कमाई की, जो बेहद प्रभावशाली है।

यह ओपनिंग 2025 की कई बड़ी फिल्मों जैसे अजय देवगन की छावा (₹31 करोड़) और सलमान खान की सिकंदर (₹26 करोड़) को पीछे छोड़ चुकी है। ट्रेड पंडितों का मानना है कि “कांतारा चैप्टर 1” न केवल साउथ में बल्कि पूरे भारत में ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बनने की क्षमता रखती है।

BOX OFFICE

फिल्म की ऑक्युपेंसी भी बेहद मजबूत रही

  • सुबह के शो : 25-30%
  • दोपहर तक : 40-45%
  • शाम को : कई जगह हाउसफुल

कहानी और USP

कांतारा चैप्टर 1″ की सबसे बड़ी ताकत इसका पौराणिक एंगल और ऋषभ शेट्टी का दमदार अभिनय है। लोककथाओं, रहस्य और धार्मिक आस्था पर आधारित यह फिल्म बड़े पैमाने पर बनाई गई है। शानदार सिनेमैटोग्राफी, बैकग्राउंड स्कोर और कच्चे-खरे प्रदर्शन ने दर्शकों को थिएटर तक खींच लाने में अहम भूमिका निभाई।

“सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी” – ठोस लेकिन सीमित शुरुआत

वरुण धवन और जाह्नवी कपूर स्टारर यह रोमांटिक कॉमेडी भी दर्शकों के बीच चर्चा में रही। फिल्म ने पहले दिन ₹9.25 करोड़ की नेट कमाई की। इस आंकड़े ने इसे 2025 की दूसरी सबसे बड़ी रोमांटिक ओपनिंग बना दिया, जो सैयारा (₹22 करोड़) के बाद दूसरे नंबर पर है। सुबह की ऑक्युपेंसी केवल 14.77% रही, लेकिन शाम तक यह बढ़कर 43.65% हो गई। औसतन फिल्म ने 34.08% ऑक्युपेंसी दर्ज की।

फिल्म की हल्की-फुल्की कहानी, वरुण-जाह्नवी की कैमिस्ट्री और म्यूज़िकल टच ने यंगस्टर्स को थिएटर तक खींचा। समीक्षकों ने भी इसे “फैमिली एंटरटेनर” बताया है, जिससे उम्मीद है कि वीकेंड पर इसमें उछाल देखने को मिलेगा।

BOX OFFICE

मुकाबले का नतीजा

पहले दिन की तस्वीर साफ है :

कांतारा चैप्टर 1: ₹60 करोड़ (लगभग)

सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी: ₹9.25 करोड़

यानी दोनों फिल्मों के बीच ₹50 करोड़ से ज्यादा का अंतर रहा। ऋषभ शेट्टी की फिल्म जहां रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बना रही है, वहीं वरुण धवन की फिल्म को दर्शकों से स्थिर लेकिन सीमित रिस्पॉन्स मिला।

ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि: “कांतारा चैप्टर 1” अगले कुछ दिनों में ₹100 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है। “सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी” के लिए वीकेंड बेहद अहम होगा, क्योंकि इसे फैमिली और अर्बन ऑडियंस से सपोर्ट मिल सकता है।

दर्शकों और समीक्षकों की प्रतिक्रिया

कांतारा चैप्टर 1 को “मास्टरपीस”, “स्पिरिचुअल एक्सपीरियंस” और “नेक्स्ट लेवल सिनेमा” जैसे टैग मिल रहे हैं। सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी को “लाइट-हार्टेड एंटरटेनर” कहा गया है, जो रिलेटेबल और मज़ेदार है |

इस बॉक्स ऑफिस क्लैश में पहले दिन का विजेता बिना किसी शक के “कांतारा चैप्टर 1” है। ऋषभ शेट्टी की फिल्म ने एक सुनामी ला दी है और इसे 2025 की सबसे बड़ी ओपनिंग देने वाली फिल्म करार दिया जा रहा है। वहीं, “सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी” ने ठोस शुरुआत की है, लेकिन “कांतारा” के तूफान के सामने उसकी कमाई फीकी पड़ गई।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या वरुण-जाह्नवी की फिल्म माउथ पब्लिसिटी के दम पर अपनी पकड़ मज़बूत कर पाएगी, या फिर “कांतारा चैप्टर 1” बॉक्स ऑफिस पर लंबी दौड़ लगाकर नया इतिहास रचेगी।

Read more

शाहरुख खान बने World’s Richest Actor : $1.4 Billion (₹12,490 करोड़) Net Worth से बादशाह ने रचा नया इतिहास

World's Richest Actor

बॉलीवुड के “किंग खान” यानी शाहरुख खान ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। HURUN इंडिया रिच लिस्ट 2025 के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, शाहरुख खान अब दुनिया के सबसे अमीर अभिनेता (World’s Richest Actor) बन चुके हैं। उनकी कुल संपत्ति $1.4 Billion (लगभग ₹12,490 करोड़) आंकी गई है। इस उपलब्धि के साथ शाहरुख ने हॉलीवुड और म्यूज़िक इंडस्ट्री के कई बड़े नामों को पीछे छोड़ दिया है और पहली बार अरबपतियों (Billionaires) की क्लब में एंट्री की है।

हॉलीवुड और ग्लोबल एंटरटेनर्स को पछाड़ा

59 वर्षीय शाहरुख खान ने न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि पूरी दुनिया के मनोरंजन जगत में अपना दबदबा साबित किया है। उन्होंने अमेरिकी पॉप सेंसेशन टेलर स्विफ्ट ($1.3 Billion / ₹11,610 करोड़) को पीछे छोड़ा। हॉलीवुड स्टार्स टॉम क्रूज़, अर्नोल्ड श्वार्ज़नेगर और कॉमेडी आइकन जेरी सीनफेल्ड की संपत्ति भी लगभग $1.2 Billion (₹10,720 करोड़) है, जिन्हें शाहरुख ने मात दी है। इस तरह, शाहरुख खान सिर्फ एशिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के No.1 एंटरटेनर बन गए हैं।

