सुबह की दुखद खबर—मुंबई में धर्मेंद्र का निधन, इंडस्ट्री में मातम 24 नवंबर 2025 की सुबह भारतीय सिनेमा के इतिहास में काला दिन बन गई, जब बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र जी ने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में 89 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली।
पिछले दो हफ्तों से वे उम्र-संबंधी जटिलताओं और सांस की समस्या से जूझ रहे थे। 12 नवंबर को घर लौटने के बाद परिवार को थोड़ी राहत मिली थी, पर बीती रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें फिर अस्पताल ले जाया गया, जहां आज सुबह उनका निधन हो गया।
मुंबई में उनके जुहू स्थित घर और बाद में पवन हंस श्मशान घाट पर श्रद्धांजलि देने के लिए अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान, सलमान खान, जया बच्चन, हेमा मालिनी, सनी देओल, बॉबी देओल, ईशा देओल समेत पूरी फिल्म इंडस्ट्री उमड़ पड़ी।
सोशल मीडिया पर लाखों लोग लिख रहे हैं—“An era has ended.”
62 साल का सुनहरा सफर—सिनेमा, संघर्ष और सादगी का अद्भुत मिश्रण धर्मेंद्र ने अपने 62 साल लंबे करियर में 300 से अधिक फिल्में कीं और ‘शोले’, ‘सीता और गीता’, ‘चुपके चुपके’, ‘धरम वीर’, ‘यादों की बारात’, ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी फिल्मों से भारतीय सिनेमा को अनगिनत यादें दीं।

उन्हें ‘He-Man of Bollywood’ कहा गया—
✔ दमदार एक्शन
✔ दिल छू लेने वाली कॉमेडी
✔ रोमांस का अनोखा अंदाज़
✔ और सबसे बड़ी बात—उनकी सादगी
फिल्म जगत, नेताओं, कलाकारों और प्रशंसकों ने श्रद्धांजलि देते हुए लिखा:
“Hindi cinema ने अपना सबसे प्यारा चेहरा और सबसे गर्मजोशी भरी आवाज़ खो दी है।”
परिवार का संदेश—“धर्मेंद्र जी सिर्फ अभिनेता नहीं, भावनाओं का घर थे”
परिवार ने बयान जारी कर कहा—
“उन्होंने स्क्रीन पर जितना प्रेम दिया, उतना ही जीवन में अपने लोगों को दिया। संघर्ष, मेहनत, विनम्रता और परिवार—यही उनकी असली पहचान थी।” उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर पवन हंस श्मशान में पूरे सम्मान के साथ किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों ने भी धर्मेंद्र के निधन को “भारतीय फिल्म इतिहास का सबसे बड़ा नुकसान” बताया है।
एक युग का अंत—धर्मेंद्र हमेशा दिलों में जिंदा रहेंगे उनके जाने से दर्शक सिर्फ एक अभिनेता को नहीं, बल्कि एक युग, एक व्यक्तित्व, एक मुस्कान और एक आभा को खो बैठे हैं।
“धर्मेंद्र जी, आपकी विरासत, आपके डायलॉग और आपकी सादगी—हमेशा भारतीय सिनेमा की धड़कन बनी रहेंगी।”