Name Change या Game Change? – इस्लामपुर से ईश्वरपुर तक की पूरी कहानी पढ़ें नाम बदला, पहचान बदली

इस्लामपुर

महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सांगली ज़िले के इस्लामपुर का नाम आधिकारिक रूप से बदलकर “ईश्वरपुर” (Ishwarpur) कर दिया है। 3 नवंबर 2025 को राज्य सरकार ने केंद्र की मंज़ूरी और Survey of India की स्वीकृति मिलने के बाद गजट नोटिफिकेशन जारी किया। इसके साथ ही इस्लामपुर नगर परिषद का नाम भी बदलकर अब “उरुण-ईश्वरपुर नगर परिषद” कर दिया गया है। रेलवे, डाक विभाग, राजस्व और सभी सरकारी रिकॉर्ड्स में नए नाम को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

कैसे शुरू हुई ईश्वरपुर की मांग?

यह बदलाव अचानक नहीं आया—स्थानीय जनता और नेताओं की वर्षों पुरानी माँग अब पूरी हुई है।18 जुलाई 2025 को महाराष्ट्र विधानसभा ने इस नाम परिवर्तन का प्रस्ताव पारित कर केंद्र को भेजा था।अक्टूबर 2025 में Survey of India ने इसे औपचारिक मंज़ूरी दी।और नवंबर में, गृह मंत्रालय (Home Ministry) की अंतिम स्वीकृति के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई। स्थानीय BJP नेता गोपीचंद पडालकर और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने इस परिवर्तन के लिए लगातार पैरवी की थी।

जनता की प्रतिक्रिया — जश्न और बहस दोनों

नए नाम की घोषणा के साथ ही ईश्वरपुर में माहौल उत्सव जैसा रहा—सड़कों पर मिठाई बंटी, पटाखे फूटे, और लोगों ने “ईश्वरपुर हमारा गौरव” जैसे नारे लगाए।

  • समर्थकों का कहना है : “यह बदलाव सिर्फ नाम नहीं, हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान की वापसी है।”
  • विरोधियों का तर्क : “हमने सड़क, पानी और विकास के लिए आवाज़ उठाई थी—नाम बदलने से क्या बदलेगा?”

इस तरह यह फैसला गौरव बनाम विकास की बहस को और गहराई दे गया है।

इस्लामपुर

महाराष्ट्र में नाम बदलने की लहर

ईश्वरपुर का यह फैसला महाराष्ट्र में चल रही नाम-परिवर्तन श्रृंखला का नया अध्याय है। पहले ही औरंगाबाद को छत्रपति संभाजीनगर,उस्मानाबाद को धराशिव,अहमदनगर को अहिल्यानगर नाम दिया जा चुका है।राज्य सरकार का कहना है कि यह बदलाव “जनभावनाओं और सांस्कृतिक चेतना” का प्रतीक है।

राजनीति और चुनावी समीकरणों से जुड़ा कदम?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला स्थानीय स्वशासन चुनावों के ठीक पहले जनता के भावनात्मक जुड़ाव को साधने की रणनीति भी हो सकता है। हालाँकि सरकार ने स्पष्ट कहा है— “यह निर्णय किसी राजनीति का नहीं, बल्कि जनता की इच्छा और संस्कृति के सम्मान का है।”

नया नाम, नया अध्याय — Ishwarpur की कहानी शुरू

ईश्वरपुर के इस नाम परिवर्तन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है— क्या नाम बदलने से पहचान बदल जाती है, या असली बदलाव विकास और समानता से आता है? फिलहाल, इस ऐतिहासिक कदम ने पूरे महाराष्ट्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ईश्वरपुर अब सिर्फ एक नाम नहीं—यह महाराष्ट्र की नई सांस्कृतिक कहानी का प्रतीक बन गया है।

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अनुनय सूद की मौत पर खुला बड़ा राज, परिवार ने तोड़ी चुप्पी, जानिए पूरी खबर

अनुनय सूद

सोशल मीडिया की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जाने-माने ट्रैवल इन्फ्लुएंसर और फोटोग्राफर अनुनय सूद का मात्र 32 साल की उम्र में निधन हो गया है। उनके परिवार ने 6 नवंबर 2025 को उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट के ज़रिए इस खबर की पुष्टि की। इस खबर के बाद से ही उनके लाखों फॉलोअर्स और पूरी ट्रैवल कम्युनिटी में शोक की लहर है।

परिवार का बयान और फैंस से अपील

अनुनय सूद के परिवार ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा — “बहुत दुख के साथ हम अपने प्रिय अनुनय सूद के निधन की खबर साझा कर रहे हैं। कृपया इस कठिन समय में हमारी निजता का सम्मान करें।” परिवार ने यह भी कहा कि वे चाहते हैं लोग उनके घर के बाहर या निजी स्थानों पर भीड़ न लगाएं और उनकी याद में शांति बनाए रखें।

मौत का कारण क्या था?

