बिहार की राजधानी पटना में गुरुवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चर्चित ठेकेदार रिशु श्री उर्फ़ रिशु रंजन सिन्हा से जुड़े कुल 9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग, कमीशनखोरी और कथित बेनामी संपत्ति के मामले में की गई है।
सूत्रों के मुताबिक ED इस छापेमारी के जरिए कई राज्यों में फैले नेटवर्क की जांच कर रही है, जो सरकारी ठेकों, ट्रांसफर–पोस्टिंग और कमीशन के नाम पर भारी रकम के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है।

कहां-कहां हुई छापेमारी
ईडी की रेड बिहार के अलावा कई राज्यों में फैली:
- •पटना (बिहार) – मुख्य ठिकाने
- •दिल्ली–एनसीआर
- •सूरत और अहमदाबाद (गुजरात)
- •पानीपत (हरियाणा)
छापेमारी एक साथ कई टीमों द्वारा की गई ताकि दस्तावेज़ों और डिजिटल डेटा को बिना देरी जब्त किया जा सके।
किस मामले में कार्रवाई
- •रिशु श्री पर आरोप है कि वह सरकारी विभागों में ठेके दिलाने और पोस्टिंग–तबादला कराने के नाम पर भारी कमीशन वसूलता था।
- •ईडी का मानना है कि इस पैसे को बेनामी संपत्तियों और व्यापारों में निवेश कर सफेद किया जाता था।
- •कार्रवाई PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) के तहत की जा रही है।
किन अधिकारियों और नेटवर्क पर भी रेड
- •सामान्य प्रशासन विभाग के अंडर सेक्रेटरी विनोद कुमार सिंह
- •रिशु श्री का चार्टर्ड अकाउंटेंट
- कुछ ट्रैवल एजेंट और कारोबारी, जिनके जरिए पैसा घूमाने की आशंका है
- जांच टीम मानती है कि इन्हीं कड़ियों के जरिये अवैध धन का लेन-देन चल रहा था।

छापे में क्या मिला
अभी तक रेड में:
- •नकदी
- •महत्वपूर्ण फाइलें और दस्तावेज़
- •डायरी और मोबाइल-लैपटॉप जैसे डिजिटल उपकरण
- •अवैध लेन-देन और संपर्कों से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं।
- पिछली कार्रवाई में भी करीब 10–12 करोड़ रुपये नकद, प्रॉपर्टी पेपर और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य मिल चुके हैं।
क्यों बढ़ी कार्रवाई? —
रिशु श्री का नाम पहले भी IAS संजीव हंस से जुड़े कथित टेंडर और मनी लॉन्ड्रिंग घोटाले में सामने आया था। उसी जांच के बाद ईडी ने उसकी गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई और अब यह बड़ा एक्शन किया गया है।
