बिहार के कटिहार जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 11 अप्रैल 2026 की शाम नेशनल हाईवे-31 (NH-31) पर एक बस, ट्रक और पिकअप वैन के बीच हुई भीषण भिड़ंत में अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं। मृतकों में अधिकांश लोग झारखंड के आदिवासी समुदाय से थे, जो एक धार्मिक अनुष्ठान के बाद वापस लौट रहे थे।
घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा?
यह दर्दनाक हादसा कटिहार जिले के कोढ़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गेराबाड़ी-बसगाड़ा चौक (NH-31) के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार शाम करीब 6:30 बजे एक तेज रफ्तार बस ने अपना नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रही पिकअप वैन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वैन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग सड़क पर इधर-उधर जा गिरे।
पुलिस के अनुसार, इस दुर्घटना में एक ट्रक भी शामिल था, जिससे यह एक मल्टी-व्हीकल कोलिजन (बहु-वाहन टक्कर) बन गया। शुरुआती जांच में हादसे का मुख्य कारण बस ड्राइवर का नियंत्रण खोना और लापरवाही से ओवरटेकिंग करना बताया जा रहा है।
मृतकों और घायलों की जानकारी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। घटना के तुरंत बाद 7 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, लेकिन इलाज के दौरान यह संख्या बढ़कर 13 तक पहुँच गई है। पिकअप वैन में सवार सभी लोग झारखंड के देवघर और गोड्डा जिले के रहने वाले आदिवासी समुदाय के थे। ये लोग पूर्णिया और कटिहार के सीमावर्ती इलाकों में पूजा-अर्चना कर वापस घर लौट रहे थे।

वर्तमान में लगभग 25 से 30 लोग घायल हैं, जिन्हें कटिहार और पूर्णिया के सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना (PMCH) रेफर किया गया है।
सरकार की ओर से बड़ी घोषणाएं
इस त्रासदी पर देश के शीर्ष नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है:
इस भीषण हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) और सभी घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों के लिए ₹2,00,000 की अनुग्रह राशि का ऐलान किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दुख जताते हुए कहा कि बिहार के कटिहार में हुई सड़क दुर्घटना में लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है।
प्रशासन की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति
कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और दुर्घटना के सटीक कारणों की गहन जांच की जा रही है। बस के ड्राइवर की स्थिति का पता लगाया जा रहा है क्योंकि वह भी इस हादसे में घायल हुआ है। प्रशासन ने मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें उनके पैतृक गांव झारखंड भेजने की समुचित व्यवस्था शुरू कर दी है।

पाठकों के लिए मुख्य जानकारी
NH-31 जैसे व्यस्त हाईवे पर यात्रा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें क्योंकि ओवरटेकिंग और तेज रफ्तार अक्सर जानलेवा साबित होती है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 12 अप्रैल की सुबह तक मौतों का आंकड़ा 13 तक पहुँच चुका है और कई घायलों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित परिजनों की सहायता के लिए जिला अस्पताल कटिहार और पूर्णिया में विशेष हेल्प डेस्क भी स्थापित किया है।
कटिहार का यह हादसा सड़क सुरक्षा की चुनौतियों को एक बार फिर सामने लाता है। 13 परिवारों ने अपने सदस्यों को खो दिया है। सरकार और प्रशासन से उम्मीद है कि वे न केवल आर्थिक मदद सुनिश्चित करेंगे, बल्कि NH-31 पर चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम भी उठाएंगे।
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