फिलहाल, अनुनय सूद की मौत का आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनका निधन लास वेगास (अमेरिका) में हुआ। उनकी आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट भी लास वेगास की थी, जिसमें उन्होंने लक्ज़री कारों के बीच वीकेंड बिताने की बात कही थी। कुछ रिपोर्ट्स और Reddit चर्चाओं में हार्ट अटैक को संभावित कारण बताया जा रहा है, हालांकि परिवार ने इस पर कोई पुष्टि नहीं की है।

अनुनय सूद

कौन थे अनुनय सूद?

नोएडा में जन्मे अनुनय सूद बाद में दुबई में बस गए थे। उन्होंने अपनी पहचान एक ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर और ड्रोन फोटोग्राफर के रूप में बनाई। उनके शानदार ड्रोन शॉट्स, लग्ज़री ट्रैवल वीडियोज़ और सिनेमैटिक कंटेंट ने उन्हें सोशल मीडिया पर अलग पहचान दिलाई।

  • Instagram : 1.4 मिलियन से ज़्यादा फॉलोअर्स
  • YouTube : लगभग 3.8 लाख सब्सक्राइबर्स

Forbes India “Top 100 Digital Stars” में लगातार तीन साल (2022, 2023, 2024) शामिल उनकी मेहनत, लग्ज़री ट्रैवल्स और प्रेरणादायक वीडियोज़ ने उन्हें युवा पीढ़ी का रोल मॉडल बना दिया था।

फैंस और साथी क्रिएटर्स की प्रतिक्रियाएं

अनुनय सूद की मौत की खबर सुनकर सोशल मीडिया पर फैंस ने गहरा दुख जताया है। कई मशहूर ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स और यूट्यूबर्स ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि “उन्होंने हर किसी को दुनिया को अलग नज़रिए से देखने की प्रेरणा दी।”

अनुनय सूद की विरासत

उनकी अचानक हुई मौत ने यह याद दिलाया कि सफलता और प्रसिद्धि के बीच भी जिंदगी कितनी नाज़ुक होती है। उनकी बनाई खूबसूरत तस्वीरें और वीडियोज़ आने वाले समय में भी उनके फैंस को प्रेरित करती रहेंगी।

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Mirzapur Train Accident : क्यों हुआ मिर्जापुर ट्रेन हादसा? वजह जानकर आप भी दंग रह जाएंगे

Mirzapur Train Accident

बुधवार सुबह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक बड़ा रेल हादसा (Mirzapur Train Accident) हुआ, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। यह हादसा चूनार जंक्शन पर हुआ, जब कुछ यात्री रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे और उसी दौरान एक तेज रफ्तार ट्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना ने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी और रेलवे सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब सिर्फ एक दिन पहले छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हुए रेल हादसे में 11 लोगों की जान गई थी। लगातार दो दिनों में दो बड़े हादसों ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चिंताएँ बढ़ा दी हैं।

कैसे हुआ हादसा

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय कुछ यात्री प्लेटफॉर्म की ओर जाने के लिए ट्रैक पार कर रहे थे। उसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन आई और देखते ही देखते छह लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर ही सभी की मौत हो गई।

स्थानीय लोगों ने तुरंत रेलवे अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची रेलवे पुलिस और प्रशासनिक टीम ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

रेलवे ट्रैक पार करना देशभर में एक आम लेकिन खतरनाक प्रथा बन चुकी है। हर साल सैकड़ों लोग इसी लापरवाही के कारण अपनी जान गंवाते हैं। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने फुट ओवर ब्रिज (FOB) और सुरक्षा चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। रेलवे प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के वक्त ट्रैक पर मौजूद लोगों को चेतावनी क्यों नहीं दी गई।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

