हम सबने ‘इंटरस्टेलर’ (Interstellar) जैसी हॉलीवुड फिल्मों में ब्लैक होल को देखा है। यह अंतरिक्ष का वो खूंखार राक्षस है, जो अपने रास्ते में आने वाले बड़े से बड़े तारों और ग्रहों को पलक झपकते ही निगल जाता है। इसका गुरुत्वाकर्षण यानी अपनी तरफ खींचने की ताकत इतनी भयंकर होती है कि रोशनी भी इससे बचकर नहीं निकल सकती।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर गलती से कोई इंसान इस ब्लैक होल के अंदर गिर जाए, तो उसके साथ क्या होगा? क्या वह किसी दूसरी दुनिया में पहुंच जाएगा या कुछ और होगा? Apni Vani की आज की इस 8 PM स्पेशल रिपोर्ट में हम आपको विज्ञान के इसी सबसे बड़े रहस्य के बारे में बहुत ही आसान भाषा में बताने जा रहे हैं।
‘इवेंट होराइजन’ : मौत की वो लक्ष्मण रेखा
जैसे ही आप ब्लैक होल की तरफ गिरना शुरू करेंगे, सबसे पहले आपका सामना ‘इवेंट होराइजन’ से होगा। इसे आप ब्लैक होल का दरवाज़ा या लक्ष्मण रेखा कह सकते हैं।
इसे एक उदाहरण से समझिए— मान लीजिए आप एक नदी में नाव चला रहे हैं और आगे एक बहुत बड़ा और खतरनाक झरना है। जब तक आप झरने से थोड़ा पीछे हैं, तब तक आप नाव को वापस मोड़कर बच सकते हैं। लेकिन अगर आप झरने के एकदम किनारे पर आ गए, तो पानी का बहाव इतना तेज़ हो जाएगा कि फिर आप चाहकर भी वापस नहीं लौट पाएंगे। ब्लैक होल का ‘इवेंट होराइजन’ बिल्कुल वैसा ही किनारा है। एक बार आप इस रेखा को पार कर गए, तो फिर आप ब्रह्मांड में कभी वापस नहीं लौट सकते।
आप मैगी के नूडल की तरह खिंच जाएंगे
अब मान लीजिए कि आप ब्लैक होल के अंदर गिर रहे हैं और आपके पैर नीचे की तरफ हैं। ब्लैक होल की खींचने की ताकत इतनी ज्यादा होती है कि आपके सिर के मुकाबले आपके पैरों पर यह खिंचाव करोड़ों गुना ज्यादा लगेगा।
इसका नतीजा क्या होगा? आपका शरीर किसी च्युइंग गम या ‘मैगी के नूडल’ की तरह लंबा खिंचने लगेगा। विज्ञान की भाषा में इस डरावनी घटना को ‘स्पागेटिफिकेशन’ (Spaghettification) कहा जाता है। कुछ ही सेकंड के अंदर इंसान का शरीर खिंचकर एक पतले तार जैसा बन जाएगा और अंत में छोटे-छोटे टुकड़ों (Atoms) में टूटकर बिखर जाएगा।
आपके लिए समय का खेल बदल जाएगा
ब्लैक होल के पास गुरुत्वाकर्षण इतना ज्यादा होता है कि वहां ‘समय’ भी अजीब तरह से काम करने लगता है। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने बताया था कि जहाँ खिंचाव ज्यादा होता है, वहां समय धीमा हो जाता है।
इसे ऐसे समझिए कि अगर आपका कोई दोस्त दूर किसी सुरक्षित स्पेसशिप से आपको ब्लैक होल में गिरते हुए देख रहा है, तो उसे लगेगा कि आप बिल्कुल धीमी गति में गिर रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा जब उसे लगेगा कि आप एक ही जगह पर रुक गए हैं (जैसे कोई वीडियो पॉज़ कर दिया हो)। लेकिन आपके लिए समय सामान्य ही रहेगा और आप तेजी से अंदर गिरते जाएंगे।

अंदर क्या है? क्या कोई दूसरी दुनिया मिलेगी?
यह विज्ञान का वह सवाल है जिसका जवाब आज तक कोई भी वैज्ञानिक पूरे भरोसे के साथ नहीं दे पाया है। जब इंसान नूडल की तरह खिंचकर ब्लैक होल के बिल्कुल बीचों-बीच पहुंचता है, तो उस जगह को ‘सिंगुलैरिटी’ कहते हैं।
यह वो जगह है जहाँ आकर दुनिया की सारी फिजिक्स और सारे नियम फेल हो जाते हैं। कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इंसान बस एक छोटे से बिंदु में कुचलकर खत्म हो जाएगा। वहीं, कुछ थ्योरीज़ यह भी कहती हैं कि ब्लैक होल के अंदर शायद किसी दूसरे ब्रह्मांड या ‘वर्महोल’ (Wormhole) का रास्ता हो सकता है, जो आपको समय में पीछे या आगे ले जा सकता है।
Apnivani की बात
ब्लैक होल ब्रह्मांड का एक ऐसा रहस्य है जिसे पूरी तरह समझना अभी भी इंसानों के बस के बाहर है। अच्छी बात यह है कि पृथ्वी के सबसे नज़दीक मौजूद ब्लैक होल भी हमसे हजारों प्रकाश वर्ष दूर है, इसलिए हमें इसके अंदर गिरने की टेंशन लेने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है!