करोड़ों की विदेशी मुद्रा जब्त …..?मुंबई Airport पर Customs की Mega Action!

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मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर कस्टम विभाग ने हाल ही में एक Special Anti-Smuggling Drive चलाते हुए लाखों–करोड़ों रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी जब्त कर एक बार फिर सख्त संदेश दिया है। अलग-अलग मामलों में पकड़ी गई इन हाई-वैल्यू करेंसी के कारण कई यात्रियों को कस्टम एक्ट 1962 के तहत हिरासत में लिया गया और पूछताछ शुरू कर दी गई है।

ऑपरेशन कैसे चला – किन रूट्स पर कार्रवाई?

कस्टम Zone-III और एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) की टीमों ने दुबई, अबू धाबी, दोहा और जकार्ता जैसे रूट्स पर आने-जाने वाले यात्रियों की profiling + targeted screening की। संदिग्ध पैटर्न देखने पर यात्रियों को रोका गया और उनके बैग की intensive scanning की गई—जिनमें से कई मामलों में बड़ी मात्रा में अवैध रूप से ले जाई जा रही करेंसी बरामद हुई।

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Currency कैसे छिपाई गई थी?

ज्यादातर मामलों में करेंसी को ट्रॉली बैग के false bottom में, हैंड बैग के hidden compartments में, या कपड़ों/इलेक्ट्रॉनिक आइटम के अंदर पेशेवर रूप से छुपाया गया था।

  • एक बड़े मामले में दुबई से आए एक यात्री के बैग से करीब ₹87 लाख के बराबर विदेशी नोट जब्त किए गए।
  • एक अन्य संयुक्त कार्रवाई में दो यात्रियों से मिलकर ₹1.07 करोड़ से ज्यादा की currency बरामद हुई।
  • यह साफ संकेत है कि यात्रियों को निर्देशित कर प्रोफेशनल तरीके से करेंसी इंडिया लाने की कोशिश की जा रही थी।

गिरफ्तारी, पूछताछ और सिंडिकेट लिंक?

गिरफ्तार यात्रियों से पूछताछ की जा रही है कि क्या वे किसी International Hawala / Currency Smuggling Network से जुड़े हुए हैं। जप्त किये गए पासपोर्ट, मोबाइल, टिकट, रूटिंग और पैसे के पैटर्न को वित्तीय खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर खंगाला जा रहा है।

कस्टम अधिकारियों का कहना है कि अगर सिंडिकेट कनेक्शन के सबूत मिलते हैं, तो और गिरफ्तारियां व बड़े खुलासे संभव हैं।

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लगातार बढ़ रहे तस्करी के प्रयास—कस्टम का सख्त संदेश

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक गल्फ रूट पर Cash Smuggling, Gold Smuggling, और Electronic Goods तस्करी के प्रयास तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी वजह से प्रोफाइलिंग और तकनीकी मॉनिटरिंग और सख्त की गई है।कस्टम विभाग ने स्पष्ट किया है कि—

“अवैध करेंसी ले जाना सिर्फ जब्ती नहीं—सीधा arrest, court trial और भारी economic penalty की ओर ले जाता है।”

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मुंबई 26/11 के घाव आज भी नहीं भरे, शहीदों के परिवारों के दर्द को अब तक नहीं मिला न्याय

मुंबई

मुंबई: 26 नवंबर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की बरसी पर आज पूरा देश एकजुट होकर उन बहादुर शहीदों और मासूम नागरिकों को नमन कर रहा है, जिन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय नेताओं, राज्य सरकारों और हजारों नागरिकों ने श्रद्धांजलि देते हुए एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का संदेश-

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया के माध्यम से शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि 26/11 की रात देश को हिला देने वाली घटना ने हर भारतीय के दिल में एक गहरी चोट छोड़ी। उन्होंने लिखा: “मुंबई आतंकी हमले में वीरगति प्राप्त सभी जांबाज जवानों और निर्दोष नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। राष्ट्र उनके बलिदान को सदैव याद रखेगा। हम सभी को आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहना होगा।”

राष्ट्रपति ने शहीद परिवारों के साहस और मजबूती की भी सराहना करते हुए कहा कि देश उनके प्रति सदैव ऋणी रहेगा।

केंद्रीय नेतृत्व और राज्यों के नेताओं ने दी श्रद्धांजलि-

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सुरक्षाबलों की वीरता को याद करते हुए कहा कि 26/11 ने भारत को आतंकवाद से लड़ने के लिए और मजबूत व संगठित बनाया। गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा कि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश को बचाया, उनका बलिदान नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुंबई में आयोजित स्मृति समारोह में शामिल होकर पुष्पचक्र अर्पित किए। उपराष्ट्रपति और विपक्ष के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि संदेश जारी किए।

मुंबई में भावनात्मक श्रद्धांजलि कार्यक्रम-

मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया, ताज होटल, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), नरीमन हाउस, लीओपोल्ड कैफे और अन्य हमले के स्थलों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए।लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर और राष्ट्रीय गान गाकर शहीदों को याद किया। कार्यक्रम में शहीदों के परिवार भी मौजूद रहे, जिन्होंने भावुक होकर अपने प्रियजनों की यादें साझा कीं।

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26/11 हमला: जो देश कभी नहीं भूल सकता

26 नवंबर 2008 को पाकिस्तान से आए 10 आतंकियों ने मुंबई के कई स्थानों पर फायरिंग और बमबारी की थी। यह हमला करीब 60 घंटे तक चला।

इस हमले में:

•166 लोग शहीद हुए

•300 से अधिक लोग घायल हुए

•एनएसजी, मुंबई पुलिस, मरीन कमांडो और कई सुरक्षा एजेंसियों ने ऑपरेशन चलाया

मेजर संदीप उन्नीकृष्णन, सीमा सुरक्षा बल अधिकारी विजय सालस्कर, अशोक कामटे, तुकARAM ओंबले सहित कई वीरों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। 10 आतंकियों में से 9 मारे गए, जबकि अजमल कसाब को गिरफ्तार कर 2012 में फांसी दी गई।

देश का संकल्प: आतंक के खिलाफ जंग जारी-

इस बरसी पर देशभर में आयोजित कार्यक्रमों में लोगों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई मजबूत करने, सुरक्षा एजेंसियों को सहयोग देने और शांति व एकता का संदेश फैलाने की शपथ ली।

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