JSW MG Motor India का बड़ा फैसला: 1 अप्रैल से महंगी हो जाएंगी Windsor और ZS EV, जानें नई कीमतें

JSW MG Motor India

JSW MG Motor India EV Price Hike: अगर आप इस साल इलेक्ट्रिक कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। भारत की दिग्गज वाहन निर्माता कंपनी JSW MG Motor India ने अपनी इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी। कंपनी के इस फैसले से मध्यम वर्ग के उन खरीदारों पर सीधा असर पड़ेगा जो बजट फ्रेंडली EV की तलाश में थे।

क्यों बढ़ रही हैं कीमतें-

JSW MG Motor India ने आधिकारिक तौर पर स्पष्ट किया है कि उत्पादन लागत (Input Costs) में लगातार हो रही वृद्धि के कारण यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने की वजह से ऑटोमोबाइल सेक्टर पर दबाव बना हुआ है। कंपनी का कहना है कि उन्होंने ग्राहकों पर पड़ने वाले बोझ को न्यूनतम रखने की कोशिश की है, इसलिए वृद्धि को अधिकतम 2% तक सीमित रखा गया है।

Windsor, ZS और Comet EV पर पड़ेगा सीधा असर

MG Motor के पोर्टफोलियो में इस समय तीन मुख्य इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ हैं, जो भारतीय बाजार में काफी लोकप्रिय हैं। 1 अप्रैल से इनकी एक्स-शोरूम कीमतों में बदलाव देखने को मिलेगा:

MG Windsor EV: यह कंपनी की सबसे नई और चर्चित CUV है। इसकी वर्तमान शुरुआती कीमत ₹9.99 लाख (BaaS मॉडल) के आसपास है। 2% की बढ़ोतरी के बाद इसकी शुरुआती कीमत में लगभग ₹20,000 तक का इजाफा हो सकता है।

MG ZS EV: प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV सेगमेंट में दबदबा रखने वाली ZS EV अब और महंगी होने वाली है। इसके विभिन्न वेरिएंट्स पर ₹25,000 से ₹30,000 तक की वृद्धि संभावित है।

MG Comet EV: शहर में चलाने के लिए सबसे किफायती मानी जाने वाली इस छोटी EV की कीमतों में भी लगभग ₹14,000 से ₹15,000 तक की बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

ICE मॉडल्स (Hector और Astor) भी होंगे महंगे

सिर्फ इलेक्ट्रिक ही नहीं, बल्कि कंपनी के पेट्रोल और हाइब्रिड इंजन वाले मॉडल्स जैसे MG Hector और MG Astor की कीमतों में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी की जा रही है। हालांकि, प्रीमियम ‘MG Select’ आउटलेट्स के जरिए बेची जाने वाली हाई-एंड गाड़ियाँ जैसे Cyberster को फिलहाल इस मूल्य वृद्धि से बाहर रखा गया है।

BaaS (Battery as a Service) मॉडल पर प्रभाव

MG ने हाल ही में ‘बैटरी-एज-अ-सर्विस’ प्रोग्राम लॉन्च किया था, जिसने कारों की शुरुआती कीमत को काफी कम कर दिया था। जानकारों का मानना है कि इस प्राइस हाइक के बाद कंपनी बैटरी रेंटल चार्ज या बेस कार प्राइसिंग में थोड़ा बदलाव कर सकती है। यदि आप बैटरी रेंटल स्कीम के तहत गाड़ी लेना चाहते हैं, तो 31 मार्च तक बुकिंग करना सबसे समझदारी भरा फैसला होगा।

खरीदारों के लिए क्या है सलाह?

ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्च का महीना कार खरीदने के लिए सबसे बेहतरीन समय है। न केवल आप 1 अप्रैल से होने वाली मूल्य वृद्धि से बच पाएंगे, बल्कि कई डीलरशिप्स पर साल के अंत के स्टॉक क्लियरेंस (Financial Year End) के तहत आकर्षक डिस्काउंट और एक्सचेंज बोनस भी मिल सकते हैं। 31 मार्च 2026 तक की गई बुकिंग्स पर पुरानी कीमतें ही लागू होने की संभावना है।

