लुधियाना में मुठभेड़ ISI समर्थित मॉड्यूल के 2 आतंकी घायल | पूरी खबर जानिए

लुधियाना

लुधियाना में मुठभेड़ ISI समर्थित मॉड्यूल के 2 आतंकी घायल | पूरी खबर जानिए

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Summary (Bullet Points में)

  • लुधियाना में पुलिस और आतंकियों के बीच देर रात मुठभेड़ हुई।
  • ISI समर्थित मॉड्यूल से जुड़े 2 आतंकी घायल अवस्था में गिरफ्तार।
  • दोनों के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन की पुष्टि।
  • आतंकियों ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में घायल हुए।
  • पुलिस ने हथियार और कई अहम दस्तावेज भी बरामद किए।
  • जांच में सामने आएगा कि वे क्या बड़ी साजिश रच रहे थे।

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना में मंगलवार देर रात एक बड़ी पुलिस कार्रवाई के दौरान दो आतंकियों को मुठभेड़ में घायल अवस्था में गिरफ्तार किया गया। शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों आतंकी ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हैं और साथ ही उनके तार कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से भी जुड़े हुए हैं।

कैसे हुई मुठभेड़?

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पुलिस को खुफिया इनपुट मिला था कि दो संदिग्ध युवक किसी बड़ी वारदात की तैयारी में हैं। जानकारी के आधार पर एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने इलाके में छापेमारी की। टीम को देखते ही दोनों संदिग्धों ने भागने की कोशिश की और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोलीबारी में दोनों आतंकी घायल हुए, जिसके बाद उन्हें काबू कर लिया गया। मौके से हथियार, मोबाइल फोन और कुछ संवेदनशील दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।

ISI और लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गठजोड़

जांच में अब तक पता चला है कि पकड़े गए दोनों आतंकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के निर्देश पर काम कर रहे थे। इसके साथ ही वे आतंक और गैंगस्टर नेटवर्क को जोड़ने का काम कर रहे थे। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ इनका लिंक यह साफ करता है कि गैंगस्टर नेटवर्क अब आतंकी मॉड्यूल के साथ मिलकर पंजाब में हिंसा फैलाने की कोशिश में है।

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आगे क्या करेगी पुलिस?

घायल आतंकियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके ठीक होते ही पुलिस उनसे पूछताछ कर यह जानने की कोशिश करेगी कि—

  • वे पंजाब में किस बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे
  • ISI उन्हें क्या निर्देश दे रही थी.
  • बिश्नोई गैंग किस तरह उन्हें सपोर्ट कर रहा था.
  • और इस मॉड्यूल में और कितने लोग शामिल हैं.
  • पुलिस ने पूरे मॉड्यूल की पहचान करने के लिए बड़ी जांच शुरू कर दी है।

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Nashik Kumbh 2026 :-क्या बच पाएंगे 1700 पेड़ ? परंपरा बनाम प्रकृति

Nashik Kumbh

Nashik Kumbh 2026 :-क्या बच पाएंगे 1700 पेड़ ? परंपरा बनाम प्रकृति

  • नासिक में कट रहे 1700 पेड़
  • प्रशासन का कहना है कि पुराने पेड़ नहीं कटेंगे
  • कोई है ऐसा उपाय जिस से परंपरा और प्रकृति दोनों

बच सकती है

कुंभ की तैयारियों के बीच पेड़ों की कटाई पर व्यापक बहस छिड़ी

नासिक के तपोवन क्षेत्र में होने वाले सिंहस्थ कुंभ 2026–28 से पहले प्रशासन ने साधुग्राम विस्तार के लिए लगभग 1,700 पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा साधुग्राम को 350 एकड़ से बढ़ाकर 1,200 एकड़ किया जाना है, ताकि लाखों साधुओं के लिए अस्थायी शहर बसाया जा सके।

लेकिन इसी फैसले ने शहर में पर्यावरण बनाम परंपरा की सबसे बड़ी बहस छेड़ दी है।

सैकड़ों नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया, कई संगठनों ने चिपको आंदोलन जैसा प्रतिरोध शुरू किया और नगरपालिका को 200+ लिखित आपत्तियाँ भेजी गईं।

