Owaisi Hijab Statement: ‘हिजाब वाली PM’ के सपने पर गिरिराज सिंह और संतोष सुमन का पलटवार, बिहार में छिड़ा सियासी संग्राम

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के ‘हिजाब’ को लेकर दिए गए हालिया बयान ने बिहार की राजनीति में उबाल ला दिया है। ओवैसी ने महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा के दौरान कहा कि उनका सपना है कि एक दिन इस देश की प्रधानमंत्री ‘हिजाब’ पहनने वाली बेटी बने। इस बयान के बाद बिहार एनडीए (NDA) के दिग्गज नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है और इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया है।

हिजाब

ओवैसी का बयान: संविधान की दुहाई और ‘हिजाब वाली PM’ का सपना

शुक्रवार, 10 जनवरी 2026 को सोलापुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान के संविधान की तुलना की। उन्होंने कहा:

“पाकिस्तान का संविधान कहता है कि वहां केवल एक खास धर्म का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहब अंबेडकर का संविधान हर भारतीय को यह हक देता है। मेरा सपना है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली एक बेटी भारत की प्रधानमंत्री बने।”

ओवैसी ने यह भी कहा कि नफरत फैलाने वाली ताकतें ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेंगी और एक दिन प्यार की जीत होगी।

गिरिराज सिंह का तीखा हमला: ‘गजवा-ए-हिंद’ की सोच नहीं होगी सफल

केंद्रीय मंत्री और बेगुसराय के सांसद गिरिराज सिंह ने शनिवार को पटना में मीडिया से बात करते हुए ओवैसी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने ओवैसी की इस सोच को ‘जिहादी मानसिकता’ से जोड़ा।

गिरिराज सिंह के प्रमुख आरोप:

गजवा-ए-हिंद का एजेंडा: गिरिराज सिंह ने आरोप लगाया कि ओवैसी के मन में ‘गजवा-ए-हिंद’ की कल्पना चल रही है, जिसे भारत में कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा।

दूसरा पाकिस्तान नहीं बनेगा: उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि कांग्रेस की तुष्टीकरण की नीतियों के कारण देश का बंटवारा एक बार हो चुका है, अब दोबारा कोई ‘पाकिस्तान’ भारत की धरती पर नहीं बनेगा।

जिन्ना का भूत: सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि अगर किसी के अंदर ‘जिन्ना का भूत’ घुस गया है, तो उसे निकाल दिया जाएगा। भारत केवल कानून और संविधान से चलेगा, किसी शरीयत से नहीं।

हिजाब

संतोष सुमन की प्रतिक्रिया: “सपने देखने पर रोक नहीं, पर देश मोदी के साथ”

बिहार सरकार के मंत्री और ‘हम’ (HAM) नेता संतोष कुमार सुमन ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने ओवैसी के बयान को अनावश्यक और ध्यान भटकाने वाला बताया।

संतोष सुमन ने कहा, “लोकतंत्र में हर किसी को सपना देखने का अधिकार है, लेकिन देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। ओवैसी केवल अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए इस तरह के संवेदनशील मुद्दों को हवा दे रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि बिहार और देश का विकास विकासवाद से होगा, न कि हिजाब या नकाब की राजनीति से।

हिजाब

बिहार में क्यों गरमाया है यह मुद्दा?

बिहार की राजनीति में ओवैसी की पार्टी AIMIM एक महत्वपूर्ण फैक्टर बन चुकी है, खासकर सीमांचल के इलाकों (पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया) में।

वोट बैंक की राजनीति: एनडीए नेताओं को लगता है कि ओवैसी ऐसे बयान देकर मुस्लिम वोटों को लामबंद (Consolidate) करने की कोशिश कर रहे हैं।

2026 के समीकरण: आने वाले चुनावों को देखते हुए बीजेपी और उसके सहयोगी दल ओवैसी के हर बयान पर ‘प्रखर राष्ट्रवाद’ के साथ पलटवार कर रहे हैं।

आपकी राय क्या है? क्या आपको लगता है कि इस तरह के बयानों से जनता के बुनियादी मुद्दों (शिक्षा, रोजगार) से ध्यान भटकता है? अपनी राय हमें जरूर बताएं।

Also Read:

Kolkata ED Raid: ममता, IPAC और ‘गायब’ सबूत! 5 घंटे का हाई-वोल्टेज ड्रामा, क्या सच छिपाने पहुंची थीं दीदी?

महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026: क्या ‘एवेंजर्स’ दिलाएंगे जीत? राजनीति में AI और सुपरहीरोज की धमाकेदार एंट्री

Leave a Comment