Rajgir Malmas Mela 2026: आज से राजगीर में शुरू हुआ महाकुंभ! जाने से पहले जान लें शाही स्नान की तारीखें और भीड़ से बचने की सबसे जरूरी टिप्स

Rajgir Malmas Mela 2026

बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में आस्था का वह महासागर उमड़ना शुरू हो गया है, जिसका इंतज़ार हिंदू धर्म के श्रद्धालु पूरे 3 साल तक करते हैं। जी हां, आज (रविवार, 17 मई 2026) से राजगीर का विश्व प्रसिद्ध ‘मलमास मेला’ आधिकारिक तौर पर शुरू हो गया है।

प्रशासन ने सुरक्षा से लेकर टेंट सिटी तक की सारी तैयारियां पूरी कर ली हैं और राजगीर की वादियों में अब सिर्फ मंत्रों की गूंज और श्रद्धालुओं की भीड़ ही नज़र आ रही है। ‘ApniVani’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि आखिर राजगीर में ही यह मेला क्यों लगता है, शाही स्नान की प्रमुख तारीखें क्या हैं और अब जब मेला शुरू हो चुका है, तो आपको भीड़ से बचने के लिए क्या करना चाहिए।

पूरे एक महीने चलेगा आस्था का यह महापर्व

नालंदा जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए शेड्यूल के मुताबिक, यह पुरुषोत्तम मास (मलमास) मेला आज 17 मई 2026 से शुरू होकर 15 जून 2026 तक चलेगा।

हिंदू पंचांग के अनुसार हर 3 साल में सूर्य वर्ष और चंद्र वर्ष के बीच 1 महीने का अंतर आ जाता है। इसी अंतर को पाटने के लिए ‘अधिकमास’ या ‘मलमास’ आता है। इस पूरे महीने में देश के कोने-कोने से लाखों साधु-संत और आम श्रद्धालु राजगीर पहुंचते हैं।

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राजगीर में ही क्यों? (33 कोटी देवी-देवताओं का वास)

क्या आपने कभी सोचा है कि पूरे देश में यह मेला सिर्फ राजगीर में ही इतनी धूमधाम से क्यों मनाया जाता है?

पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मलमास के इस पूरे एक महीने के दौरान हिंदू धर्म के 33 कोटी देवी-देवता अपना स्वर्ग लोक छोड़कर राजगीर में वास करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दौरान राजगीर के पवित्र ‘ब्रह्मकुंड’ (गर्म पानी के कुंड) में एक बार डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

डायरी में नोट कर लें ‘शाही स्नान’ की ये 3 प्रमुख तारीखें

अगर आप मेले का असली आध्यात्मिक रंग देखना चाहते हैं, तो आपको ‘शाही स्नान’ (Royal Bath) के दिन राजगीर पहुंचना चाहिए। इन दिनों नागा साधुओं और बड़े-बड़े संतों का शाही जुलूस निकलता है। प्रशासन ने 2026 के लिए तीन प्रमुख शाही स्नान की तारीखें तय की हैं:

  • पहला शाही स्नान: 27 मई 2026
  • दूसरा शाही स्नान: 31 मई 2026
  • तीसरा और अंतिम शाही स्नान: 11 जून 2026
  • काम की सलाह: वीकेंड पर जाने से बचें, वरना भारी भीड़ में फंसेंगे!

अब चूंकि मेला आज से शुरू हो चुका है, इसलिए हमारी सबसे जरूरी सलाह (Instruction) यही है कि— रविवार या छुट्टी के दिन जाने से बचें! जैसे-जैसे मेला अपने शबाब पर पहुंचेगा, लाखों की संख्या में भीड़ राजगीर की सड़कों को जाम कर देगी। आपको होटलों या धर्मशालाओं में पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी और ब्रह्मकुंड तक पहुंचने के लिए चिलचिलाती धूप में घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ेगा। इसलिए स्मार्ट बनें, अपनी यात्रा के लिए ‘वीक डेज़’ (सोमवार से शुक्रवार) का चुनाव करें, शांति से स्नान करें और दर्शन करके लौट आएं।

Rajgir Malmas Mela 2026

एक महीने तक सभी ‘मांगलिक कार्यों’ पर लग गई है रोक

मलमास शुरू होते ही आज (17 मई) से 15 जून तक हिंदू धर्म में किसी भी तरह के शुभ और मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से रोक (Break) लग गई है।

इस दौरान कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जाएगा। चाहे वह शादी-विवाह हो, मुंडन संस्कार हो, गृह प्रवेश (Housewarming) हो या फिर नई गाड़ी और प्रॉपर्टी खरीदना हो— ये सभी काम अब 15 जून के बाद ही किए जा सकेंगे। यह पूरा महीना सिर्फ भगवान विष्णु की पूजा, दान-पुण्य और साधना के लिए समर्पित होता है।

ApniVani की बात

राजगीर का यह मलमास मेला सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह बिहार की गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक है। जब आप राजगीर जाएं, तो प्रशासन के नियमों का कड़ाई से पालन करें, कुंड के आस-पास साफ-सफाई रखें और अपने बच्चों का भीड़ में विशेष ध्यान रखें।

जय छठी मैया! जय भगवान विष्णु! इस खबर को तुरंत अपने परिवार वालों के साथ शेयर करें और अपना राजगीर का प्लान आज ही फाइनल करें!

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