प्रशासन का दावा: “बड़े पेड़ नहीं काटेंगे, छोटे पेड़ रिप्लेस होने हैं”

सिविक बॉडी का तर्क है कि—

सिर्फ 10 साल से कम उम्र के पेड़ काटे जाएंगे।हर कटे पेड़ के बदले मल्टी-लेयर प्लांटेशन किया जाएगा।बड़े और पुराने वृक्षों को ट्रांसप्लांट या संरक्षित किया जाएगा।

लेकिन पर्यावरणविदों का कहना है कि “पेड़ की उम्र नहीं, उसकी इकोलॉजिकल वैल्यू मायने रखती है।”

साथ ही वे पूछ रहे हैं कि जब मॉड्यूलर टेंट सिटी, इनोवेटिव लेआउट, और वैकल्पिक लोकेशन मौजूद हैं, तो फिर पेड़ों की ऐसी बलि क्यों?

The Big Question: Is There a Middle Path?

नासिक में अब एक ही सवाल गूंज रहा है—

क्या आस्था और पर्यावरण दोनों को बचाने का संतुलित समाधान मुमकिन है?

संभावित विकल्प:

  • पेड़ों के बीच eco-friendly टेंट सिटी।
  • साधुग्राम के लिए वैकल्पिक, खुला क्षेत्र चुनना।
  • समुदाय + प्रशासन + पर्यावरणविद मिलकर संयुक्त मास्टर प्लान बना सकते हैं।

कुंभ की परंपरा विशाल है, लेकिन प्रकृति की छाया भी उतनी ही जीवनदायिनी।

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वृंदावन साध्वी हत्याकांड: 11 महीने बाद संपत्ति के लिए रची गई खौफनाक साजिश का पर्दाफाश

वृंदावन

वृंदावन में 11 महीने पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुईं साध्वी चंद्रमुखी देवी की गुमशुदगी की गुत्थी अब एक जघन्य हत्या के रूप में सुलझ गई है। मथुरा पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए एक जिम संचालक सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि साध्वी की करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए यह पूरी साजिश रची गई थी।

क्या है पूरा मामला?

वृंदावन

वृंदावन के गौशाला नगर में रहने वाली साध्वी चंद्रमुखी देवी (उर्फ चित्रा दासी), जो पिछले 35 वर्षों से यहां रह रही थीं, 21 दिसंबर 2024 को अचानक लापता हो गईं। उनके पति की मृत्यु हो चुकी थी और उनका कोई सीधा कानूनी वारिस नहीं था। जब कई दिनों तक उनके मकान का ताला नहीं खुला, तो पड़ोसियों और उनके गुरु भाई संत लाड़ली दास ने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया।

फर्जी कागजात से खुला हत्या का राज

शुरुआती जांच में पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला। मामले ने तब एक नया मोड़ लिया जब साध्वी के मकान से जुड़े फर्जी वसीयत और रजिस्ट्री के कागजात सामने आने लगे। इससे साध्वी की हत्या कर संपत्ति हड़पने की आशंका बढ़ गई। स्थानीय संतों और लोगों के बढ़ते दबाव के बाद, एसएसपी ने मामले की जांच सीओ सिटी आशना चौधरी को सौंप दी। 15 नवंबर 2025 को फर्जीवाड़े और हत्या की आशंका में नया मुकदमा दर्ज किया गया। सीओ चौधरी के नेतृत्व में टीम ने महज 20 दिनों के भीतर इस केस का खुलासा कर दिया।

कर्ज में डूबे जिम संचालक ने रची साजिश

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अभिषेक शर्मा, जो एक जिम चलाता है, ने हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया। अभिषेक पर भारी कर्ज था और उसे चुकाने के लिए उसने साध्वी की अकेली और बेवारिस संपत्ति को निशाना बनाया।उसने अपने दोस्त विजय सिंह, वकील मोहम्मद, ओंकार सिंह और विकास मिश्रा के साथ मिलकर साध्वी की गला घोंटकर हत्या कर दी। पहचान मिटाने और सबूत नष्ट करने के लिए, आरोपियों ने साध्वी के शव को यमुना नदी के पार ले जाकर पहले से तैयार लकड़ी के ढेर पर जला दिया।