World's Richest Actor

शाहरुख खान की दौलत का साम्राज्य

शाहरुख की नेटवर्थ सिर्फ फिल्मों से नहीं आई है। उनका साम्राज्य फिल्मों, बिज़नेस, स्पोर्ट्स और ब्रांड्स पर फैला हुआ है।

  1. रेड चिलीज एंटरटेनमेंट : 2002 में लॉन्च किया गया उनका प्रोडक्शन हाउस अब भारत का सबसे बड़ा स्टूडियो माना जाता है। इस कंपनी ने न सिर्फ ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं बल्कि VFX और डिजिटल कंटेंट में भी बड़ा नाम कमाया है|
  2. कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) : शाहरुख इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की सफल फ्रेंचाइज़ी कोलकाता नाइट राइडर्स के सह-मालिक हैं। KKR की ब्रांड वैल्यू हजारों करोड़ की है और यह उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा है।
  3. ब्रांड एंडोर्समेंट्स : शाहरुख खान 40 से ज्यादा ब्रांड्स के एंबेसडर रहे हैं, जिनमें लक्ज़री घड़ियों से लेकर कार और मोबाइल तक शामिल हैं। उनकी ब्रांड वैल्यू भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मशहूर है।
  4. रियल एस्टेट निवेश : मुंबई का मन्नत (₹200 करोड़ से ज्यादा), दुबई में पाम जुमेराह विला, लंदन और लॉस एंजिलिस में प्रॉपर्टीज—ये सब उनकी नेटवर्थ को और मजबूत बनाते हैं।

बॉलीवुड के अन्य अमीर सितारे

लिस्ट में शाहरुख खान के बाद भी बॉलीवुड के कई नाम शामिल हैं।

  • जूही चावला और परिवार – ₹7,790 करोड़
  • ऋतिक रोशन – ₹2,160 करोड़ (उनका फिटनेस ब्रांड HRX बड़ा योगदान देता है)
  • करण जौहर – ₹1,880 करोड़
  • बच्चन परिवार – ₹1,630 करोड़

इन सभी के बावजूद शाहरुख खान उनसे कई गुना आगे हैं और इंडस्ट्री में बेजोड़ बादशाह बने हुए हैं।

World's Richest Actor

SRK की उपलब्धि क्यों खास है?

जहाँ भारत के उद्योगपति अंबानी और अडानी जैसे नाम बिज़नेस की दुनिया पर राज कर रहे हैं, वहीं एक फिल्म अभिनेता का अरबपतियों की लिस्ट में शामिल होना भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की ताकत को दिखाता है।

करीब 30 साल के करियर में शाहरुख खान ने रोमांस से लेकर एक्शन और ड्रामा तक हर तरह की फिल्में की हैं। उन्होंने दुनियाभर में भारतीय सिनेमा को एक अलग पहचान दिलाई है। और अब, $1.4 Billion (₹12,490 करोड़) की नेटवर्थ के साथ उन्होंने यह साबित कर दिया है कि क्यों उन्हें “किंग खान” कहा जाता है।

यह सिर्फ शाहरुख खान की सफलता नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा की भी जीत है। आज भारत का एक स्टार दुनिया का सबसे अमीर अभिनेता बनकर ग्लोबल एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में भारतीय फिल्मों की ताकत का ऐलान कर रहा है।

Read more

Huajiang Grand Canyon Bridge : चीन का इंजीनियरिंग चमत्कार जिसने नामुमकिन को मुमकिन किया

Huajiang Grand Canyon Bridge

दुनिया की सबसे ऊँची पुल का खिताब अब चीन के गुइझोऊ (Guizhou) प्रांत के Huajiang Grand Canyon Bridge के नाम है। तीन साल में तैयार हुई यह इंजीनियरिंग उपलब्धि न सिर्फ तकनीकी कौशल का प्रतीक है बल्कि मानव धैर्य और नवाचार का भी एक शानदार उदाहरण है। लगभग 283 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 2,360 करोड़ रुपये) की लागत से बने इस पुल ने उन बाधाओं को पार किया जिन्हें कभी असंभव माना जाता था।

कठिन भूगोल और चुनौतियाँ

गुइझोऊ का क्षेत्र अपने करास्ट (karst) परिदृश्य और गहरी घाटियों के लिए जाना जाता है। यहाँ की ढलानें बेहद खड़ी हैं और हवाएँ अक्सर तूफ़ानी रफ्तार से बहती हैं। इंजीनियरों को पुल की नींव डालते समय सिर्फ संरचना ही नहीं, बल्कि तापमान तक को नियंत्रित रखना पड़ा। विशालकाय कंक्रीट डालने के दौरान ज़रा सी असमानता पूरी संरचना को प्रभावित कर सकती थी।

प्रोजेक्ट मैनेजर वू झाओमिंग, जो Guizhou Transportation Investment Group से जुड़े हैं, ने कहा: “टीम को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कंक्रीट डालते समय तापमान को स्थिर रखना, खड़ी घाटियों को मजबूत करना और क्षेत्र की बदनाम तेज़ हवाओं से निपटना सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल था।”

Huajiang Grand Canyon Bridge

अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल

इस पुल का निर्माण पारंपरिक तकनीकों से संभव नहीं था। प्रोजेक्ट टीम ने कई अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकों का सहारा लिया, जिनमें शामिल हैं:

  • सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम, ताकि पुल के हर हिस्से को मिलीमीटर-लेवल सटीकता के साथ जोड़ा जा सके।
  • ड्रोन तकनीक, जो कठिन इलाकों में सर्वेक्षण और निगरानी के लिए इस्तेमाल हुई।
  • स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम, जिससे रियल-टाइम डाटा मिल सके और संरचना की मजबूती की पुष्टि होती रहे।
  • अल्ट्रा-हाई-स्ट्रेंथ मटीरियल्स, जो सामान्य स्टील और कंक्रीट से कहीं अधिक ताकतवर हैं और अत्यधिक ऊँचाई पर भी स्थिरता बनाए रखते हैं।

