केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर रिलीज होते ही राजनीतिक विवाद भड़क गया है। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने फिल्म को सेकुलरिज्म पर हमला बताते हुए इसे झूठी प्रोपगैंडा करार दिया है।
फिल्म का विवादास्पद ट्रेलर और सीएम की प्रतिक्रिया
18 फरवरी 2026 को रिलीज हुए ट्रेलर ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया। पिनराई विजयन ने बयान जारी कर कहा कि यह फिल्म राज्य की सांप्रदायिक सद्भावना को नुकसान पहुंचाने की साजिश है। उन्होंने पहली फिल्म को भी झूठ और नफरत फैलाने वाला बताया, जो केरल की धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर प्रहार करती थी। सीएम ने चेतावनी दी कि आपसी सहमति से होने वाले विवाहों को भी जबरन धर्मांतरण दिखाकर समाज में विभाजन फैलाया# केरल स्टोरी 2 पर केरल सीएम पिनरायी विजयन का तीखा प्रहार: धर्मनिरपेक्षता पर खतरा

केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर रिलीज होते ही विवादास्पद बयानबाजी शुरू हो गई है। केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने फिल्म को राज्य की धर्मनिरपेक्ष परंपरा के लिए खतरा करार देते हुए इसे झूठी प्रोपगैंडा बताया है।
विवाद की शुरुआत: ट्रेलर ने मचाई सनसनी
फिल्म द केरल स्टोरी 2 का ट्रेलर 18 फरवरी 2026 को रिलीज हुआ, जो पहली फिल्म की तर्ज पर जबरन धर्मांतरण और साम्प्रदायिक तनाव की कहानी बयान करता है। विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित इस सीक्वल को 27 फरवरी 2026 को रिलीज होने वाली है, लेकिन ट्रेलर ने ही राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया। सीएम विजयन ने अपने कार्यालय से जारी बयान में कहा कि यह फिल्म राज्य को आतंकवाद का केंद्र दिखाने की साजिश है, जबकि केरल धार्मिक सद्भाव और शांति का प्रतीक है। उन्होंने पहली फिल्म को भी राज्य-विरोधी घृणा फैलाने वाला करार दिया।
पिनरायी विजयन का बयान: झूठी प्रोपगैंडा का आरोप
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “परस्पर सहमति से होने वाले विवाहों को भी साम्प्रदायिकता और जबरन धर्मांतरण का उदाहरण दिखाकर वे झूठा प्रोपगैंडा फैला रहे हैं।” उन्होंने केरल को सांप्रदायिक दंगों से मुक्त राज्य बताते हुए ऐसी शक्तियों को राज्य के दुश्मन कहा, जो शांति भंग करने की कोशिश कर रही हैं। विजयन ने सवाल उठाया कि समाज में विभाजन और घृणा फैलाने वाले जहरीले कार्यों को कैसे स्क्रीन पर आने दिया जा रहा है, जबकि ‘बीफ’ जैसी फिल्म को फिल्म फेस्टिवल से रोका गया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि केरल की धर्मनिरपेक्ष नींव को कमजोर न होने दें और भाईचारे के मूल्यों को मजबूत करें।
केरल की धर्मनिरपेक्ष छवि पर हमला?
विजयन के मुताबिक, केरल सतत विकास और कानून-व्यवस्था में अग्रणी राज्य है, जहां विभिन्न समुदाय आपसी सम्मान से रहते हैं। फिल्म ऐसी छवि को धूमिल करने का प्रयास है। विपक्षी दलों और सोशल मीडिया पर भी बहस छिड़ गई है, जहां कुछ इसे सच्चाई पर आधारित बता रहे हैं, तो कुछ प्रोपगैंडा। फिल्म निर्देशक कमख्या नारायण सिंह ने दावा किया कि यह वास्तविक घटनाओं पर आधारित है, लेकिन सीएम इसे राज्य-विरोधी साजिश मानते हैं। यह विवाद पहली फिल्म की तरह सियासी रंग ले सकता है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और भविष्य की संभावनाएं

कांग्रेस और अन्य दल चुप्पी साधे हैं, लेकिन भाजपा ने विजयन के बयान को फिल्म विरोधी बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद रिलीज से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर असर डाल सकता है। केरल में फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग भी उठ सकती है। विजयन ने जोर देकर कहा कि राज्य की शांति किसी फिल्म से प्रभावित नहीं होगी। यह घटना एक बार फिर सिनेमा और राजनीति के गठजोड़ को उजागर कर रही है।
केरल स्टोरी 2: सच्चाई या प्रोपगैंडा?
फिल्म पहली कड़ी की सफलता के बाद बनी है, जो 32,000 महिलाओं के कथित धर्मांतरण का दावा करती थी। सीक्वल इसमें केरल से आगे की कहानी दिखाएगा। लेकिन विजयन इसे घृणा फैलाने वाला बताते हैं। दर्शकों में दो फाड़ है – कुछ इसे साहसिक मानते हैं, तो कुछ विभाजनकारी। कुल मिलाकर, यह विवाद केरल की राजनीति को नई दिशा दे सकता है।
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