बिहार बोर्ड 2026 डेटशीट जल्द जारी होगी: कक्षा 10वीं–12वीं के छात्र रहें तैयार, जानें क्या है पूरी अपडेट

बिहार

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) जल्द ही कक्षा 10वीं (मैट्रिक) और 12वीं (इंटरमीडिएट) की 2026 बोर्ड परीक्षा डेटशीट जारी करने वाला है। लाखों छात्र इस घोषणा का इंतज़ार कर रहे हैं, और बोर्ड ने संकेत दिया है कि समय सारणी जल्द ही ऑनलाइन उपलब्ध होगी।

कब जारी होगी डेटशीट?

पिछले कई सालों के ट्रेंड को देखते हुए, उम्मीद है कि BSEB दिसंबर 2025 की शुरुआत में ही 2026 की परीक्षा डेटशीट जारी कर देगा। पिछले साल (2025 परीक्षा के लिए) डेटशीट 7 दिसंबर 2024 को जारी हुई थी। इस बार भी लगभग इसी समय डेटशीट आने की संभावना है।

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परीक्षाएं कब होंगी?

रिपोर्ट्स और पिछले पैटर्न के अनुसार: कक्षा 12 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 की शुरुआत में. कक्षा 10 की परीक्षाएं: फरवरी 2026 के मध्य में कुछ शैक्षणिक पोर्टलों का अनुमान है कि 10वीं की परीक्षा 17 फरवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 के बीच हो सकती है।

परीक्षा का समय क्या रहेगा?

बीएसईबी हर साल की तरह इस बार भी परीक्षाएं दो शिफ्टों में कर सकता है:

  • पहली पाली: सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक.
  • दूसरी पाली: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक.

थ्योरी परीक्षाओं के साथ बोर्ड जल्द ही प्रैक्टिकल परीक्षा की तारीखें भी जारी करेगा। प्रैक्टिकल परीक्षा स्कूलों में ही आयोजित की जाएंगी।

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डेटशीट कहां से डाउनलोड करें?

जैसे ही डेटशीट जारी होगी, छात्र इसे यहां से PDF फॉर्म में डाउनलोड कर सकेंगे:

biharboardonline.com

biharboardonline.bihar.gov.in

छात्रों को सलाह है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें और पढ़ाई का टाइमटेबल पहले से तैयार कर लें।

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जापान में सकुराजिमा ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट, 4.4 किमी ऊंचा उठा राख का गुबार, 30 उड़ानें रद्द

जापान

जापान के क्यूशू द्वीप पर स्थित सकुराजिमा ज्वालामुखी रविवार को लगातार कई बार फटा, जिसके बाद आसमान में 4.4 किलोमीटर तक धुआं और राख का विशाल गुबार देखने को मिला। इस खतरनाक गतिविधि की वजह से कागोशिमा एयरपोर्ट से आने-जाने वाली करीब 30 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।

कब-कब हुए विस्फोट?

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) के अनुसार पहला बड़ा विस्फोट रात 1 बजे हुआ दूसरा 2:30 बजे तीसरा सुबह 8:50 बजे दर्ज किया गया यह लगभग 13 महीनों में पहली बार है जब ज्वालामुखी ने 4 किमी से ज्यादा ऊंचाई तक राख उगली है।

राख का खतरा और अलर्ट

जापान

राख का गुबार उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है और कागोशिमा के साथ मियाज़ाकी प्रान्त में भी राख गिरने की आशंका जताई गई है। ज्वालामुखी चेतावनी स्तर को लेवल 3 पर रखा गया है, जिसके तहत क्रेटर के आसपास लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध है।

उड़ानों पर बड़ा असर

घने राख के कारण विजिबिलिटी प्रभावित हुई और सुरक्षा को देखते हुए एयरलाइंस ने करीब 30 उड़ानें कैंसल कर दीं। यात्रियों को एयरपोर्ट पर ही इंतजार करना पड़ा, हालांकि विमान कंपनियों ने जल्द पुनः संचालन का भरोसा दिया है।

क्या किसी को नुकसान हुआ?

