बिहार के नवादा जिले में शनिवार (12 अप्रैल 2026) को एक ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। गोविंदपुर प्रखंड के कमलापुर रोड पर बच्चों से भरी एक निजी स्कूल की पिकअप टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क से 20 फीट नीचे जा गिरी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन गिरने के दौरान चार बार पलटा, जिससे उसमें सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। इस भीषण दुर्घटना में 8 वर्षीय मासूम बच्ची आरोही (आयुषी) कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक बच्चे घायल हुए हैं।
कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?
यह घटना उस समय हुई जब स्कूल की छुट्टी के बाद बच्चे अपने घरों को लौट रहे थे। कमलापुर रोड पर चालक ने तेज रफ्तार वाहन से अपना नियंत्रण खो दिया। चश्मदीदों का कहना है कि गाड़ी की गति इतनी अधिक थी कि वह सीधे सड़क किनारे खेत में जा गिरी। पास के खेतों में गेहूं की कटाई कर रहे ग्रामीणों ने जब बच्चों की चीखें सुनीं, तो वे तुरंत मौके पर दौड़े। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बच्चों को गाड़ी के शीशे तोड़कर बाहर निकाला और निजी वाहनों व एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया।
क्षमता से दुगुने बच्चे: स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही
हादसे के बाद जो सच्चाई सामने आई है, वह शिक्षा व्यवस्था और परिवहन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिस वाहन में महज 12 से 15 बच्चों के बैठने की जगह थी, उसमें स्कूल प्रशासन ने 25 मासूमों को जानवरों की तरह ठूंस रखा था। ओवरलोडिंग के कारण गाड़ी का संतुलन बिगड़ना हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ड्राइवर नशे में था और तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था। पुलिस ने आक्रोशित भीड़ से ड्राइवर को बचाकर हिरासत में ले लिया है।

अस्पताल में अफरा-तफरी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
सदर अस्पताल में भर्ती घायल बच्चों में से कई की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है। मृतका आरोही कुमारी गोविंदपुर बाजार के अमित कुमार की पुत्री थी। उसकी मौत की खबर सुनते ही घर में कोहराम मच गया। अस्पताल परिसर में बदहवास माता-पिता स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि उन्होंने अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य के लिए स्कूल भेजा था, न कि मौत के मुंह में।
प्रशासन की जांच और सुरक्षा के दावे
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि स्कूल संचालक और लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। हालांकि, सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन केवल हादसों के बाद ही जागता है? जिले में धड़ल्ले से चल रहे अनफिट और ओवरलोडेड स्कूली वाहनों पर नियमित चेकिंग क्यों नहीं की जाती?

Quick Details Table
नवादा के इस भीषण हादसे की मुख्य जानकारियों को यदि हम सारांश के रूप में देखें, तो यह घटना 12 अप्रैल 2026 को बिहार के नवादा जिले के गोविंदपुर प्रखंड अंतर्गत कमलापुर रोड पर घटित हुई। इस दुखद दुर्घटना में गोविंदपुर बाजार निवासी अमित कुमार की 8 वर्षीय पुत्री आरोही कुमारी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 20 से 25 बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्राथमिक जांच में हादसे का सबसे बड़ा कारण वाहन का ओवरलोडेड होना और चालक की तेज रफ्तार के साथ-साथ लापरवाही को माना गया है, जिसने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं।