22 मार्च 2026: बिहार आज अपनी स्थापना के 114वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। 1912 में बंगाल से अलग होकर अपनी स्वतंत्र पहचान बनाने वाले इस ऐतिहासिक राज्य का जन्मोत्सव इस बार बेहद खास है। राज्य सरकार ने इस साल “उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार” की थीम पर तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रमों का खाका खींचा है। राजधानी पटना का गांधी मैदान रोशनी से सराबोर है, वहीं राज्य के हर जिले में सांस्कृतिक और बौद्धिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है।
गांधी मैदान: बॉलीवुड सितारों और लोक कलाकारों का संगम
पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान तीन दिनों (22 से 24 मार्च) के लिए बिहार की संस्कृति और आधुनिकता का केंद्र बन गया है। उत्सव की पहली शाम यानी आज 22 मार्च को मशहूर बॉलीवुड गायिका सोना महापात्रा अपनी जादुई आवाज से समां बांधेंगी।
संगीत का यह सफर यहीं नहीं थमेगा। 23 मार्च की शाम गांधी मैदान के मुख्य मंच पर शान (Shaan) और पापोन (Papon) जैसे दिग्गज कलाकार अपने सुरीले गीतों से युवाओं में जोश भरेंगे। शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के लिए श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रवींद्र भवन में पंडित जगत नारायण पाठक का ध्रुपद गायन और रमिंदर खुराना का ओडिसी नृत्य आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।
पवेलियन और स्टॉल्स: एक ही जगह पूरा बिहार
गांधी मैदान में इस बार विभिन्न विभागों के विशेष पवेलियन बनाए गए हैं। शिक्षा विभाग के स्टॉल पर स्कूली बच्चों द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडल और TLM (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) की प्रदर्शनी लगाई गई है।
• व्यंजन मेला: बिहार के प्रसिद्ध व्यंजनों जैसे लिट्टी-चोखा, सिलाव का खाजा और गया के तिलकुट का स्वाद चखने के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है।
• पर्यटन विभाग: यहाँ फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से बिहार के ऐतिहासिक मंदिरों, महाबोधि मंदिर और नालंदा विश्वविद्यालय के गौरवशाली इतिहास को दर्शाया गया है।
• महिला उद्यमिता: जीविका दीदियों द्वारा तैयार हस्तशिल्प और उत्पादों का स्टॉल महिला सशक्तिकरण की एक नई तस्वीर पेश कर रहा है।

जिलों में धूम: प्रभात फेरी से लेकर मशाल जुलूस तक
बिहार दिवस का जश्न सिर्फ पटना तक सीमित नहीं है। रोहतास, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर और गया जैसे जिलों में भी उत्सव का माहौल है। सुबह-सुबह स्कूली बच्चों ने ‘प्रभात फेरी’ निकालकर राज्य की एकता का संदेश दिया। मोतिहारी में डीएम की अध्यक्षता में चित्रकला और वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, वहीं रोहतास में स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देकर अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश दिया।
युवाओं के लिए खास: ‘बिहार दिवस रन’ और करियर मार्गदर्शन
2026 के इस उत्सव में युवाओं की भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है। आज सुबह 22 किलोमीटर की ‘बिहार दिवस रन’ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों की संख्या में धावकों ने हिस्सा लिया। इसके साथ ही, सरकारी विभागों के स्टॉल्स पर युवाओं को राज्य सरकार की नई रोजगार योजनाओं और कौशल विकास कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।

गौरवशाली अतीत और विकसित भविष्य का संकल्प
बिहार दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि बिहारियों की अस्मिता और उनके जुझारू व्यक्तित्व का प्रतीक है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को बधाई देते हुए कहा कि बिहार अपने गौरवशाली अतीत से प्रेरणा लेकर एक विकसित भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है। अगर आप आज पटना में हैं, तो गांधी मैदान की रोशनी और सांस्कृतिक छटा का अनुभव करना न भूलें।
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