इंजीनियरिंग उपलब्धियाँ और पेटेंट

Huajiang Grand Canyon Bridge ने अपने डिजाइन और निर्माण तकनीकों के दम पर 21 पेटेंट हासिल किए हैं। इनमें सबसे अहम है पुल का एंटी-विंड रेसिस्टेंस डिजाइन, जो 2,000 फीट से भी अधिक ऊँचाई पर तेज़ हवाओं को झेल सकता है। यही नहीं, इस प्रोजेक्ट में विकसित कई नई तकनीकों को अब चीन के राष्ट्रीय ब्रिज कंस्ट्रक्शन मानकों में शामिल कर लिया गया है।

सुरक्षा और परीक्षण

ट्रैफिक के लिए खोलने से पहले पुल को कठोर परीक्षणों से गुज़ारा गया। इसमें 96 ट्रकों को, जिनका कुल वजन 3,300 टन था, अलग-अलग हिस्सों पर खड़ा किया गया ताकि संरचना पर दबाव और संतुलन को परखा जा सके। साथ ही, 400 से अधिक सेंसर लगाए गए, जो हर छोटी से छोटी हलचल और दबाव को मॉनिटर करते रहे। इन सभी परीक्षणों ने यह सुनिश्चित किया कि पुल आने वाले दशकों तक सुरक्षित और स्थिर बना रहेगा।

आर्थिक और सामाजिक महत्व

इस पुल का सबसे बड़ा फायदा स्थानीय लोगों को मिला है। पहले जहां घाटी को पार करने में दो घंटे लगते थे, वहीं अब यह दूरी महज़ दो मिनट में पूरी की जा सकती है। इसे स्थानीय मीडिया ने मज़ाकिया अंदाज में “Faster than making Maggi” कहकर प्रचारित किया।

तेज़ कनेक्टिविटी से न सिर्फ यात्रा का समय घटेगा, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी नई उड़ान मिलेगी। गुइझोऊ, जो अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए जाना जाता है, अब देश-विदेश के और भी अधिक सैलानियों को आकर्षित कर सकेगा।

Huajiang Grand Canyon Bridge

वैश्विक प्रभाव और प्रतिष्ठा

Huajiang Grand Canyon Bridge ने चीन को एक बार फिर साबित किया है कि वह आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर इंजीनियरिंग में दुनिया से आगे है। इससे पहले चीन ने कई रिकॉर्ड-तोड़ पुल बनाए हैं, लेकिन यह प्रोजेक्ट सबसे अलग है। यह न सिर्फ दुनिया का सबसे ऊँचा पुल है बल्कि यह उन तमाम शंकाओं को भी दूर करता है कि क्या करास्ट परिदृश्य जैसी कठिन ज़मीन पर इतने बड़े पैमाने की संरचना संभव है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसे “Engineering Marvel” और “Symbol of Human Ingenuity” जैसे विशेषणों से नवाज़ा है।

भविष्य के लिए प्रेरणा

यह पुल सिर्फ एक यातायात परियोजना नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए प्रेरणा है। यह दिखाता है कि सही तकनीक, धैर्य और टीमवर्क से कोई भी चुनौती असंभव नहीं है। साथ ही, इसने दुनिया भर के इंजीनियरों और आर्किटेक्ट्स को यह सिखाया है कि पर्यावरणीय और भौगोलिक बाधाओं को किस तरह नवाचार से हराया जा सकता है।

Huajiang Grand Canyon Bridge आधुनिक इंजीनियरिंग का ऐसा चमत्कार है जिसने दुनिया को दिखा दिया कि इंसान के लिए कोई ऊँचाई बहुत ज़्यादा नहीं होती। गहरी घाटियों और तेज़ हवाओं के बीच खड़ा यह पुल सिर्फ लोहे और कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि मानव जज़्बे और तकनीकी क्षमता का जिंदा सबूत है। यह न केवल गुइझोऊ प्रांत को बल्कि पूरे चीन को गर्व की एक नई वजह दे रहा है।

Read more

G.S.T काउंसिल का बड़ा फैसला : छोटे वाहनों को मिली राहत, SUV और लग्ज़री गाड़ियों पर बढ़ा टैक्स, कीमतों पर साफ असर

G.S.T काउंसिल

भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए G.S.T काउंसिल ने 22 सितंबर 2025 से लागू होने वाला नया टैक्स स्ट्रक्चर घोषित किया है। यह फैसला 56वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया गया और इसे भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। नए नियमों के तहत जहां छोटे वाहनों और 350cc तक की बाइकों पर टैक्स घटाकर 18% कर दिया गया है, वहीं बड़ी कारों, एसयूवी, लग्ज़री व्हीकल्स, प्रीमियम बाइक्स और निजी याट्स/एयरक्राफ्ट पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।

सरकार का मकसद इस बदलाव के जरिए दोहरा है—एक ओर आम जनता को राहत देकर छोटे वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देना, और दूसरी ओर लग्ज़री व उच्च क्षमता वाले वाहनों से अतिरिक्त राजस्व अर्जित करना।

छोटे वाहनों पर राहत

मध्यम वर्ग और ग्रामीण इलाकों में सबसे ज़्यादा मांग रखने वाले छोटे वाहनों और बाइकों को इस बार सबसे बड़ी राहत दी गई है। पेट्रोल, CNG या LPG कारें जिनकी इंजन क्षमता 1200cc तक है और लंबाई 4,000 मिमी से कम है, अब केवल 18% जीएसटी स्लैब में आएंगी। वहीं डीज़ल इंजन वाली गाड़ियाँ जिनकी क्षमता 1500cc तक है और लंबाई 4,000 मिमी से कम है, वे भी इसी दायरे में रहेंगी। यही नियम 350cc तक की मोटरसाइकिलों पर भी लागू होगा।