एक चश्मदीद ने बताया, “हर दिन लोग इसी रास्ते से ट्रैक पार करते हैं क्योंकि दूसरी ओर जाने के लिए कोई पुल नहीं है। हमने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।”

लगातार हादसे और सुरक्षा की ज़रूरत

दो दिनों में दो बड़े रेल हादसों ने देश में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान, सुरक्षा निगरानी, और आधुनिक ट्रैक क्रॉसिंग सिस्टम की तत्काल जरूरत है।

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पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में गैस सिलेंडर ब्लास्ट से मचा हड़कंप, 12 घायल – दो की हालत नाज़ुक

सिलेंडर ब्लास्ट

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट की इमारत में एक भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ, जिससे कम से कम 12 लोग घायल हो गए। यह हादसा सुप्रीम कोर्ट के बेसमेंट में हुआ, जहां एयर-कंडीशनिंग सिस्टम की मरम्मत का काम चल रहा था।

इस्लामाबाद के आईजीपी अली नासिर रिज़वी ने बताया कि विस्फोट कैंटीन में गैस रिसाव के कारण हुआ, जो पिछले कई दिनों से चल रहा था। धमाका इतना तेज था कि उसकी गूंज से पूरी सुप्रीम कोर्ट इमारत हिल गई। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और जज, वकील और कर्मचारी अपनी जान बचाने के लिए इमारत से बाहर भागे।

सिलेंडर ब्लास्ट

कोर्टरूम नंबर 6 को भारी नुकसान

धमाके से कोर्टरूम नंबर 6 को गंभीर नुकसान पहुंचा है। हादसे के वक्त मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारी सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

  • 3 लोगों को PIMS अस्पताल में भर्ती किया गया
  • 9 लोगों को पॉलीक्लिनिक अस्पताल ले जाया गया

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। इनमें एक AC तकनीशियन शामिल है, जिसके शरीर का लगभग 80% हिस्सा जल गया है।

 कैंटीन में हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, यह धमाका सुप्रीम कोर्ट की स्टाफ कैंटीन में हुआ, जो सिर्फ कर्मचारियों के लिए है। वहां मरम्मत का काम चल रहा था, तभी गैस लीकेज के कारण सिलेंडर फट गया। राहत और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और सभी घायलों को अस्पताल भेजा।

सिलेंडर ब्लास्ट

 जांच के आदेश

घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोट के कारणों की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि लापरवाही से गैस लीक होने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हुआ।

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तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का सख्त रुख : कोयंबटूर गैंगरेप केस में एक महीने में चार्जशीट दाखिल करने का आदेश

गैंगरेप

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कोयंबटूर में हुई पीड़ादायक गैंगरेप की घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे “अमानवीय” और “निर्दय अपराध” करार देते हुए पुलिस को एक महीने के भीतर चार्जशीट दाखिल करने और आरोपियों को “सबसे सख्त सजा” दिलाने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना 2 नवंबर (रविवार रात) को कोयंबटूर एयरपोर्ट के पीछे एक सुनसान इलाके में हुई। 20 वर्षीय पीजी छात्रा अपने दोस्त के साथ कार में बैठी थी, तभी तीन युवक वहां पहुंचे। उन्होंने गाड़ी का शीशा तोड़ दिया और छात्रा के दोस्त पर दरांती से हमला कर दिया, जिससे वह बेहोश हो गया।

हमलावरों ने छात्रा को चाकू की नोक पर अगवा किया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर गैंगरेप किया। बाद में छात्रा को पुलिस ने लगभग सुबह 4 बजे बरामद किया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता की हालत अब स्थिर बताई जा रही है।

तीन आरोपी गिरफ्तार, एनकाउंटर के बाद पकड़े गए

कोयंबटूर पुलिस ने इस मामले में 7 स्पेशल टीमें गठित कीं और करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिले और मंगलवार सुबह वेल्लकिनारू इलाके में तीनों संदिग्धों का ठिकाना पता चला। पुलिस के अनुसार, जब टीम ने आरोपियों को पकड़ने की कोशिश की, तो उन्होंने हथियारों से हमला कर भागने की कोशिश की। आत्मरक्षा में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें तीनों के पैरों में गोली लगी।

गैंगरेप

आरोपियों की पहचान सतीश उर्फ़ करुपसामी, गुना उर्फ़ थवासी और कार्तिक उर्फ़ कलीश्वरन के रूप में हुई है — ये सभी दिहाड़ी मजदूर हैं और इन पर पहले से हत्या, लूटपाट और मारपीट जैसे मामले दर्ज हैं। तीनों को कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