अधिकारियों के मुताबिक— किसी के घायल होने की खबर नहीं. किसी तरह की संरचनात्मक क्षति भी नहीं दर्ज हालांकि ज्वालामुखी से निकलने वाले बड़े-बड़े पत्थर क्रेटर के पास बने फिफ्थ स्टेशन तक पहुंचे, जो विस्फोट की ताकत को दिखाता है।

सकुराजिमा: जापान का सक्रिय ज्वालामुखी

सकुराजिमा जापान के सबसे सक्रिय स्ट्रैटोवोलकैनोज़ में से एक है, जहाँ लगातार छोटे-बड़े विस्फोट होते रहते हैं। 2019 में यहां से 5.5 किलोमीटर तक राख उगली थी। यह ज्वालामुखी अपनी तेज गतिविधि और लगातार बदलते हालात के लिए जाना जाता है।

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कोलकाता सेंट्रल मार्केट में भीषण आग: एज्रा स्ट्रीट पर 300 दुकानें जलकर खाक, घंटों चला रेस्क्यू ऑपरेशन

कोलकाता

कोलकाता: शहर के सबसे व्यस्त और पुराने कारोबारी इलाकों में से एक, एज्रा स्ट्रीट स्थित सेंट्रल मार्केट में शनिवार तड़के भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते करीब 300 दुकानें और कई गोदामों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे करोड़ों रुपये का सामान खाक हो गया। हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन नुकसान बहुत बड़ा बताया जा रहा है।

सुबह 5 बजे शुरू हुई आग, 20–25 दमकल गाड़ियां मौके पर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सुबह लगभग 5 बजे एक इलेक्ट्रॉनिक्स और बिजली के सामान के गोदाम में भड़की। थोड़ी ही देर में आग तेजी से फैलकर आस-पास की छोटी-छोटी दुकानों और पुरानी इमारतों में पहुंच गई।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की 20 से 25 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा। धुआं इतना घना था कि दूर-दूर से भी दिखाई दे रहा था।

तंग गलियां बनीं बड़ी बाधा अग्निशमन कर्मियों को आग बुझाने में बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ा क्योंकि: इलाका बेहद संकरी गलियों वाला है दुकानों में बहुत-सा ज्वलनशील सामान मौजूद था पुरानी इमारतें आग को फैलाने में बड़ा कारण बन गईं

कोलकाता

अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब काबू पा लिया गया है, लेकिन कूलिंग ऑपरेशन जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, हालांकि पुलिस और फायर विभाग की संयुक्त टीम विस्तृत जांच करेगी।

व्यापारियों को भारी नुकसान

इस मार्केट में ज्यादातर:

  • इलेक्ट्रॉनिक्स
  • मोबाइल एक्सेसरीज़
  • खिलौने
  • गिफ्ट आइटम
  • बिजली के सामान की दुकानें थीं।

कई दुकानें पूरी तरह जलकर राख हो गईं। व्यापारियों ने कहा कि उनका पूरा स्टॉक नष्ट हो गया है और वह अब पूरी तरह आर्थिक संकट में हैं। आसपास की बिजली काटी गई, पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने आस-पास की बिजली सप्लाई बंद कर दी। पुलिस ने इलाके को पूरी तरह घेर लिया है ताकि कोई भी व्यक्ति असुरक्षित ज़ोन में न जा सके।

अधिकारियों का बयान

पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा के महानिदेशक ने कहा, “स्थिति अब नियंत्रण में है। किसी को चोट नहीं आई है। आग को आस-पास की इमारतों में फैलने से रोक लिया गया है।” स्थानीय लोगों में दहशत, लेकिन राहत कि कोई हताहत नहीं हालांकि आग बहुत भीषण थी और लपटें कई फीट ऊंची दिखाई दे रही थीं, लेकिन प्रशासन के अनुसार किसी भी तरह की जनहानि नहीं हुई। यह राहत की सबसे बड़ी बात मानी जा रही है।

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नोएडा में बढ़ता प्रदूषण: कक्षा 5 तक के स्कूल हाइब्रिड मोड में — पूरी खबर पढ़ें

प्रदूषण

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण लगातार खतरनाक स्तर पर पहुंच रहा है। इसी के चलते नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्कूलों को कक्षा 5 तक हाइब्रिड मोड में चलाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने यह फैसला बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से AQI ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया जा रहा है।

क्या है नया आदेश?