G.S.T काउंसिल

पहले इन वाहनों पर 28% जीएसटी के साथ 1% से 22% तक का अतिरिक्त सेस (Cess) भी लगाया जाता था। यानी कुल टैक्स बोझ काफी अधिक था। अब टैक्स घटाकर सीधे 18% कर दिए जाने से गाड़ियों की एक्स-शोरूम प्राइस कम हो जाएगी और इसका सीधा असर ऑन-रोड प्राइस पर भी दिखेगा। रोड टैक्स और इंश्योरेंस जैसे चार्ज बेस प्राइस पर ही कैलकुलेट होते हैं, इसलिए उपभोक्ता को कुल मिलाकर बड़ी राहत मिलेगी।

SUV और लग्ज़री वाहनों पर बढ़ा टैक्स

इसके विपरीत बड़ी कारों, एसयूवी और लग्ज़री वाहनों पर टैक्स दर बढ़ा दी गई है। अब 1200cc से ऊपर की पेट्रोल/हाइब्रिड गाड़ियाँ, 1500cc से ऊपर की डीज़ल गाड़ियाँ और 4,000 मिमी से ज्यादा लंबाई वाली कारें 40% जीएसटी स्लैब में आएंगी। यही नियम 350cc से अधिक इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों, निजी याट्स और पर्सनल एयरक्राफ्ट पर भी लागू होगा।

G.S.T काउंसिल

हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि कई एसयूवी जैसे Hyundai Creta, Kia Seltos और Tata Harrier पहले 28% जीएसटी के साथ 22% तक का सेस झेलती थीं। यानी उनका टैक्स बोझ लगभग 50% तक पहुँच जाता था। अब फ्लैट 40% टैक्स लगाए जाने से इन गाड़ियों की कीमतें पहले से कुछ कम हो सकती हैं। यानी एसयूवी खरीदारों के लिए यह पूरी तरह से नकारात्मक खबर नहीं है।

इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर कोई बदलाव नहीं

सरकार ने अपनी ई-मोबिलिटी नीति को आगे बढ़ाते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स दर को 5% पर ही बरकरार रखा है। यह संकेत है कि सरकार चाहती है लोग इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर और तेज़ी से बढ़ें।

उद्योग और ग्राहकों पर असर

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री ने इस कदम का स्वागत किया है। इंडस्ट्री का मानना है कि छोटे वाहनों और टू-व्हीलर्स की कीमत घटने से बिक्री में तेज़ी आएगी, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में जहां इस तरह की गाड़ियों की सबसे ज़्यादा मांग रहती है।

त्योहारी सीजन से ठीक पहले यह फैसला आने से बिक्री में उछाल आने की संभावना है। मारुति सुज़ुकी, टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प और बजाज जैसी कंपनियों को इससे सबसे अधिक फायदा होगा। वहीं, लग्ज़री गाड़ियों और प्रीमियम बाइक्स बनाने वाली कंपनियों को टैक्स बढ़ने से कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि प्रीमियम ग्राहक वर्ग पर कीमतों का बहुत अधिक असर आमतौर पर नहीं पड़ता।

कार पार्ट्स और सर्विस पर असर

जीएसटी काउंसिल ने सभी कार पार्ट्स और एक्सेसरीज़ पर टैक्स दर को भी 18% पर ला दिया है। इससे पहले अलग-अलग पार्ट्स पर अलग-अलग टैक्स दरें लागू थीं, जो कंपनियों और ग्राहकों दोनों के लिए जटिलता पैदा करती थीं। अब इस फैसले से सर्विस और रिपेयरिंग का खर्च कुछ हद तक कम हो सकता है।

लोकप्रिय गाड़ियों और बाइकों की अनुमानित नई कीमतें

इस टैक्स बदलाव का सीधा असर लोकप्रिय कारों और बाइकों की कीमतों पर भी दिखेगा। अनुमान के मुताबिक, छोटे वाहनों और 350cc तक की बाइकों की कीमतों में ₹50,000 से लेकर ₹1 लाख तक की कटौती हो सकती है। वहीं एसयूवी और बड़ी गाड़ियों पर पहले जितना टैक्स बोझ था, उसमें कुछ कमी आई है, जिससे उनकी कीमतें औसतन 10–12% तक घट सकती हैं।

G.S.T काउंसिल

उदाहरण के लिए, Maruti Swift की एक्स-शोरूम कीमत करीब ₹6.5 लाख है। पुराने टैक्स स्लैब में इसकी कीमत पर 28% टैक्स लगता था, लेकिन अब 18% स्लैब में आने से कीमत ₹5.9–6.1 लाख तक आ सकती है। Hyundai i20 की कीमत ₹7.5 लाख से घटकर ₹6.8–7.0 लाख तक जा सकती है। इसी तरह Tata Punch की कीमत भी करीब ₹40,000–50,000 तक कम हो सकती है।

बाइकों की बात करें तो Hero Splendor Plus की मौजूदा कीमत करीब ₹80,000 है। नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद यह ₹72,000–74,000 तक आ सकती है। Honda Shine (₹90,000) की कीमत भी घटकर ₹81,000–83,000 तक हो सकती है। Royal Enfield Classic 350 (₹2 लाख) की कीमत 18% टैक्स स्लैब में आने के बाद ₹1.8–1.85 लाख तक पहुँच सकती है।

बड़ी गाड़ियों और बाइकों के मामले में

Hyundai Creta (₹12 लाख) अब लगभग ₹11–11.3 लाख तक आ सकती है। Kia Seltos (₹13 लाख) की कीमत ₹12–12.3 लाख तक हो सकती है। Tata Harrier (₹15 लाख) अब ₹13.8–14.2 लाख तक मिल सकती है। Royal Enfield Interceptor 650 (₹3.2 लाख) की कीमत घटकर ₹2.9–3.0 लाख तक हो सकती है। यहां तक कि Toyota Fortuner (₹35 लाख) भी करीब ₹32–32.5 लाख में मिल सकती है।