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पुलिस की कार्रवाई और बरामदगी

हत्या के बाद, आरोपियों ने साध्वी के घर का ताला तोड़ा और वहां से उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी और संपत्ति के मूल दस्तावेज चुरा लिए। इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उन्होंने साध्वी का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी तैयार करवा लिया था। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के कब्जे से साध्वी के मकान के मूल दस्तावेज, पहचान पत्र और फर्जी वसीयत जैसे अहम सबूत बरामद किए हैं। सीओ सिटी आशना चौधरी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल पकड़ा गया! बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई

लॉरेंस बिश्नोई

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निर्वासित (Deport) किए जाने के बाद NIA ने दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया, और वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित था। गुरुवार को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने पर जब उसे दिल्ली लाया गया, उसी समय NIA की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया गया।

अनमोल बिश्नोई पिछले कई महीनों से अमेरिका में छिपा हुआ था, जहां भारतीय जांच एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उसे ट्रैक किया और आखिरकार पकड़ने में सफलता हासिल की। अमेरिकी अधिकारियों ने भारत सरकार के अनुरोध पर उसे वापस भेजा, जिसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।

12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में हुए बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि अनमोल बिश्नोई ने ही इस हत्या की साजिश रचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसने ही शूटर्स को निर्देश देकर हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए सुपरवाइज किया। कई सूत्रों ने बताया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय व्यक्ति अनमोल ही था।

लॉरेंस बिश्नोई

NIA का कहना है कि अनमोल के पास इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान सामने लाया जाएगा—जैसे हत्या की योजना कैसे बनी, किन लोगों ने मदद की, और गैंग के कौन-कौन से सदस्य इसमें शामिल रहे।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को देश के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में से एक माना जाता है, और इसके सदस्य भारत और विदेश दोनों जगह सक्रिय हैं। अनमोल को इस गैंग का प्रमुख ऑपरेटर माना जाता है और उस पर हत्या, धमकी और संगठित अपराध जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अनमोल की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है, क्योंकि इससे न केवल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच को मजबूती मिलेगी बल्कि बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी कमजोर करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में NIA की पूछताछ से कई अहम खुलासों की उम्मीद की जा रही है।

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H5N5 क्‍यों है कोरोना से भी ज़्यादा खतरनाक? वॉशिंगटन में मिला दुनिया का पहला मानव मामला — बचाव के तरीक़े ज़रूर जानें

H5N5

वॉशिंगटन राज्य में बर्ड फ्लू का एक ऐसा नया स्ट्रेन पाया गया है H5N5 जो अब तक कभी इंसानों में दर्ज नहीं हुआ था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह दुनिया का पहला H5N5 स्ट्रेन का मानव मामला है। मामला 15 नवंबर 2025 को सामने आया और इसी के साथ अमेरिका में फरवरी के बाद पहली बार बर्ड फ्लू का कोई मानव संक्रमण दर्ज हुआ है।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती—बुज़ुर्ग व्यक्ति की स्थिति नाज़ुक यह मामला ग्रेज़ हार्बर काउंटी के एक बुज़ुर्ग निवासी का है, जो पहले से ही कई चिकित्सीय समस्याओं से जूझ रहे थे। नवंबर की शुरुआत में उन्हें तेज़ बुखार, भ्रम की स्थिति, और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज़ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में संक्रमण का संबंध व्यक्ति के घर पर मौजूद छोटे पोल्ट्री सेटअप से हो सकता है, जहां जंगली पक्षियों की आवाजाही आम बात थी। हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जारी है। पहली बार इंसानों में मिला H5N5 स्ट्रेन — पहले सिर्फ जानवरों में मिलता था

H5N5

जांच में पाया गया कि यह संक्रमण H5N5 एवियन इन्फ्लुएंज़ा का है—एक ऐसा स्ट्रेन जो इससे पहले केवल पक्षियों और जानवरों में देखा गया था।यह पहली बार है जब यह स्ट्रेन किसी इंसान को संक्रमित करता पाया गया है। इसके पहले अमेरिका में सामने आए बर्ड फ्लू के सभी मानव मामले H5N1 स्ट्रेन से जुड़े थे।

अमेरिका में बर्ड फ्लू की स्थिति

यह मामला 9 महीनों बाद अमेरिका में सामने आया पहला मानव संक्रमण है।वॉशिंगटन राज्य में 2022 से अब तक बर्ड फ्लू के 15 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं—लेकिन सभी जानवरों तक सीमित थे।2024 से जुलाई 2025 के बीच H5N1 के कारण देशभर में 70 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।H5N5 का मानव संक्रमण सामने आने से वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही सतर्क हो गए हैं।

क्या यह इंसानों के लिए बड़ा खतरा है?