गौतम बुद्ध नगर के जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि कक्षा 1 से 5 तक की कक्षाएं ऑनलाइन और ऑफलाइन—दोनों विकल्पों में चलाई जाएंगी। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं या घर से ऑनलाइन क्लास में शामिल करवा सकते हैं।

क्यों हुआ ये फैसला?

बीते हफ्ते से नोएडा का AQI 400 से ऊपर जा रहा है, जो ‘सीवियर’ श्रेणी माना जाता है। ऐसी स्थिति बच्चों, बुजुर्गों और दमा/एलर्जी के मरीजों के लिए बेहद नुकसानदायक है।

प्रदूषण

इसी वजह से:

  • सांस की समस्या बढ़ने लगी
  • बच्चों में खांसी और आंखों में जलन की शिकायत बढ़ी
  • स्कूलों में उपस्थिति घटने लगी
  • प्रशासन ने स्थिति गंभीर होते देख हाइब्रिड मोड लागू किया।

GRAP-3 लागू होने के बाद बढ़ा एक्शन दिल्ली-NCR में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-3 लागू कर दिया गया है।

इसमें कई सख्त कदम उठाए जाते हैं:

  • निर्माण और तोड़-फोड़ की गतिविधियों पर रोक
  • धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव
  • डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
  • स्कूलों के लिए हाइब्रिड मोड की अनिवार्यता
  • GRAP का उद्देश्य प्रदूषण को धीरे-धीरे कम करना और हालात को सामान्य बनाना है। स्कूलों में पहले से चल रहे एहतियाती कदम

हाइब्रिड मोड लागू करने से पहले ही स्कूलों ने कई कदम उठाए थे:

  • सुबह की प्रार्थना सभा रोकी
  • खेल और आउटडोर गतिविधियाँ बंद
  • बच्चों को बाहर कम समय बिताने की सलाह
  • एयर प्यूरीफायर चालू किए गए फिर भी AQI में सुधार ना होने पर हाइब्रिड मोड जरूरी हो गया।

दिल्ली व गाजियाबाद में भी ऐसे ही आदेश दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम के स्कूलों को भी कक्षा 5 तक के लिए हाइब्रिड मोड लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। कई जगहों पर प्राथमिक कक्षाएँ पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई हैं।

अभिभावकों की क्या प्रतिक्रिया?

कई अभिभावकों ने राहत जताई है। उनका कहना है कि: “बच्चों को ऐसी हवा में बाहर भेजना सही नहीं था। ऑनलाइन क्लास बेहतर विकल्प है।” कुछ अभिभावक स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता भी जता रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए आदेश का समर्थन कर रहे हैं।

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कश्मीर के नौगाम पुलिस स्टेशन में जबरदस्त ब्लास्ट:9 की मौत, 29 घायल!

पुलिस स्टेशन

धमाके की रात: नौगाम थाना बना तबाही का केंद्र श्रीनगर के बाहरी क्षेत्र नौगाम पुलिस स्टेशन में शुक्रवार देर रात ऐसा भीषण विस्फोट हुआ कि पूरा इलाका दहल उठा। धमाके में कम से कम 9 लोगों की मौत और 29 से अधिक घायल हो गए। यह हादसा तब हुआ जब पुलिस, फॉरेंसिक विशेषज्ञ और तकनीकी टीमें दिल्ली के लालकिला कार ब्लास्ट केस से बरामद भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री की जांच कर रही थीं। जांच के दौरान अचानक तेज़ धमाका हुआ, और उसके बाद लगातार दूसरे छोटे-छोटे ब्लास्ट भी होते रहे — जिससे थाना परिसर का बड़ा हिस्सा ढह गया।