निष्कर्ष

G.S.T काउंसिल का यह फैसला भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है। छोटे वाहनों और बाइकों पर टैक्स घटाकर जहां आम उपभोक्ता की जेब हल्की की गई है, वहीं बड़ी और लग्ज़री गाड़ियों पर टैक्स बढ़ाकर सरकार ने राजस्व में संतुलन बनाने की कोशिश की है। इलेक्ट्रिक वाहनों को सस्ती श्रेणी में बनाए रखना सरकार की ई-मोबिलिटी प्राथमिकताओं को दर्शाता है। आने वाले महीनों में इसका असर बिक्री और उपभोक्ता मांग पर साफ नज़र आएगा। छोटे वाहनों और टू-व्हीलर्स की बिक्री में बढ़ोतरी तय मानी जा रही है, जबकि लग्ज़री गाड़ियों पर इसका असर सीमित ही रहेगा। कुल मिलाकर यह कदम ऑटो सेक्टर को नई ऊर्जा देने वाला साबित हो सकता है।

Read more

इंडिया-ए की शानदार शुरुआत, पहले वनडे में ऑस्ट्रेलिया-ए को 171 रनों से हराकर पाई बड़ी जीत

इंडिया-ए

ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में इंडिया-ए टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया-ए को 171 रनों से मात दी। यह जीत न केवल टीम के आत्मविश्वास को बढ़ाने वाली साबित हुई, बल्कि सीरीज़ की बेहतरीन शुरुआत भी रही।

भारतीय बल्लेबाजों का दमदार प्रदर्शन

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंडिया-ए टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। सलामी बल्लेबाज प्रियांश आर्य (131 रन) और कप्तान श्रेयस अय्यर (107 रन) ने शतकीय पारियां खेलकर टीम को मज़बूत आधार दिया। दोनों ने बेहतरीन साझेदारी करते हुए विपक्षी गेंदबाजों की एक न चलने दी।

इसके अलावा रियान पराग (52 रन) और आयुष बडोनी (50 रन) ने भी तेज़तर्रार अर्धशतक जमाए। इन सबके दम पर भारत-ए ने 50 ओवर में 8 विकेट खोकर 398 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

ऑस्ट्रेलिया-ए की कमजोर बैटिंग

398 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया-ए की टीम शुरुआत से ही दबाव में नज़र आई। भारतीय गेंदबाजों ने लगातार विकेट चटकाते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी टीम 41 ओवर में 227 रन पर ऑल आउट हो गई और भारत ने मैच 171 रनों से अपने नाम कर लिया।

इंडिया-ए

गेंदबाजों में निशांत सिंधु का जलवा

भारत की जीत में गेंदबाजों का योगदान भी कम नहीं रहा। निशांत सिंधु ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके और विपक्षी टीम की रीढ़ तोड़ दी। अन्य गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी कर ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

सीरीज़ में बढ़त और आत्मविश्वास

यह जीत इंडिया-ए टीम के लिए खास मायने रखती है। इतनी बड़ी जीत से न केवल टीम ने सीरीज़ में 1-0 की बढ़त बनाई है, बल्कि आने वाले मुकाबलों के लिए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी चरम पर पहुंच गया है।

ग्रीन पार्क स्टेडियम में दर्शकों ने भी भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों के शानदार खेल का भरपूर आनंद लिया। अब देखना होगा कि सीरीज़ के अगले मैचों में भारतीय टीम अपनी इस लय को कैसे बरकरार रखती है।

Read more

Maruti Suzuki ने बनाया नया रिकॉर्ड : सितंबर 2025 में 1.89 लाख गाड़ियाँ बिकीं, निर्यात ने तोड़ा सभी पुराने रिकॉर्ड

Maruti Suzuki

भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India) ने सितंबर 2025 में एक नया इतिहास रच दिया। कंपनी ने कुल 1,89,665 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि रही रिकॉर्ड तोड़ 42,204 यूनिट्स का निर्यात। यह किसी भी एक महीने में कंपनी का अब तक का सबसे ऊँचा निर्यात आँकड़ा है।

कुल बिक्री पिछले साल सितंबर 2024 में दर्ज 1,84,727 यूनिट्स की तुलना में लगभग 2.7% अधिक रही। इनमें 1,35,711 यूनिट्स घरेलू बाजार में, 11,750 यूनिट्स अन्य OEMs को और बाकी 42,204 यूनिट्स विदेशी बाजारों में बेची गईं।

निर्यात में बेमिसाल छलांग

सितंबर 2025 में मारुति का निर्यात 52% से ज़्यादा बढ़कर 42,204 यूनिट्स पर पहुँच गया, जबकि पिछले साल इसी महीने यह आँकड़ा 27,728 यूनिट्स था। यह बढ़ोतरी साफ़ दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय कारों, खासकर Maruti Suzuki की कॉम्पैक्ट और मिड-साइज़ कारों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

घरेलू बिक्री का हाल

घरेलू स्तर पर हालांकि थोड़ी गिरावट देखने को मिली। सितंबर 2024 के मुकाबले इस साल की घरेलू बिक्री करीब 8.3% कम रही। कंपनी का कहना है कि महीने के आखिर में लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतों के कारण थोक बिक्री प्रभावित हुई। फिर भी, त्योहारी सीजन की शुरुआत शानदार रही। नवरात्रि के पहले आठ दिनों में 1.65 लाख यूनिट्स की डिलीवरी हुई, जो उपभोक्ताओं की मजबूत खरीदारी भावना को दर्शाता है।

Maruti Suzuki सेगमेंट-वाइज परफॉर्मेंस (सितंबर 2025)

मिनी कारें (Alto, S-Presso) : बिक्री घटी और केवल 7,208 यूनिट्स ही बिक पाईं, जबकि पिछले साल यह आँकड़ा 10,363 था।