सीएम स्टालिन बोले — “ऐसे अपराधों के लिए कोई माफी नहीं”

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोशल मीडिया और बयान के जरिए कहा — “कोयंबटूर में जो घटना घटी है, वह अमानवीय और क्रूर अपराध है। मैंने पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि चार्जशीट एक महीने में दाखिल की जाए और दोषियों को अधिकतम सजा दिलाई जाए।”

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर “शून्य सहनशीलता नीति” पर काम कर रही है और किसी भी अपराधी को छोड़ा नहीं जाएगा।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज

इस घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी उबाल है। AIADMK नेता एडप्पडी के. पलानीस्वामी ने कहा कि “स्टालिन सरकार में महिलाओं की सुरक्षा पूरी तरह से खत्म हो चुकी है।” वहीं बीजेपी नेताओं ने मुख्यमंत्री से जवाब मांगा कि राज्य में “सुरक्षित शहर” का दावा अब झूठा साबित हो रहा है।

जनता और सोशल मीडिया पर आक्रोश

सोशल मीडिया पर इस घटना की कड़ी निंदा हो रही है। लोग मांग कर रहे हैं कि अपराधियों को “उदाहरण बनने लायक सजा” दी जाए। ट्विटर पर #JusticeForCoimbatoreStudent ट्रेंड कर रहा है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • घटना : 2 नवंबर की रात कोयंबटूर एयरपोर्ट के पीछे
  • पीड़िता : 20 वर्षीय पीजी छात्रा
  • आरोपी : तीन दिहाड़ी मजदूर, पूर्व में अपराधी रिकॉर्ड
  • कार्रवाई : एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार
  • सीएम का आदेश : एक महीने में चार्जशीट और अधिकतम सजा
  • विपक्ष : DMK सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर निशाना

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छत्तीसगढ़ में भयानक रेल हादसा : बिलासपुर के पास MEMU ट्रेन और मालगाड़ी की भीषण टक्कर, कई की दर्दनाक मौत

रेल हादसा

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में मंगलवार शाम एक बड़ा रेल हादसा हो गया, जब एक MEMU पैसेंजर ट्रेन एक मालगाड़ी से जोरदार टक्कर खा गई। हादसा इतना भीषण था कि पैसेंजर ट्रेन का इंजन और पहला कोच पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वह मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।

रेलवे सूत्रों के अनुसार, यह दुर्घटना शाम करीब 4 बजे बिलासपुर और गतौरा रेलवे स्टेशन के बीच हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, कम से कम दो लोगों की मौत हुई है और कई यात्री घायल हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।

कैसे हुआ हादसा

बताया जा रहा है कि गेवरा रोड से बिलासपुर जा रही MEMU लोकल ट्रेन (संख्या 68733) पटरी पर खड़ी एक मालगाड़ी से टकरा गई। यह टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रेन का अगला हिस्सा मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ गया। कई यात्रियों को ट्रेन के डिब्बों में फंसे होने की खबर है।

स्थानीय लोगों ने हादसे के तुरंत बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद रेलवे की बचाव टीमें, फायर ब्रिगेड और NDRF के जवान मौके पर पहुंचे और फंसे यात्रियों को निकालने का अभियान शुरू किया।

रेल हादसा

बचाव कार्य और घायलों की हालत

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक तरुण प्रकाश और बिलासपुर के मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत कार्यों की निगरानी की।

घायलों को तुरंत एम्बुलेंस से बिलासपुर जिला अस्पताल और CIMS हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। रेलवे PRO ने बताया कि सभी घायलों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है।

आईजी संजीव शुक्ला ने बताया कि “कई लोग घायल हुए हैं और एक व्यक्ति को डिब्बे से निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।”

रेल यातायात पर असर

यह हादसा बिलासपुर-कटनी रेलमार्ग पर हुआ है, जो देश के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। हादसे के बाद इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है। कई ट्रेनों को डाइवर्ट या रद्द कर दिया गया है। रेलवे ने कहा है कि ट्रैक की मरम्मत के बाद ही सेवाएं बहाल की जाएंगी।

जांच के आदेश

रेल मंत्रालय ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में सिग्नलिंग फेल्योर या मानवीय गलती की संभावना जताई जा रही है। वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौके पर जांच में जुटे हैं।