मलबा, घायलों की चीखें और बचाव अभियान

पुलिस स्टेशन

धमाके में घायल हुए पुलिसकर्मी, फॉरेंसिक अधिकारी और कुछ नागरिकों को तुरंत सैन्य अस्पताल व SKIMS, श्रीनगर में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने नौगाम से लेकर श्रीनगर सिटी के कई इलाकों को सील कर दिया है। सेना, SDRF, फायर एंड इमरजेंसी और मेडिकल टीमें पूरी रात राहत कार्य में लगी रहीं। जम्मू-कश्मीर के DGP, ADGP और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे — वहीं हादसे की गंभीरता को देखते हुए NIA ने जांच की कमान संभाल ली है।

हादसा या साजिश? बड़े सवालों की नई लाइन

सबसे बड़ा सवाल अब यही है—क्या यह वाकई एक एक्सीडेंटल ब्लास्ट था या विस्फोटकों में छेड़छाड़ का नतीजा?कुछ शुरुआती इनपुट बताते हैं कि एक्सप्लोसिव सैंपल निकालने में प्रोटोकॉल फॉलो न होने से यह हादसा हुआ, लेकिन जांच एजेंसियां इसे साजिश की संभावनाओं के साथ भी देख रही हैं, विशेषकर क्योंकि इसमें वही विस्फोटक शामिल थे जो फ़रीदाबाद में लालकिला आतंकी मॉड्यूल से जुड़े मिले थे।

सुरक्षा अलर्ट: कश्मीर में सतर्कता और बढ़ाई गई

थाना ब्लास्ट के बाद श्रीनगर, अवंतीपोरा, त्राल और कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। CCTV फुटेज, फॉरेंसिक लैब रिपोर्ट, विस्फोटक कंटेनरों की स्थिति और स्टोरेज रिकॉर्ड — सबकी क्रॉस-वेरिफिकेशन शुरू हो चुकी है। नौगाम पुलिस स्टेशन का यह ब्लास्ट सिर्फ एक हादसा नहीं — कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और आतंकी लिंक पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

जांच रिपोर्ट सामने आने तक, घाटी में सतर्कता और तनाव दोनों बढ़े रहेंगे।

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पश्चिम बंगाल में 34 लाख आधार कार्ड ‘मृत’ पाए गए, TMC ने बताया “चुनावी साजिश”—जानिए पूरा मामला

आधार कार्ड

पश्चिम बंगाल में आधार कार्ड से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। UIDAI (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने राज्य सरकार और चुनाव आयोग को सूचित किया है कि करीब 34 लाख आधार नंबर ऐसे हैं, जिन्हें रिकॉर्ड में “मृत” पाया गया है। यह जानकारी सामने आते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, खासकर इसलिए क्योंकि राज्य में 2026 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा “पहले से तय चुनावी हेरफेर की साजिश” करार दिया है, जबकि केंद्र और UIDAI ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आइए पूरा मामला विस्तार से समझते हैं—

क्या है आधार वाला पूरा विवाद?

  • UIDAI की ओर से एक रिपोर्ट में कहा गया कि:
  • 34 लाख आधार कार्ड ऐसे लोगों के नाम पर सक्रिय थे, जो अब जीवित नहीं हैं।
  • 13 लाख से अधिक मृत व्यक्तियों का आधार कार्ड कभी बना ही नहीं था।
  • यह आंकड़े 2009 से शुरू हुए आधार रजिस्ट्रेशन के डेटा पर आधारित हैं।

यह पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के Special Intensive Revision (SIR) अभियान का हिस्सा है, जिसमें मतदाता सूची से फर्जी, डुप्लीकेट या अनुपस्थित मतदाताओं को हटाया जा रहा है।

UIDAI का कहना है कि किसी “जीवित व्यक्ति” का आधार कार्ड रद्द नहीं किया गया है—सिर्फ मृत व्यक्तियों के आधार रिकॉर्ड को अपडेट किया गया है।

आधार कार्ड

TMC क्यों नाराज़ है?