Maruti Suzuki

कॉम्पैक्ट कारें (Baleno, Swift, Dzire, WagonR) : यह सेगमेंट कंपनी का सबसे मजबूत स्तंभ रहा। बिक्री 60,480 से बढ़कर 66,882 यूनिट्स तक पहुँच गई।

Maruti Suzuki

यूटिलिटी वाहन (Brezza, Grand Vitara, Ertiga, Fronx) : यहाँ भारी गिरावट आई और आँकड़ा 61,549 से घटकर 48,695 यूनिट्स रह गया।

Maruti Suzuki

वैन (Eeco) : बिक्री भी 11,908 से घटकर 10,035 यूनिट्स तक आ गई।

Maruti Suzuki

अप्रैल–सितंबर 2025 का आधा सालाना ट्रेंड

छह महीनों का डेटा साफ़ दिखाता है कि Maruti Suzuki के लिए कॉम्पैक्ट कारें और यूटिलिटी व्हीकल्स ही बिक्री के सबसे बड़े ड्राइवर बने हुए हैं, जबकि मिनी कार सेगमेंट लगातार गिरावट में है।

कॉम्पैक्ट सेगमेंट : कुल 3.68 लाख यूनिट्स बिकीं। डिजायर, स्विफ्ट और वैगनआर टॉप सेलर्स रहे।

यूटिलिटी वाहन : कुल बिक्री लगभग 5.09 लाख यूनिट्स रही, जो पिछले साल की तुलना में 32% ज़्यादा है।

मिनी सेगमेंट : लगातार कमजोर। औसत मासिक बिक्री 6,300-7,200 यूनिट्स ही रही।

ईको वैन और सुपर कैरी : स्थिर प्रदर्शन, औसत बिक्री 10-12 हजार यूनिट्स रही।

निष्कर्ष

सितंबर 2025 Maruti Suzuki के लिए एक मील का पत्थर महीना साबित हुआ। जहाँ घरेलू बिक्री में थोड़ी गिरावट देखने को मिली, वहीं निर्यात ने कंपनी को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया। त्योहारों के मौसम में बढ़ती मांग और कॉम्पैक्ट कारों की मजबूत पकड़ से यह साफ़ है कि आने वाले महीनों में Maruti Suzuki भारत और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में अपनी पकड़ और मजबूत करने वाली है।

Read more

14 साल के वैभव सूर्यवंशी का तूफ़ानी शतक : 78 गेंदों पर 113 रन, 9 छक्के-8 चौके; भारत U19 की 185 रन की बढ़त

वैभव सूर्यवंशी

भारतीय क्रिकेट में नई प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ताज़ा उदाहरण हैं 14 साल के वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ पहले यूथ टेस्ट मैच में ऐसा धमाका किया कि हर कोई दंग रह गया। वैभव ने सिर्फ 78 गेंदों पर शतक पूरा किया और अपनी पारी में 9 चौके और 8 छक्के लगाए।

वैभव का जलवा: 113 रन की पारी

दूसरे दिन मैदान पर वैभव का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने कुल 86 गेंदों में 113 रन ठोके, जिनमें से 84 रन सिर्फ चौकों-छक्कों से आए। इतनी छोटी उम्र में उनकी बल्लेबाजी का अंदाज़ देखकर दर्शक और क्रिकेट एक्सपर्ट्स दोनों ही हैरान रह गए।

वैभव सूर्यवंशी

वेदांत त्रिवेदी की भी शानदार सेंचुरी

वैभव के अलावा भारत U19 के बल्लेबाज वेदांत त्रिवेदी ने भी गजब का प्रदर्शन किया। उन्होंने 191 गेंदों पर 140 रन बनाए, जिसमें 19 चौके शामिल थे। उनकी संयमित बल्लेबाजी और वैभव की आक्रामक पारी ने भारत की पारी को मज़बूती दी।

भारत की पहली पारी 423 रन पर सिमटी

दोनों शतकों की बदौलत भारत अंडर-19 टीम ने पहली पारी में 423 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया U19 की टीम अपनी पहली पारी में सिर्फ 243 रन पर ढेर हो गई थी। इस तरह भारत ने 185 रन की मज़बूत बढ़त हासिल कर ली।

वैभव सूर्यवंशी

पहले दिन दीपेश देवेंद्रन का जलवा

मैच के पहले दिन भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार खेल दिखाया। तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन ने घातक गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए। ऑस्ट्रेलिया के कप्तान विल मालाजुक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था, लेकिन दीपेश की धारदार गेंदबाज़ी के सामने उनकी टीम ज्यादा देर टिक नहीं पाई।

युवा सितारे, बड़ा भविष्य

भारत अंडर-19 टीम के इन प्रदर्शन से साफ है कि आने वाले समय में टीम इंडिया को कई नए सितारे मिलने वाले हैं। खासकर वैभव सूर्यवंशी ने जिस तरह 14 साल की उम्र में आक्रामक शतक जमाया है, उससे उनका भविष्य बेहद उज्ज्वल नज़र आता है।

Read more

Nothing Phone 4a & 4a Pro : 7 दमदार फीचर्स और मार्च 2026 लॉन्च टाइमलाइन का बड़ा खुलासा

Nothing Phone

Nothing Phones, जिसने आते ही मार्केट में अपने अलग डिजाइन और फीचर्स की वजह से मार्केट में अपनी जगह बना ली थी लाने जा रहा है अपना अगला सीरीज-Nothing 4a और Nothing 4a pro। आइए जानते हैं, क्या है अफ़वाहें, और कब तक लॉन्च होगा ये धाकड़ फोन।

लॉन्च की अफवाहें और टाइमलाइन

हाल ही में IMEI डेटाबेस में देखा गया है कि मॉडल नंबर A069 और A069P दोनों काफी सक्रिय हैं—पहला संभवतः 4a बेस मॉडल और दूसरा 4a Pro। ये संकेत हैं कि Nothing इस सीरीज़ को आगे बढ़ाने का मन बना रहा है। कई रिपोर्ट्स कह रही हैं कि भारत और ग्लोबल मार्केट में यह मार्च 2026 तक लॉन्च हो सकते हैं।

