बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने राज्य के भारी बिजली उपभोक्ताओं के लिए ‘टाइम-ऑफ-यूज़’ (TOU/TOD) टैरिफ सिस्टम को मंजूरी दे दी है। इस नए नियम के तहत अब आपका बिजली बिल सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करेगा कि आपने कितनी यूनिट जलाई है, बल्कि इस पर भी निर्भर करेगा कि आपने किस समय बिजली का उपयोग किया है। यह कदम राज्य में बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने के लिए उठाया गया है।
किन उपभोक्ताओं पर होगा असर?
बिहार सरकार और बिजली कंपनियों (NBPDCL और SBPDCL) ने स्पष्ट किया है कि यह नियम वर्तमान में उन उपभोक्ताओं के लिए अनिवार्य होगा जिनका स्वीकृत लोड 10 किलोवाट (kW) से अधिक है। इसमें मुख्य रूप से बड़े व्यावसायिक परिसर, निजी अस्पताल, छोटे कारखाने, होटल और वे बड़े घरेलू उपभोक्ता शामिल हैं जो भारी एयर कंडीशनिंग या मशीनों का उपयोग करते हैं। स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले ग्राहकों के लिए यह सिस्टम सॉफ्टवेयर के माध्यम से ऑटोमैटिक अपडेट हो जाएगा।
तीन स्लॉट में बंटा दिन: कब सस्ती और कब महंगी होगी बिजली?
नए TOU टैरिफ को समझने के लिए दिन को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है। उपभोक्ताओं को अपना काम इसी हिसाब से शेड्यूल करना होगा ताकि बिल कम आए:

1. ऑफ-पीक आवर (सबसे सस्ती बिजली)
समय: सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
दिन के इस समय सौर ऊर्जा की उपलब्धता अधिक होती है और ग्रिड पर दबाव कम होता है। इसलिए, इस दौरान बिजली की दरें सामान्य से लगभग 10% से 20% तक सस्ती रहेंगी। यदि आप अपनी मोटर, वाशिंग मशीन या भारी मशीनें इस समय चलाते हैं, तो आपको सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
2. पीक आवर (सबसे महंगी बिजली)
समय: शाम 5:00 बजे से रात 11:00 बजे तक
यह वह समय है जब पूरे राज्य में बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है। ग्रिड को संतुलित करने के लिए इस स्लॉट में बिजली 20% तक महंगी होगी। शाम के समय एयर कंडीशनर और अन्य भारी उपकरणों का अनावश्यक उपयोग आपके मासिक बजट को बिगाड़ सकता है।
3. सामान्य दर (Normal Rates)
समय: रात 11:00 बजे से सुबह 9:00 बजे तक
देर रात से सुबह होने तक बिजली की दरें सामान्य रहेंगी। इसमें न तो कोई अतिरिक्त पेनाल्टी होगी और न ही कोई विशेष छूट।
आम जनता और छोटे उपभोक्ताओं के लिए राहत
राहत की बात यह है कि बिहार सरकार की 125 यूनिट फ्री बिजली और सब्सिडी योजना छोटे उपभोक्ताओं के लिए पहले की तरह जारी रहेगी। 10 किलोवाट से कम लोड वाले सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं पर फिलहाल इस नए टैरिफ का सीधा दबाव नहीं डाला गया है, लेकिन भविष्य में स्मार्ट मीटरिंग के विस्तार के साथ इसे सभी के लिए वैकल्पिक बनाया जा सकता है।

कैसे बचाएं अपना पैसा? एक्सपर्ट टिप्स
अगर आपका लोड 10kW से ज्यादा है, तो इन आसान तरीकों से आप अपना बिल कम कर सकते हैं:
• भारी काम दिन में निपटाएं: पानी की मोटर, कपड़े धोना या इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग सुबह 9 से शाम 5 के बीच ही करें।
• सोलर पैनल का उपयोग: अगर आपके पास सोलर सिस्टम है, तो पीक ऑवर्स (शाम 5-11) के दौरान ग्रिड की जगह अपनी बैटरी या सोलर पावर का इस्तेमाल करें।
• शिफ्ट मैनेजमेंट: छोटे कारखाने अपनी भारी मशीनरी वाली शिफ्ट को सुबह के समय में ट्रांसफर करके हजारों रुपये बचा सकते हैं।
बिहार में बिजली क्षेत्र का यह ‘टाइम-ऑफ-यूज़’ रिफॉर्म एक आधुनिक कदम है। यह न केवल उपभोक्ताओं को जागरूक बनाएगा बल्कि राज्य में बिजली कटौती की समस्या को भी कम करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि लोग उस समय बिजली का अधिक उपयोग करें जब वह प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो, ताकि पीक ऑवर्स में ग्रिड फेलियर या ओवरलोडिंग की समस्या न हो।