  • तृणमूल कांग्रेस ने UIDAI की इस कार्रवाई पर गहरी आपत्ति जताई है। टीएमसी का आरोप है कि
  • यह कदम मतदाता सूची से जीवित लोगों के नाम हटाने की योजना है।
  • इसे “Silent Invisible Rigging” यानी शांत, अदृश्य चुनावी हेरफेर बताया गया।
  • पार्टी ने कहा कि BJP “भूत मतदाता” बनाकर चुनाव में गड़बड़ी करना चाहती है।

TMC प्रवक्ताओं ने दावा किया कि अगर किसी भी असली मतदाता का नाम हटाया गया तो सड़क से लेकर अदालत तक लड़ाई होगी।

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र को घेरा और कहा— केंद्र सरकार लोगों को कल्याणकारी योजनाओं से वंचित करने के लिए आधार कार्ड “निष्क्रिय” कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस कदम पर चिंता जताई। ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे लोगों को वैकल्पिक पहचान पत्र देगी, ताकि उन्हें किसी सरकारी सुविधा के लिए आधार पर निर्भर न रहना पड़े।

आधार कार्ड

उन्होंने इसे “फासीवादी साजिश” तक कहा।

भाजपा और UIDAI का जवाब विपक्ष नेता सुवेंदु अधिकारी ने दावा किया कि “अगर किसी का कार्ड गलती से प्रभावित हुआ है तो 24 घंटे के भीतर एक्टिवेट कर दिया जाएगा।” UIDAI ने साफ कहा कि— “किसी भी आधार नंबर को रद्द नहीं किया गया है, सिर्फ मृत व्यक्तियों के रिकॉर्ड अपडेट किए गए हैं।” केंद्र ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है।

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम जारी है।अब यह मामला राज्य बनाम केंद्र की राजनीति का नया मोर्चा बन गया है। TMC इसे चुनावी साजिश बता रही है, जबकि केंद्र कह रहा है कि यह केवल “डेटा क्लीनिंग” की प्रक्रिया है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या (34 लाख) में आधार कार्ड “मृत” पाए जाने ने पूरे राज्य में चिंता बढ़ा दी है और आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।

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दिल्ली ब्लास्ट: डीएनए टेस्ट से खुलासा, डॉ. उमर उन नबी ही चला रहे थे ब्लास्ट वाली कार

दिल्ली

दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस ने पुष्टि की है कि धमाके के वक्त ह्युंडई i20 कार चला रहे व्यक्ति की पहचान डॉ. उमर उन नबी के रूप में हुई है। उनकी पहचान डीएनए टेस्ट के जरिए की गई, जिससे स्पष्ट हो गया कि विस्फोट के समय वही वाहन के स्टीयरिंग पर मौजूद थे।

दिल्ली

पुलिस के मुताबिक, ब्लास्ट के बाद डॉ. उमर उन नबी का पैर स्टीयरिंग और एक्सेलेरेटर के बीच फंसा पाया गया, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाका अचानक हुआ और उनके पास बचने का मौका नहीं था। कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे शुरुआती पहचान मुश्किल हो गई थी।

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह धमाका एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हो सकता है, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ब्लास्ट का उद्देश्य क्या था और इसमें अन्य कौन-कौन शामिल थे। फिलहाल, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और एनआईए (NIA) इस पूरे मामले की जांच कर रही हैं। टीम ने घटनास्थल से कई सबूत जुटाए हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल हुआ विस्फोटक कहां से लाया गया था।

दिल्ली

अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में डॉ. उमर उन नबी के संपर्कों और हालिया गतिविधियों की भी गहन जांच की जाएगी, ताकि इस धमाके के पीछे की सच्चाई पूरी तरह सामने आ सके।

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Skin Care Tips : वेट वाइप्स से मेकअप रिमूव करना सही या गलत? एक्सपर्ट से जानें हकीकत