रेल हादसा

रेलवे ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

यात्रियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए रेलवे ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं —

घटना स्थल: 9752485499 , 8602007202

पेंड्रा रोड : 8294730162

इन नंबरों पर कॉल करके यात्री अपने परिजनों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

लोगों में गुस्सा और सवाल

स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सिग्नलिंग सिस्टम में खामी पहले से थी, लेकिन उसे समय पर ठीक नहीं किया गया। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इस घटना को लेकर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

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अयोध्या में भव्य ध्वजारोहण समारोह : 25 नवंबर को पीएम मोदी फहराएंगे धर्म ध्वजा

ध्वजा

रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक पल की गवाह बनने जा रही है। 25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राम मंदिर के मुख्य शिखर पर 21 फुट ऊंची धर्म ध्वजा फहराएंगे। यह आयोजन मंदिर निर्माण के पूरा होने की आधिकारिक घोषणा के रूप में देखा जा रहा है। यह विशेष दिन राम विवाह पंचमी के शुभ अवसर पर मनाया जाएगा। अयोध्या में इस मौके पर भव्य समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं — शहर को फूलों, रोशनी और भगवा झंडों से सजाया जा रहा है।

समारोह के खास पहलू

  • प्रधानमंत्री मोदी 161 फुट ऊंचे मंदिर शिखर पर ध्वज फहराएंगे।
  • इस आयोजन में 8,000 से 10,000 विशेष अतिथि शामिल होंगे, जिनमें RSS प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहेंगे।
  • कार्यक्रम के दौरान रामलला के दरबार में विशेष पूजा-अर्चना होगी।

आम श्रद्धालुओं के लिए 25 नवंबर को मंदिर के दर्शन अस्थायी रूप से बंद रहेंगे, लेकिन सीमित संख्या में भक्तों को कुबेर टीला तक जाने की अनुमति मिल सकती है।

ध्वजा

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रधानमंत्री के आगमन को देखते हुए अयोध्या में तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है। शहर के प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त चेकपोस्ट लगाए गए हैं और ड्रोन से निगरानी की जा रही है।

मोदी का अयोध्या से जुड़ा संकल्प

यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी के उस वादे का प्रतीक भी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक राम मंदिर का निर्माण पूरा नहीं हो जाता, वे अयोध्या नहीं जाएंगे। वे इससे पहले 5 अगस्त 2020 को भूमि पूजन और 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए थे।

आस्था और गौरव का संगम

यह ध्वजारोहण न केवल मंदिर निर्माण की सफलता का प्रतीक है, बल्कि भारत की आस्था, संस्कृति और एकता का उत्सव भी है। अयोध्या इस दिन फिर से जगमगाएगी और दुनिया के सामने भारत के आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बनेगी।

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मासूम की चीख से गूंजा स्कूल, 9 साल की बच्ची ने चौथी मंज़िल से लगाई छलांग – shocking CCTV

बच्ची

राजस्थान के जयपुर में स्थित Neerja Modi School के मंसरोवर शाखा में शुक्रवार दोपहर एक नौ वर्षीय बच्ची (कक्षा 4) ने चौथी मंजिल से छलांग लगा दी और गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में मृत घोषित हो गई। घटना ने स्कूल, माता-पिता और पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया।

सन्नाटा, अफरातफरी और अनसुलझे सवाल

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्ची ने स्कूल की रेलिंग पर चढ़कर छलांग लगाई। उसकी चीख सुनकर स्टाफ पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। CCTV फुटेज में यह दिखा है कि बच्ची नीचे गिरने से पहले रेलिंग से ऊपर थी।

परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है — कहा जा रहा है कि घटनास्थल से खून के धब्बे मिटाए गए थे। पुलिस इस मामले की गहरी जांच कर रही है।

सुरक्षा से लेकर मानसिक स्वास्थ्य तक: स्कूलों और पेरेंट्स के सामने बड़े सवाल

  • क्या स्कूल की सुरक्षा-व्यवस्था पर्याप्त थी: चौथी मंजिल तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली?
  • क्या बच्चों को अकेले-अकेले रहने, डरने या किसी परेशानी को महसूस करने पर काउंसलिंग/सहायता मिलती है?
  • क्या माता-पिता और शिक्षक बच्चों के भावनात्मक संकेतों को पहचानते हैं — जैसे डर, उदासी, अकेलापन?