Nothing Phone

डिज़ाइन, इंटरफ़ेस और UI एक्सपीरियंस

Nothing की पहचान रही है उसका Glyph interface, ट्रांसपेरेंट बैक डिज़ाइन और साफ UI। नए 4a मॉडल्स में भी इन्हीं लक्षणों को जारी रखने की उम्मीद है। लीक्स में दावा है कि यह फोन OLED / AMOLED डिस्प्ले के साथ आएगा, बड़ा आकार (6.7–6.8 इंच) और 120Hz या 144Hz रिफ्रेश रेट वाला पैनल हो सकता है। Nothing OS 4.0, जो Android 16 बेस्ड होगा, अनुमान है कि गेमिंग, AI फीचर्स और कैमरा एडिटिंग को अधिक स्मूद और यूज़र-फ्रेंडली बनाए।

परफॉर्मेंस और हार्डवेयर

लीक्स में कहा गया है कि 4a बेस वेरिएंट में Snapdragon 7 Gen 4 या Snapdragon 8s Gen 3 जैसे चिपसेट हो सकते हैं। Pro वेरिएंट में और पावरफुल हार्डवेयर की उम्मीद है। RAM विकल्प 8GB से लेकर 12GB तक और स्टोरेज 128GB / 256GB तक की संभावना जताई जा रही है।

कैमरा सेटअप: क्या कुछ नया होगा?

लीक रिपोर्ट्स बताती हैं कि Pro वेरिएंट में तीन 50MP कैमरा सेटअप देखने को मिल सकता है—50MP मेन सेंसर, 50MP अल्ट्रावाइड और 50MP टेलीफोटो। OIS सपोर्ट, 4K वीडियो रिकॉर्डिंग, AI पोर्ट्रेट मोड और बेहतर नाईट फोटोग्राफी फीचर्स भी आपके फोन कैमरा को प्रो से कम न बनाएँगे।

Nothing Phone

बैटरी और चार्जिंग

लीक के अनुसार, बेस मॉडल में ~5,500mAh बैटरी हो सकती है, और Pro मॉडल में अधिक क्षमता की संभावना। चार्जिंग स्पीड 50W–80W की रेंज तक की उम्मीद है, विशेष रूप से Pro वेरिएंट में।

कहाँ तक बढ़ सकती है कीमत और प्रभाव?

वर्तमान अनुमान है कि Nothing Phone 4a की शुरुआती कीमत ₹25,000–₹28,000 के बीच हो सकती है, जबकि 4a Pro अनुभाग में अधिक फीचर्स के चलते ₹30,000+ तक पहुँच सकती है। यदि ये फीचर्स और डिज़ाइन सच में आये, तो यह मिड-रेंज स्मार्टफोन ब्रांड्स जैसे Realme, Xiaomi, OnePlus आदि को सख़्त चुनौती दे सकता है।

Read more

इंदौर दशहरा 2025 विवाद : शूर्पणखा दहन बनाम रावण दहन, परंपरा, कानून और सामाजिक संवेदनाओं की जंग

शूर्पणखा दहन

इंदौर में इस दशहरे पर एक ऐसा कार्यक्रम चर्चा में आया है जिसने सामाजिक संवेदनाओं और कानूनी सीमाओं की नई जंग छेड़ दी है। ‘ नामक संगठन ने घोषणा की कि इस साल रावण दहन की परंपरा के बजाय ‘शूर्पणखा दहन’ होगा, जिसमें 11 महिलाओं के चेहरे वाले पुतले जलाए जाएंगे, जिन पर हत्या या अन्य गंभीर अपराध के आरोप हैं।

आरोप, सार्वजनिक प्रतिक्रिया और कानूनी हस्तक्षेप

आयोजकों का कहना है कि यह प्रतीकात्मक विरोध है—बुराई को पुरुष या महिला से नहीं बाँधा जा सकता, न्याय चाहते हैं कि अपराधी हो, चाहे उसका लिंग कोई भी हो। पर इस कार्यक्रम ने समाज में नाराजियों की खाईं खोल दी। कुछ लोग इसे “आधुनिक जागरूकता” मान रहे हैं, जबकि कईयोन ने यह कहा कि न्यायालयीन स्वीकृति के बिना सार्वजनिक स्थान पर किसी महिला का पुतला जलाना “मानव सम्मान” के खिलाफ है।

इसी बीच मध्यप्रदेश हाई कोर्ट, इंदौर बेंच ने सरकार को निर्देश दिया है कि किसी का पुतला जलाना सुनिश्चित रूप से रोका जाए, जब तक कि कोई न्यायालयीन निर्णय ना आए। कोर्ट ने साफ कहा कि किसी का मामला विचाराधीन है तो उस व्यक्ति को सार्वजनिक ध्वज प्रदर्शनी या दहन के माध्यम से अपराधी घोषित नहीं किया जा सकता।

शूर्पणखा दहन

“संवेदनाएँ vs दर्शकवाद”: क्या बदल गई है दशहरे की परंपरा?

दशहरे की परंपरा कि रावण की मूर्ति जलकर बुराई का अंत हो, प्रतीक है। लेकिन जब प्रतीक बदल जाए और उस दूसरी ओर मानवीय भावनाओं, न्याय की प्रक्रिया और सार्वजनिक संगति की सीमाएँ उभर आएँ, तो सवाल बनता है—क्या संबंधों और संवेदनाओं का अहिटान सामाजिक न्याय की कीमत पर हो रहा है?