Skin Care

Skin Care एक्सपर्ट्स के अनुसार, वेट वाइप्स का बार-बार या ज्यादा इस्तेमाल करना स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल इन वेट वाइप्स में मौजूद केमिकल स्किन के नेचुरल पीएच बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। चेहरे से मेकअप हटाने के लिए ज्यादातर लोग वेट वाइप्स का इस्तेमाल करते हैं। कई बार थकान या आलस  की वजह से लोग चेहरा धोने के बजाय सीधे वेट वाइप्स  से मेकअप साफ करकरे सो जाते हैं।

यह तरीका भले ही आसान और झंझट से राहत देता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी स्किन के लिए वेट वाइप्स सही है या नहीं। ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि वेट वाइप्स  से मेकअप रिमूव करना सही है या गलत और इसे लेकर एक्सपर्ट क्या कहते हैंl

वेट वाइप्स से हो सकता है नुकसान

स्किन एक्सपर्ट्स के अनुसार वेट वाइप्स का बार-बार या ज्यादा इस्तेमाल करना स्किन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दरअसल इन वेट वाइप्स में मौजूद केमिकल स्किन के नेचुरल पीएच बैलेंस को बिगाड़ देते हैं। इसकी वजह ये स्किन का नेचुरल ऑयल खत्म हो जाता है, जिससे ड्राइनेस, जलन या खुजली जैसी समस्याएं स्किन पर बढ़ने लगती है।

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वेट वाइप्स पूरी तरह साफ नहीं करता है चेहरा

मेकअप हटाते समय वेट वाइप्स से चेहरा साफ करने पर ऐसा लगता है कि सारा मेकअप निकल गया है। लेकिन रियलिटी में यह सिर्फ चेहरे के ऊपरी हिस्से को साफ करते हैं। चेहरे के पोर्स में बची गंदगी और मेकअप के छोटे कण पूरी तरह नहीं निकलते है, जिससे पोर्स बंद हो जाते हैं और एक्ने या पिंपल्स की समस्याएं भी शुरू हो जाती है।

वहीं ज्यादातर वेट वाइप्स में अल्कोहल, फ्रेगरेंस और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं जो स्किन को नुकसान पहुंचाते हैं। यह तत्व स्किन को ड्राई बना देते हैं और सेंसेटिव स्किन वाले लोगों में रशेस या जलन पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा यह वेट वाइप्स एक बार इस्तेमाल के बाद फेंक दिए जाते हैं जिससे प्लास्टिक वेस्ट बढ़ता है और एनवायरमेंट को भी नुकसान होता है।

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सही तरीके से कैसे हटा सकते हैं मेकअप?

अगर आप स्किन को हेल्दी रखना चाहते हैं तो वेट वाइप्स की जगह माइल्ड क्लींजर, माइलेज वाटर या क्लींजर बाम का इस्तेमाल करें। यह प्रोडक्ट स्किन को बिना नुकसान पहुंचाए गहराई से साफ करते हैं और नेचुरल ग्लो भी बनाए रखते हैं। वहीं वेट वाइप्स का भी आप कभी-कभी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन रोजाना इसका इस्तेमाल करना सही नहीं है। लंबे समय तक लगातार इसका इस्तेमाल स्किन को इरिटेटेड, ड्राई और अनहेल्दी बन सकता है। अगर आप अपनी स्किन को नेचुरली, हेल्दी और ग्लोइंग रखना चाहते हैं तो वेट वाइप्स की जगह क्लीनिंग प्रोडक्ट्स यूज करें।

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सरकार का बड़ा एलान, Red Fort के पास हुआ ब्लास्ट अब ‘आतंकी वारदात’ घोषित

ब्लास्ट

लालकिला मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुए कार ब्लास्ट पर केंद्र सरकार ने बड़ी पुष्टि कर दी है—कैबिनेट बैठक में इसे “Delhi Blast – A Terror Attack” घोषित किया गया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में प्रस्ताव पास कर सरकार ने कहा कि यह घटना देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली संगठित आतंकी साजिश है। सरकार ने शून्य-सहनशीलता की नीति पर जोर देते हुए पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा और केंद्रीय सहायता की घोषणा की।