भारतीय ऑटो बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इनपुट कॉस्ट में वृद्धि कंपनियों के लिए चुनौती बनी हुई है। JSW MG Motor द्वारा की गई यह 2% की बढ़ोतरी बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए संतुलित मानी जा रही है। यदि आप MG की किसी भी गाड़ी के दीवाने हैं, तो देरी न करें और अपने नजदीकी डीलरशिप पर जाकर आज ही बुकिंग कन्फर्म करें

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कार खरीदना अब होगा महंगा: Hyundai से लेकर BMW तक, 9 बड़ी कंपनियां जनवरी से बढ़ा रही हैं दाम

कार

अगर आप इस नए साल में अपने घर के बाहर एक चमचमाती नई कार खड़ी करने का सपना देख रहे हैं, तो शायद आपको अपनी प्लानिंग थोड़ी जल्दी करनी होगी। ऑटोमोबाइल मार्केट से एक बड़ी खबर आ रही है—Hyundai, Tata Motors, और BMW समेत कुल 9 बड़े ऑटोमेकर्स ने जनवरी 2026 से अपनी गाड़ियों की कीमतों में 3% तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।

यह खबर उन लोगों के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है जो फेस्टिव सीजन के डिस्काउंट के बाद दाम गिरने का इंतज़ार कर रहे थे। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर कंपनियां ऐसा क्यों कर रही हैं और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा।

Hyundai

आखिर क्यों बढ़ रहे हैं दाम?

कंपनियों का कहना है कि यह फैसला उन्होंने मजबूरी में लिया है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:

• कच्चे माल की बढ़ती कीमत: कार बनाने में इस्तेमाल होने वाले स्टील, एल्यूमीनियम और प्लास्टिक जैसे ‘इनपुट मैटेरियल्स’ के दाम पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ गए हैं।

• रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार नीचे गिर रहा है। इससे उन कलपुर्जों (parts) की कीमत बढ़ गई है जिन्हें कंपनियां विदेशों से इम्पोर्ट (Import) करती हैं।

• लॉजिस्टिक्स और चिप की समस्या: ग्लोबल सप्लाई चेन में अभी भी कुछ रुकावटें हैं, जिसकी वजह से ट्रांसपोर्टेशन और चिप्स की डिलीवरी महंगी हो रही है।

कौन-कौन सी कंपनियां हैं इस लिस्ट में?

कीमतें बढ़ाने वाली लिस्ट में सिर्फ बजट कारें ही नहीं, बल्कि लग्जरी गाड़ियां भी शामिल हैं। इनमें Hyundai, Tata Motors, Honda, और BMW तो लीड कर ही रहे हैं, साथ ही Mahindra, Kia, MG Motor, Skoda और Toyota भी अपनी कीमतों में बदलाव करने की तैयारी में हैं।

इसका मतलब है कि अगर आप Tata Nexon या Hyundai Creta जैसी पॉपुलर SUV लेने की सोच रहे हैं, तो आपको 20,000 से 50,000 रुपये तक एक्स्ट्रा देने पड़ सकते हैं। वहीं BMW जैसी लग्जरी कारों के लिए यह अंतर लाखों में जा सकता है।

क्या इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) पर भी पड़ेगा असर?

यहाँ एक छोटा सा ‘सिल्वर लाइनिंग’ या राहत की बात हो सकती है। हालांकि अभी टाटा जैसी कंपनियां अपने EV पोर्टफोलियो पर भी विचार कर रही हैं, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि बजट 2026 में सरकार बैटरी इम्पोर्ट ड्यूटी में कुछ कटौती कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो शायद इलेक्ट्रिक कारों के दाम उतने न बढ़ें जितने पेट्रोल-डीजल कारों के बढ़ेंगे। लेकिन फिलहाल के लिए, अनिश्चितता बनी हुई है।

BMW

ग्राहकों के लिए हमारी सलाह

अगर आपने मन बना लिया है और फाइनेंस की बात बन चुकी है, तो 31 दिसंबर 2025 से पहले बुकिंग करा लेना ही समझदारी होगी। डीलर्स के पास फिलहाल पुराना स्टॉक मौजूद है और कई शोरूम्स पुराने रेट पर ही गाड़ियां निकालने की कोशिश कर रहे हैं। जनवरी आते ही नई ‘प्राइस लिस्ट’ लागू हो जाएगी और फिर मोल-भाव की गुंजाइश भी कम रहेगी।

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