कुछ लोगों का मानना है कि ऐसे प्रदर्शन सामाजिक जागरूकता बढ़ाते हैं, अपराधियों को शर्मिंदा करते हैं। लेकिन विरोधियों का तर्क है कि ख़ाकी-कानूनी प्रक्रिया को नजरअंदाज़ करना और सार्वजनिक रूप से किसी को आरोपी मान लेना संविधान सुरक्षा के सिद्धांतों के खिलाफ है। नुकसान सिर्फ नाम का नहीं, प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान का हो सकता है।

कानूनी स्थिति: अपराधी बनाना अदालत का काम है

भारतीय न्यायप्रणाली में सिद्धांत है—“एक व्यक्ति दोषी तब माना जाए जब न्यायालय फैसला करे।” IPC या अन्य कानूनों में ऐसा कोई अधिकार नहीं है कि सार्वजनिक आयोजनों में विचाराधीन आरोपियों को अभियुक्त घोषित कर पुतला जलाया जाए। हालाँकि, सार्वजनिक_ORDER और मानव गरिमा का संरक्षण संविधान में दर्ज है।

उदाहरण के लिए, Madras High Court ने कहा है कि केवल effigy-burning होना, अपने आप में दंडनीय अपराध नहीं है—जबतक वह सार्वजनिक सुरक्षा या कानून-व्यवस्था को प्रभावित न करे। इंदौर की हाई कोर्ट की ताज़ा कार्रवाई इस बात की याद दिलाती है कि कानून सिर्फ परंपराओं से ऊपर है। जब न्याय प्रक्रिया अधूरी हो, नाम मात्र के आरोप सार्वजनिक रूप से उजागर होने लगें, तब संवैधानाओं और अधिकारों की रक्षा करना ज़रूरी है।

समाज का पल: परंपरा जहाँ खिंचाव में है

इस घटना ने हमें यह दिखाया है कि समाज कितने हिस्सों में बंटा है—परंपरावादी, न्याय-प्रेमी, संवेदनशील दृष्टिकोण रखने वाले। कुछ का कहना है कि महिलाएँ भी “रावण” बन जाएँ, अगर अपराध साबित हो। दूसरों का कहना है कि न्याय ज़रूरी है लेकिन सार्वजनिक न्याय नहीं, अदालत की निर्णय प्रक्रिया ज़रूरी है। और कुछ यह मानते हैं कि परंपरा को बदला जा सकता है लेकिन सम्मान की सीमाएँ होती हैं।

इस दशहरे पर हमें क्या सीख मिलती है?

इंदौर की ‘Shurpanakha Dahan’ सिर्फ पुतले जलाने की कहानी नहीं है; यह कानून, नैतिकता और सामाजिक मंथन की कहानी है। जीत-हार नहीं, सम्मान, विचार और न्याय की सच्ची परीक्षा है। इस विवाद ने साफ किया है कि परंपरा तब तक बनी रह सकती है जब वह दूसरों की गरिमा के साथ मिलकर हो—और कि बदलाव तब ही स्वीकार्य है जब वह संवेदनशीलता और न्याय की कसौटी पर खरा उतरे।

Read more

प्रभास की नई फिल्म The Raja Saab : हॉरर- कॉमेडी का मसालेदार ट्रेलर रिलीज़

The Raja Saab

साउथ सुपरस्टार प्रभास की नई फिल्म The Raja Saab का ट्रेलर रिलीज़ हो चुका है। करीब 3 मिनट 34 सेकंड का ये ट्रेलर सोशल मीडिया पर छा गया है और इसे लेकर लोगों की राय मिली-जुली है।

ट्रेलर में क्या दिखा?

ट्रेलर की शुरुआत प्रभास के किरदार से होती है, जो एक हिप्नोटिस्ट से बात कर रहा है। इसके बाद कहानी हमें एक पुराने और डरावने महल में ले जाती है, जहां अजीबो-गरीब अलौकिक घटनाएँ होती हैं।

कहानी एक ऐसे लड़के की है जो अपनी पुश्तैनी जमीन पर दावा करना चाहता है, लेकिन वही जगह भूत-प्रेत से घिरी होती है। ट्रेलर से अंदाजा लग रहा है कि प्रभास फिल्म में दो रोल निभा रहे हैं – एक युवक और शायद उसके दादाजी का भूत।

संजय दत्त एक दमदार किरदार में दिखाई देते हैं, जो ओझा और हिप्नोटिस्ट का मिक्स लगता है। वहीं, ज़रीना वहाब अपने पोते की सुरक्षा के लिए देवी दुर्गा से प्रार्थना करती दिखती हैं।

The Raja Saab

लोगों की प्रतिक्रिया

ट्रेलर को लेकर दर्शक और समीक्षक दोनों बंट गए हैं।

अच्छी बातें

  • प्रभास का पुराना मज़ेदार अंदाज़ लोगों को पसंद आया।
  • ट्रेलर को फुल एंटरटेनमेंट पैकेज कहा जा रहा है, जिसमें हॉरर, कॉमेडी और एक्शन सब कुछ है।
  • थमन एस का बैकग्राउंड म्यूज़िक ट्रेलर को और ग्रैंड बनाता है।

कमजोरियाँ

  • कुछ लोगों का कहना है कि हॉरर सीन डरावने नहीं लगे।
  • रोमांस और कॉमेडी जबरदस्ती की लग रही है।
  • वीएफएक्स और ग्राफिक्स को औसत बताया गया।
  • कुछ समीक्षकों ने प्रभास की एक्टिंग को ओवरएक्टिंग कहा।

स्टार कास्ट और टीम

कलाकार : प्रभास, संजय दत्त, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल, बोमन ईरानी और ज़रीना वहाब।

निर्देशक : मारुति।

संगीत : थमन एस।

रिलीज़

फिल्म The Raja Saab 9 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसे तेलुगु, हिंदी, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में एक साथ लाया जाएगा। कुल मिलाकर, The Raja Saab का ट्रेलर हॉरर, कॉमेडी और एक्शन का मिक्स है। कुछ लोग इसे प्रभास की वापसी मान रहे हैं, तो कुछ को यह एक और फ्लॉप लग रहा है। असली नतीजा तो रिलीज़ के बाद ही सामने आएगा।

Read more