स्वास्थ्य अधिकारियों ने फिलहाल आम जनता के लिए जोखिम कम बताया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक इंसान से इंसान में फैलने का कोई मामला नहीं मिला है। लेकिन जो लोग निम्नलिखित क्षेत्रों में हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:

  • पोल्ट्री फार्म वर्कर्स
  • पशुपालन से जुड़े लोग
  • संक्रमित या मृत पक्षियों के संपर्क में आने वाले लोग

अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि लोग बीमार या मृत पक्षियों को बिल्कुल न छुएं और ऐसे किसी भी मामले की तुरंत सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दें।

H5N5

वैज्ञानिकों की चिंता — “वायरस विकसित हो रहा है”

विशेषज्ञों का मानना है कि H5 वायरस परिवार लगातार म्यूटेशन कर रहा है, जिसके कारण यह नई जटिलताओं का कारण बन सकता है।

H5N5 का इंसानों में आना इसी विकास का संकेत माना जा रहा है। हालांकि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन निगरानी और सावधानी बेहद ज़रूरी है।

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Gangster Extradition Shock: Anmol Bishnoi भारत लाया गया — मूसेवाला से Salman Case तक, अब NIA की पकड़ में

Anmol Bishnoi

19 नवंबर 2025 की सुबह भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी उपलब्धि मिली, जब कुख्यात गैंगस्टर Anmol Bishnoi—जो लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है—अमेरिका से डिपोर्ट होकर दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर NIA के हवाले कर दिया गया।

Anmol Bishnoi पर भारत में 18 से ज्यादा संगीन केस, जिनमें सिद्धू मूसेवाला मर्डर लिंक, सलमान खान टारगेट शूटिंग, बाबा सिद्दीक़ी मर्डर केस, हथियार तस्करी, गैंग ऑपरेशंस और आतंकी नेटवर्क फंडिंग शामिल हैं, दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां “years-long manhunt का biggest breakthrough” मान रही हैं।

फर्जी पासपोर्ट, कई देशों में भागना और आखिरकार US में फंसना

मूसेवाला हत्याकांड (2022) के बाद अनमोल भारत से फरार होकर नेपाल → दुबई → केन्या → मेक्सिको → USA पहुंचा। उसने फर्जी नाम ‘भानु प्रताप’ के जरिए पासपोर्ट बनवाया और अमेरिकी सीमा में प्रवेश किया, लेकिन 2024 में इमिग्रेशन अधिकारियों को दस्तावेज़ संदिग्ध लगे और वह गिरफ्तार कर लिया गया।

Anmol Bishnoi

उसने US कोर्ट में Asylum की अपील भी की थी, जिसे भारत की मजबूत कानूनी दलीलों के बाद खारिज कर दिया गया। एक साल से अधिक की कानूनी लड़ाई के बाद उसे अमेरिका ने भारत को सौंप दिया—यह बिश्नोई सिंडिकेट के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

NIA की रिमांड — गैंगवार, फंडिंग और बॉलीवुड टारगेटिंग की नई कड़ियाँ खुल सकती हैं

दिल्ली पहुंचते ही NIA और दिल्ली पुलिस ने Anmol Bishnoi को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगी।

पूछताछ इन बिंदुओं पर केंद्रित होगी – क्या मूसेवाला मर्डर की सुपारी और योजना विदेश से हुई?सलमान खान के फार्महाउस फायरिंग में उसकी क्या भूमिका थी?बाबा सिद्दीक़ी मर्डर केस में कौन-कौन शामिल?भारत में हथियार, ड्रग्स और हवाला नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तार कहाँ तक जाते हैं?क्या बिश्नोई गैंग विदेश से आतंक मॉड्यूल्स के साथ लिंक्ड था?

