बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट: 6 हजार मुर्गियां कुल्हाड़ी से मारकर दफनाईं, जानें पूरी डिटेल

बिहार में बर्ड फ्लू

बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ गया है। राज्य के कई जिलों में पक्षियों में हाईली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लुएंजा (HPAI) H5N1 वायरस की पुष्टि हुई है, जिसके चलते 6 हजार से अधिक मुर्गियों को कुल्हाड़ी से मारकर दफना दिया गया। यह घटना पोल्ट्री फार्मर्स के लिए बड़ा झटका है और आम लोगों में दहशत फैला रही है। बिहार सरकार ने अलर्ट जारी कर पोल्ट्री फार्म बंद करने और सैनिटाइजेशन के आदेश दिए हैं। बर्ड फ्लू बिहार अपडेट के तहत जानें कैसे फैल रहा है यह वायरस और क्या हैं बचाव के उपाय।

बर्ड फ्ल्लू का प्रकोप: कहां-कहां फैला संक्रमण?

बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट
बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट

बिहार बर्ड फ्लू अलर्ट के केंद्र में खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर जिले हैं। खगड़िया के एक बड़े पोल्ट्री फार्म में शुरुआत हुई, जहां सैकड़ों मुर्गियां अचानक मरने लगीं। जांच में बर्ड फ्लू वायरस पाया गया, जिसके बाद 6 हजार मुर्गियां मारकर दफनाई गईं। समस्तीपुर में भी दो फार्म प्रभावित हुए, जबकि मुजफ्फरपुर में जंगली पक्षियों से संक्रमण फैलने का शक है। बिहार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने एलिसा टेस्ट से वायरस की पुष्टि की। पिछले साल के मुकाबले इस बार संक्रमण तेजी से फैला, जिससे पोल्ट्री इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। एवियन इन्फ्लुएंजा बिहार में अब तक 20 से ज्यादा फार्म प्रभावित हो चुके हैं।

बर्ड फ्लू लक्षण: मुर्गियों से इंसानों तक खतरा

बर्ड फ्लू के लक्षण मुर्गियों में साफ दिखते हैं – सांस लेने में तकलीफ, सिर झुकना, नाक से पानी बहना, अंडे कम उत्पादन और अचानक मौत। बिहार में बर्ड फ्लू 2026 के मामलों में 90% मुर्गियां 24 घंटे में मर गईं। इंसानों के लिए जोखिम कम है, लेकिन संक्रमित पक्षियों के संपर्क से बुखार, खांसी, सांस फूलना जैसे लक्षण हो सकते हैं। WHO के अनुसार, H5N1 वायरस इंसानों में दुर्लभ मामलों में घातक साबित हुआ है। बिहार में अब तक कोई मानव मामला रिपोर्ट नहीं हुआ, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने हेल्थ अलर्ट जारी किया है। ग्रामीण इलाकों में मुर्गी पालन करने वालों को मास्क पहनने और हाथ धोने की सलाह दी गई है।

सरकारी कदम: क्वारंटाइन और वैक्सीनेशन ड्राइव

बिहार सरकार ने तुरंत एक्शन लिया। पशुपालन विभाग ने प्रभावित जिलों में 10 किमी दायरे में पोल्ट्री फार्म बंद कर दिए। 6 हजार मुर्गियां मार डाली गईं ताकि वायरस न फैले। केंद्रीय टीम पटना पहुंची, जो सैंपल जांच कर रही है। वैक्सीनेशन अभियान शुरू हो गया, जिसमें लाखों पक्षियों को टीका लगाया जा रहा। बर्ड फ्लू बिहार अपडेट में डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने कहा कि मांस बिक्री पर सख्ती बरती जाएगी। बाजारों में चिकन बिक्री 50% घटी, जिससे दाम आसमान छू रहे हैं। एनिमल हसबैंडरी मंत्रालय ने 5 करोड़ का राहत पैकेज घोषित किया।

पोल्ट्री फार्मर्स का दर्द: आर्थिक नुकसान और डर

बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट
बिहार में बर्ड फ्लू अलर्ट

बिहार के पोल्ट्री फार्मर्स पर दोहरी मार पड़ी। एक फार्मर ने बताया कि 6 हजार मुर्गियों का नुकसान 20 लाख का हुआ। ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही, क्योंकि लाखों लोग मुर्गी पालन पर निर्भर हैं। बर्ड फ्लू अलर्ट से दूध, अंडे की कीमतें भी बढ़ीं। किसान संगठनों ने मुआवजा बढ़ाने की मांग की। विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई और बायोसिक्योरिटी से भविष्य में बचाव संभव। बिहार में बर्ड फ्लू 2026 का यह प्रकोप 2018 के बाद सबसे बड़ा है।

बचाव के उपाय: क्या करें आम लोग?

बर्ड फ्लू से बचने के लिए पूरी तरह पका चिकन खाएं, कच्चा मांस न छुएं। मुर्गियों के परिंदे न रखें और सैनिटाइजेशन रखें। बिहार बर्ड फ्लू अलर्ट में सरकार ने हॉटलाइन नंबर जारी किए। अगर लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मौसम बदलने से वायरस तेज फैलता है, इसलिए सतर्क रहें। यह संकट जल्द खत्म होगा, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी।

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