15 फरवरी 2026 को राजस्थान के भिवाड़ी खुशखेड़ा रीको इलाके में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भयानक धमाके ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हादसे में बिहार के मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के 7 मजदूर जिंदा जल गए, जबकि 4 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। गारमेंट फैक्ट्री की आड़ में चल रहे इस मौत के सौदागर कारोबार ने मजदूरों की जिंदगियां लील लीं।
धमाके का खौफनाक मंजर: सुबह 9:30 बजे मौत का तांडव

सुबह करीब 9:30 बजे फैक्ट्री में बारूद के ढेर पर विस्फोट हो गया, जिससे भीषण आग लग गई और इमारत मलबे में बदल गई। धमाके की तीव्रता इतनी थी कि 5 किलोमीटर दूर तक लोग भूकंप समझकर भागे। शव इतने जले हुए थे कि डीएनए टेस्ट से ही पहचान हो सकी – मुजफ्फरपुर के अभिषेक कुमार, श्याम कुमार, अमरेश कुमार समेत 7 बिहारी मजदूरों की मौत कंफर्म हुई। घायलों को अलवर और दिल्ली AIIMS रेफर किया गया।
अवैध पटाखा फैक्ट्री का काला कारोबार: चाइनीज बारूद से बन रहे पटाखे
जांच में सामने आया कि कपड़ा उद्योग के लिए 2005 में अलॉटेड प्लॉट पर 2 साल से अवैध पटाखा निर्माण हो रहा था। फैक्ट्री मालिक ने इसे लीज पर दिया और गेट पर ताला लगाकर मजदूरों को कैद कर काम करवाया। चाइनीज कंपनी ‘अनहुई वानवेई ग्रुप’ के बारूद कट्टे, गनपाउडर, बजरी में चांदी का घोल मिलाकर खिलौना गन की गोलियां बनाई जा रही थीं। नाबालिग मजदूरों तक को लगाया गया था। पास के दो गोदामों से भारी विस्फोटक जब्त हुए।
बिहार कनेक्शन: गरीब मजदूरों की मजबूरी बनी मौत का सबब
मृतकों में मुजफ्फरपुर और मोतिहारी के गरीब परिवारों के मजदूर थे, जो रोजी-रोटी के लिए राजस्थान पहुंचे। परिवार टूट गए – अभिषेक की पत्नी गर्भवती थी, श्याम के 3 बच्चे अनाथ। बिहार CM नीतीश कुमार ने प्रत्येक परिवार को 4 लाख मुआवजा घोषित किया और शव प्राप्ति की व्यवस्था का आदेश दिया। 18 फरवरी तक शवों की पहचान पूरी हुई।
प्रशासन की लापरवाही: पुलिस संरक्षण में चल रहा धंधा

रीको एरिया में पटाखा फैक्ट्री की परमिशन न होने पर भी सालों से कारोबार फल-फूल रहा था। डीएसटी प्रभारी की मिलीभगत सामने आई, जिसके बाद 4 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर टीम भंग की गई। वन मंत्री संजय शर्मा ने सख्त जांच और दोषियों पर कार्रवाई का वादा किया। 16 फरवरी को दो और अवैध फैक्ट्री पकड़ी गईं। यह हादसा सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहा है।
सबक और भविष्य की चेतावनी: मजदूर सुरक्षा पर सवाल
यह घटना प्रवासी मजदूरों की असुरक्षा और अवैध उद्योगों पर सवाल खड़ी करती है। सरकार को रीको एरिया में सघन चेकिंग, मजदूर रजिस्ट्रेशन और सख्त कानून लागू करने चाहिए। बिहार से राजस्थान जाने वाले मजदूर सतर्क रहें। होली-दीवाली से पहले पटाखा कारोबार चरम पर होता है, ऐसे हादसों पर रोक जरूरी।