NIA ने बयान दिया

“This extradition is a major breakthrough against global organised crime.”

आगे क्या? गैंगवार की परतें खुलेंगी या नए नाम बाहर आएंगे?

Anmol Bishnoi की गिरफ्तारी केवल एक क्रिमिनल की वापसी नहीं—यह भारत की उन हाई-प्रोफाइल केसों की जांच का turning point बन सकती है, जो सालों से सवालों में थे।

अब देखने वाली बात यह है कि—

  • क्या बॉलीवुड टारगेटिंग के मास्टरमाइंड सामने आएंगे?
  • क्या बिश्नोई सिंडिकेट का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क टूटेगा?
  • क्या मुकदमा नए बड़े खुलासे करेगा?

पूरे देश की नज़र अब NIA की इस हाई-वोल्टेज जांच पर टिकी है।

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कोयंबटूर और मदुरै मेट्रो परियोजना को केंद्र से मंजूरी नहीं, सीएम स्टालिन ने जताई नाराज़गी

मेट्रो

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कोयंबटूर और मदुरै के लिए प्रस्तावित मेट्रो परियोजनाओं को केंद्र से मंजूरी न मिलने पर कड़ी आलोचना की है। केंद्र सरकार ने 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए दोनों शहरों की आबादी 20 लाख की तय सीमा से कम बताई और इसी आधार पर परियोजनाओं को वापस लौटा दिया।

केंद्र का तर्क और स्टालिन का जवाब

मेट्रो

केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि 2017 की मेट्रो नीति के अनुसार मेट्रो रेल परियोजना की पात्रता के लिए न्यूनतम आबादी 20 लाख होनी चाहिए, जबकि कोयंबटूर और मदुरै की जनसंख्या इससे कम है। इसलिए मेट्रो के बजाय BRTS जैसे विकल्पों पर विचार करने की सलाह दी गई है।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने इस फैसले को “राजनीतिक पूर्वाग्रह” बताया और कहा कि यह तमिलनाडु की जनता को भाजपा के खिलाफ वोट देने की सज़ा देने जैसा है। उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार इन अड़चनों के बावजूद दोनों शहरों में मेट्रो परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

परियोजनाओं का संक्षिप्त विवरण

  • कोयंबटूर मेट्रो: लगभग ₹10,740 करोड़ की लागत, दो प्रमुख कॉरिडोर के प्रस्ताव।
  • मदुरै मेट्रो: लगभग ₹11,340 करोड़ की अनुमानित लागत, 32 किमी का मार्ग, जिसमें 6 किमी भूमिगत।

विशेषज्ञों का मत है कि 2011 की जनगणना पर निर्भर रहना उचित नहीं, क्योंकि कोयंबटूर की मौजूदा आबादी 30 लाख के करीब मानी जाती है। राज्य सरकार जल्द ही अतिरिक्त दस्तावेजों के साथ संशोधित प्रस्ताव फिर से भेजने की तैयारी कर रही है।

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लड़के कभी रोते नहीं -International Men’s Day 2025: Modern Masculinity का असली Celebration

International Men’s Day

हर साल 19 नवंबर को मनाया जाने वाला International Men’s Day सिर्फ पुरुषों का उत्सव नहीं, बल्कि उनकी positive roles, responsibilities और struggles को पहचानने का दिन है। यह दिन मानसिक स्वास्थ्य, gender balance, family responsibilities और social contribution जैसे मुद्दों को सामने लाता है, ताकि ‘मर्दानगी’ के पुराने खांचे टूटें और नई सोच—kind, emotional, responsible masculinity—सामने आए।

2025 Theme: “Celebrating Men and Boys”

इस साल का थीम है “Celebrating Men and Boys”, यानी ऐसे पुरुष और लड़के जो अपने परिवार, समाज और करियर में positivity और inspiration फैलाते हैं। भारत समेत दुनिया भर में स्कूल, कॉलेज, कॉर्पोरेट और NGOs health camps, workshops, digital awareness और conversations के जरिए पुरुषों की well-being पर जोर दे रहे हैं—एक ऐसा विषय जो अक्सर अनदेखा रह जाता है।