बच्ची

क्या करें माता-पिता और स्कूल?

बच्चों से रोज़ खुलकर संवाद करें — सिर्फ नंबर नहीं, उनकी भावनाओं को सुनें।

स्कूल में मेंटल हेल्थ काउंसलिंग, सुरक्षा गार्ड, सीसीटीवी एवं इमरजेंसी हेल्पलाइन अनिवार्य होनी चाहिए।

शिक्षक-प्रबंधन को समय-समय पर बच्चों के व्यवहार-परिवर्तन, डर या परेशानी पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

दर्द, सवाल और सीख — “अपने बच्चे की चुप्पी को ज़रूर सुनें”

यह हादसा सिर्फ एक परिवार का नहीं — साल दर साल बढ़ते स्कूल-सुरक्षा और स्वास्थ्य-प्रश्नों का प्रतीक है। बच्चों का डर, अकेलापन या मानसिक असहायपन कभी उस उम्र तक नहीं दिखता जब तक बहुत देर हो जाए।

अब सवाल है: क्या हमारे बच्चे सच में खुश, सुरक्षित और सुनने योग्य हैं?

हमारी जिम्मेदारी है कि सुनें, समझें और समय पर कदम उठाएँ — ताकि मासूम आवाज़ें किसी और ‘अलविदा’ से पहले सुनी जा सकें।

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Commercial LPG सिलेंडर हुआ सस्ता : कारोबारियों को मिली बड़ी राहत, जानिए आपके शहर में नए रेट

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देशभर के कारोबारियों के लिए राहत की खबर है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 नवंबर 2025 से कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में कटौती की है। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। अब होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबारियों को गैस सिलेंडर के खर्च में थोड़ी राहत मिलेगी।

इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में ₹4.50 से ₹6.50 तक की कमी की गई है। वहीं, घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

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नए LPG रेट्स आपके शहर में

  • दिल्ली : ₹1,590.50
  • मुंबई : ₹1,542
  • कोलकाता : ₹1,694
  • चेन्नई : ₹1,750

त्योहारी और शादी के सीजन से पहले हुई यह कीमतों में कटौती व्यापारियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें अप्रैल 2025 से स्थिर हैं।

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CBSE Board Exam 2026 : 17 फरवरी से शुरू होंगी 10वीं-12वीं की परीक्षाएं, जानें पूरा शेड्यूल और नया बदलाव

CBSE

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की तारीखों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। बोर्ड की ओर से जारी शेड्यूल के अनुसार, परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 9 अप्रैल 2026 तक चलेंगी।

कक्षा 10वीं और 12वीं का पूरा शेड्यूल

कक्षा 10वीं : 17 फरवरी से 18 मार्च 2026 तक

कक्षा 12वीं : 17 फरवरी से 9 अप्रैल 2026 तक

परीक्षा का समय : सुबह 10:30 बजे से एक ही शिफ्ट में सभी पेपर होंगे।

सीबीएसई ने इस बार लगभग पांच महीने पहले ही डेट शीट जारी कर दी है, ताकि छात्र अपनी तैयारी को समय पर शुरू कर सकें।

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NEP 2020 के तहत बड़ा बदलाव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार, कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए दो बोर्ड परीक्षाओं की व्यवस्था शुरू की जा रही है। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी मई 2026 में होने की संभावना है। इसका उद्देश्य छात्रों पर से परीक्षा का तनाव कम करना और सीखने की प्रक्रिया को लचीला बनाना है।

स्कूलों के लिए जरूरी निर्देश

CBSE ने सभी स्कूलों को ‘List of Candidates (LOC)’ तैयार करते समय छात्रों की जानकारी—नाम, जन्मतिथि, विषय कोड और APAAR ID—सही तरह से सत्यापित करने के निर्देश दिए हैं। डेटा में गलती मिलने पर आगे चलकर एडमिट कार्ड और रिजल्ट में दिक्कतें हो सकती हैं।

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कितने छात्र होंगे शामिल?

इस साल लगभग 45 लाख छात्र कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने की उम्मीद है। आधिकारिक वेबसाइट पर मिलेगी अपडेटेड डेटशीट छात्र और अभिभावक विषयवार विस्तृत टाइमटेबल और अन्य जानकारी के लिए सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर नज़र रखें।

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