अस्पताल में धुआं उड़ाते दिखे बाहुबली विधायक अनंत सिंह, वायरल वीडियो ने बिहार की राजनीति में मचाया हड़कंप

अनंत सिंह

बिहार की राजनीति में इन दिनों एक वीडियो ने भूचाल ला दिया है। जेल में बंद जदयू (JDU) के बाहुबली विधायक अनंत सिंह (Anant Singh) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। इस वीडियो में विधायक जी पटना के IGIMS अस्पताल में सरेआम सिगरेट पीते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद विपक्ष, खासकर आरजेडी (RJD), नीतीश सरकार पर हमलावर हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

बेउर जेल में बंद मोकामा विधायक अनंत सिंह को नियमित स्वास्थ्य जांच (Check-up) के लिए पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) लाया गया था। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि अस्पताल परिसर के भीतर, जहां ‘नो स्मोकिंग’ का सख्त नियम होता है, वहां विधायक अनंत सिंह बेफिक्र होकर सिगरेट के कश लगा रहे हैं।

अनंत सिंह

बता दें कि अनंत सिंह हत्या के मामले में सजा काट रहे हैं, लेकिन 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने जेल में रहते हुए भी मोकामा सीट से 28,260 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की थी।

RJD ने उठाए गंभीर सवाल: “क्या यही है सुशासन?”

वीडियो वायरल होते ही राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने नीतीश सरकार की कानून-व्यवस्था और ‘सुशासन’ के दावों पर कड़े प्रहार किए हैं:

• प्रियंका भारती (RJD प्रवक्ता): उन्होंने वीडियो साझा करते हुए तंज कसा कि अनंत सिंह कानून और सुशासन को धुएं में उड़ा रहे हैं।

• एजाज अहमद (RJD नेता): उन्होंने सवाल किया कि “जो सरकार जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वह अपने विधायक की इस वीआईपी (VIP) संस्कृति पर चुप क्यों है? क्या जेल के नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं?”

NDA और भाजपा की सफाई

मामले के तूल पकड़ने पर भाजपा प्रवक्ता कौशल कृष्ण ने इस घटना को “अस्वीकार्य और निंदनीय” बताया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में धूम्रपान करना नियमों का उल्लंघन है और अनंत सिंह को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक किसी बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है।

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जनता में भारी आक्रोश

सोशल मीडिया पर आम लोग इस वीडियो को लेकर काफी नाराज हैं। यूजर्स का कहना है कि एक तरफ आम आदमी पर सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर जुर्माना लगाया जाता है, वहीं दूसरी तरफ एक सजायफ्ता विधायक अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर कानून की धज्जियां उड़ा रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब अनंत सिंह सुर्खियों में हैं, लेकिन अस्पताल के भीतर सिगरेट पीने के इस कृत्य ने बिहार की जेल प्रणाली और पुलिस अभिरक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस पर कोई कड़ा संज्ञान लेता है या यह मामला भी राजनीति की भेंट चढ़ जाएगा।

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बिहार की सियासत में भूचाल : ‘छोटे सरकार’ अनंत सिंह गिरफ्तार, मोकामा हत्याकांड से हिली JDU की जमीन

अनंत सिंह

बिहार की राजनीति में उस वक्त हड़कंप मच गया जब शनिवार देर रात पटना पुलिस ने मोकामा से JDU के बाहुबली प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की यह गिरफ्तारी दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में की गई है। चुनाव के बीच हुई इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने मोकामा समेत पूरे बिहार का सियासी पारा चढ़ा दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला मोकामा के टाल इलाके में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा है। उस दिन JDU प्रत्याशी अनंत सिंह और जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार के समर्थकों के बीच टकराव हो गया था। इसी झड़प के दौरान जनसुराज पार्टी के समर्थक, 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की मौत हो गई। मृतक के पोते ने अनंत सिंह, उनके दो भतीजों समेत पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दुलारचंद यादव को पहले गोली मारी गई और फिर गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी गई।

आधी रात को पुलिस का एक्शन

FIR दर्ज होने के बाद भी अनंत सिंह खुलेआम चुनाव प्रचार कर रहे थे, जिसे लेकर सवाल उठ रहे थे। शनिवार देर रात पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने कार्रवाई की।

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रात करीब 11 बजे : SSP कार्तिकेय शर्मा बाढ़ के कारगिल मार्केट पहुंचे, जहां अनंत सिंह अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे।

थोड़ी देर बाद : शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को हिरासत में ले लिया।

रात देर तक : पटना के DM और SSP ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अनंत सिंह की गिरफ्तारी की पुष्टि की।

पुलिस ने अनंत सिंह के साथ उनके दो सहयोगियों — मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम — को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस और सियासत का पक्ष

पटना के SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर मिले सबूतों, गवाहों के बयानों और शुरुआती जांच के आधार पर अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि यह घटना अनंत सिंह की मौजूदगी में हुई और चुनाव आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन है। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शरीर पर अंदरूनी और बाहरी चोटें पाई गई हैं।

दूसरी ओर, अनंत सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह राजनीतिक साजिश है, जो उनके प्रतिद्वंद्वी सूरजभान सिंह ने रची है। वहीं, जनसुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने गिरफ्तारी पर कहा — “देर आए, दुरुस्त आए”, यह कार्रवाई पहले ही हो जानी चाहिए थी।

इस गिरफ्तारी ने मोकामा के चुनावी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। अब देखना यह होगा कि इस घटना का चुनाव परिणामों पर क्या असर पड़ता है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और तीनों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा।

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