घटना की तस्वीर: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई गंभीर घायल

सोमवार शाम 6:45 बजे के करीब हुए इस जोरदार कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी 3 से 4 गाड़ियाँ भी आग की चपेट में आ गईं। चश्मदीदों के अनुसार, विस्फोट की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को LNJP, हिंदू राव और अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जांच: संदिग्ध मॉड्यूल, विस्फोटक बरामद और पुख्ता सुराग

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच में इसे “सुनियोजित आतंकी हमला” माना है। शुरुआती जांच में कार मालिक फरार पाया गया है और घटनास्थल से RDX-जैसा विस्फोटक, टाइमर-डिवाइस और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स मिलने की पुष्टि हुई है। एजेंसियां इस हमले को हाल ही में पकड़े गए 2900 किलो विस्फोटक मॉड्यूल और दिल्ली-NCR में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। NIA और स्पेशल सेल ने मामला संभाल लिया है और कई राज्यों में रेड शुरू हो चुकी है।

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देश-दुनिया की प्रतिक्रिया: सुरक्षा पर फिर बड़े सवाल

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने घटना को “कायराना आतंकी हमला” बताते हुए दुख जताया और जांच तेज़ करने के निर्देश दिए। अमेरिका, फ्रांस, जापान समेत कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई। लेकिन देश में एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं—दिल्ली जैसे हाई-सेक्योरिटी ज़ोन में सुरक्षा चूक इतनी बड़ी कैसे हो गई? क्या सिस्टम इतनी गंभीर वारदात का समय रहते पता नहीं लगा सकता?

क्या सुरक्षा एजेंसियों को अब और आक्रामक होना पड़ेगा?

“Delhi Blast” ने राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने कहा है—“दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” अब निगाहें NIA की जांच, गिरफ्तारी और उस नेटवर्क पर हैं जो यह हमला करवाने में शामिल हो सकता है।

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CAT 2025 का एडमिट कार्ड हुआ जारी:-कहां और कैसे कर सकते हैं डाउनलोड एडमिट कार्ड जारी—डाउनलोड कैसे करें

CAT 2025

देशभर के MBA-प्रत्याशियों के लिए बड़ी खबर है: Common Admission Test 2025 (CAT 2025) का एडमिट कार्ड 12 नवंबर 2025 से आधिकारिक वेबसाइट iimcat.ac.in पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो गया है।उम्मीदवार अपने यूज़र ID और पासवर्ड से लॉग इन करके कर सकते हैं डाउनलोड — एडमिट कार्ड का प्रिंट-आउट और एक वैध फोटो ID (आधार, पैन, पासपोर्ट आदि) ले जाना अनिवार्य है।

CAT 2025

परीक्षा विवरण और तैयारी के टिप्स

CAT 2025 परीक्षा 30 नवंबर 2025 को आयोजित होगी, तीन शिफ्टों में (सुबह-दोपहर-शाम) देश भर के लगभग 170 प्रतिशत शहरों में। एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड में दिए गए केन्द्र, स्लॉट और रिपोर्टिंग टाइम को तुरंत वेरिफाई कर लें। परीक्षा के दिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मोबाइल, स्मार्टवॉच) ले जाने पर प्रतिबंध है — सिर्फ प्रिंटेड एडमिट कार्ड, फोटो ID और निर्धारित नियमों का पालन करें।

अगर आपने CAT 2025 के लिए पंजीकरण किया है, तो अब आपका MBA का सपना एक कदम और करीब आ गया है। अभी सिर्फ एक चीज़ याद रखें—अपना एडमिट कार्ड समय पर डाउनलोड करें, विवरण सही-से चेक करें और तैयारी में कोई कमी न रखें। “सफलता वही पायेगा जो समय से आगे निकलता है।”

**All the best to every aspirant!**

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