Men’s Health, Mental Wellness & Social Issues — असल मुद्दों की खुली बात

International Men’s Day

International Men’s Day का सबसे बड़ा योगदान है

Mental Health Talk (suicide prevention, stress)

Healthy Masculinity (toxic masculinity को तोड़ना)

Equal Parenting

Work–Life Balance

पुरुषों की भावनाओं को “strong रहो” कहकर दबाया नहीं, बल्कि समझा और सुना जा रहा है। कंपनियां और समुदाय अब पुरुषों के health checkup और emotional wellness पर खुलकर बात कर रहे हैं।

Gratitude Campaigns: ‘Thank You Men!’ — सोशल मीडिया में हलचल

दुनिया भर में सोशल मीडिया पर अभियान चल रहे हैं

“Thank you sons, brothers, fathers, partners, mentors!”

लोग अपने जीवन के पुरुषों—चाहे पिता हों, बेटे हों, दोस्त हों या साथी—को appreciate कर रहे हैं कि उन्होंने किस तरह जिम्मेदारी, मेहनत और संवेदनशीलता से रिश्तों और समाज को संभाला।

Empowering Men = Empowering Society

International Men’s Day 2025 याद दिलाता है कि gender equality तभी संभव है जब पुरुषों को भी Support, Sensitivity और Self-care का अधिकार मिले।

यह दिन बताता है

“Strong society तब बनता है जब पुरुष भी सुने जाएं, समझे जाएं और सराहे जाएं।”

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अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी पर ईडी की बड़ी कार्रवाई

जावेद अहमद

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह समूह के चेयरमैन और अल-फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एजेंसी ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े एक बड़े मामले की जांच कर रही थी, जिसमें अल-फलाह यूनिवर्सिटी का नाम लगातार सामने आ रहा था।

कैसे हुई गिरफ्तारी?

ईडी ने जावेद सिद्दीकी को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी से पहले एजेंसी ने अल-फलाह समूह से जुड़े कई परिसरों पर छापेमारी की और मौके से मिले दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों तथा वित्तीय लेनदेन की गहन जांच की। इन सबूतों में कथित रूप से संदिग्ध फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े निशान पाए गए थे।

जावेद अहमद

क्यों आई यूनिवर्सिटी जांच के घेरे में?

अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में थी। जांच तब तीव्र हुई जब पता चला कि विश्वविद्यालय के कई फैकल्टी सदस्य एक ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल से जुड़े होने के शक में चिन्हित किए गए हैं।
इससे पहले, यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मुजम्मिल शकील को विस्फोटक, हथियार और बम बनाने के उपकरण रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद ईडी और अन्य एजेंसियों ने विश्वविद्यालय तथा उससे जुड़े व्यक्तियों की गतिविधियों की गहराई से जांच शुरू की।

जावेद अहमद

क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि सिद्दीकी और उनकी संस्था से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने अवैध फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों को छुपाने की कोशिश की।
ईडी के अनुसार, सिद्दीकी की यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन कई जगह संदिग्ध पाए गए।
आतंकी मॉड्यूल मामले में सामने आए लिंक ने जांच को और मजबूत कर दिया।

आगे क्या?

ईडी सिद्दीकी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश में है कि मनी लॉन्ड्रिंग में और कौन शामिल था। साथ ही, एजेंसी उन पैसों के फ्लो का भी पता लगाएगी, जिनके बारे में शक है कि उनका इस्तेमाल गलत गतिविधियों में किया गया।

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कोडरमा में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को रौंदा, मौके पर मौत

कोडरमा

कोडरमा, 18 नवंबर:झारखंड के कोडरमा में आज मंगलवार की रात एक भीषण सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना तब हुई जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने युवक की बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। मृतक की पहचान विक्की भुइयां के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार, विक्की भुइयां अपनी बाइक से कहीं जा रहे थे, तभी एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भयानक थी कि विक्की गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

हादसे को अंजाम देने के बाद आरोपी ट्रक चालक मौके का फायदा उठाकर अपने वाहन समेत फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास के इलाकों में नाकेबंदी कर और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है।

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