Rajpal Yadav Case Update: सलमान खान और अजय देवगन बने ढाल, वरुण धवन ने भी बढ़ाया मदद का हाथ

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बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव के लिए पिछला कुछ समय किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद, अभिनेता ने आखिरकार तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया है। लेकिन इस मुश्किल घड़ी में राजपाल यादव अकेले नहीं हैं। फिल्म जगत के ‘सुल्तान’ सलमान खान, ‘सिंघम’ अजय देवगन और युवा सुपरस्टार वरुण धवन समेत कई बड़े नाम उनकी मदद के लिए ढाल बनकर सामने आए हैं।

मुश्किल में फंसे राजपाल यादव: क्या है पूरा विवाद?
राजपाल यादव के संकट की शुरुआत साल 2010 में हुई थी, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली के एक बिजनेसमैन से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही, जिसके कारण कर्ज की राशि ब्याज समेत बढ़कर 9 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भुगतान न कर पाने की स्थिति में कई चेक बाउंस हुए, जिसके बाद मामला अदालत तक जा पहुंचा। लंबे समय तक चली कानूनी लड़ाई और भुगतान के कई मौकों के बावजूद, जब राशि जमा नहीं हुई, तो कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया।

सलमान खान और अजय देवगन की ‘यारी’: दिखाई दरियादिली
जैसे ही राजपाल यादव के सरेंडर की खबर वायरल हुई, बॉलीवुड में हलचल मच गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, सलमान खान और अजय देवगन ने व्यक्तिगत रूप से राजपाल के परिवार और उनके मैनेजर गोल्डी से संपर्क किया है। सलमान खान, जो अपनी चैरिटी ‘बीइंग ह्यूमन’ और साथी कलाकारों की मदद के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने आर्थिक सहायता का पूरा आश्वासन दिया है। वहीं, अजय देवगन ने भी इस कानूनी उलझन को सुलझाने के लिए वित्तीय और नैतिक समर्थन देने की बात कही है।

वरुण धवन और सोनू सूद का भी मिला साथ
केवल सीनियर स्टार्स ही नहीं, बल्कि वरुण धवन ने भी राजपाल यादव के प्रति अपनी सहानुभूति व्यक्त करते हुए सहयोग का हाथ बढ़ाया है। इंडस्ट्री के ‘मसीहा’ कहे जाने वाले सोनू सूद ने एक कदम आगे बढ़ते हुए राजपाल को अपनी अगली फिल्म में काम देने और साइनिंग अमाउंट के जरिए तुरंत मदद करने का फैसला किया है। इसके अलावा, राव इंद्रजीत सिंह यादव और नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे सितारों द्वारा भी भारी भरकम राशि डोनेट करने की खबरें सामने आ रही हैं, जो यह साबित करती हैं कि फिल्म इंडस्ट्री एक परिवार की तरह एकजुट है।

दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश और तिहाड़ का सफर
बता दें कि दिल्ली हाईकोर्ट ने राजपाल यादव को सरेंडर करने के लिए 4 फरवरी तक का समय दिया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 8 फरवरी किया गया। सरेंडर के वक्त राजपाल काफी भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पास फिलहाल पैसे नहीं हैं और वे कानून का सम्मान करते हुए जेल जा रहे हैं। वर्तमान में वे तिहाड़ जेल में हैं, लेकिन उनके समर्थकों को उम्मीद है कि 12 फरवरी 2026 को होने वाली बेल सुनवाई में उन्हें राहत मिल सकती है।

क्या आज जेल से बाहर आएंगे राजपाल यादव?
आज यानी 12 फरवरी को राजपाल यादव की किस्मत का फैसला होना है। सितारों द्वारा दी गई आर्थिक मदद का उपयोग चेक बाउंस की राशि को सेटल करने में किया जा सकता है। यदि आज कोर्ट में सेटलमेंट की प्रक्रिया पूरी हो जाती है और वकील जमानत याचिका पर ठोस दलीलें पेश करते हैं, तो राजपाल यादव जल्द ही अपने परिवार के बीच होंगे। उनके मैनेजर का कहना है कि इंडस्ट्री के सपोर्ट के बाद अब सेटलमेंट की राह आसान हो गई है।

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दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख: राजपाल यादव और पत्नी राधा की मुश्किलें बढ़ीं, सरेंडर का आदेश जारी

राजपाल यादव

बॉलीवुड के ‘कॉमेडी किंग’ कहे जाने वाले राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव के लिए कानूनी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के एक पुराने और पेचीदा मामले में अभिनेता को तुरंत सरेंडर करने का आदेश दिया है। अदालत का यह कड़ा फैसला न केवल राजपाल यादव के करियर के लिए एक बड़ा झटका है, बल्कि यह कानून की उस सख्त प्रक्रिया को भी दर्शाता है जहाँ सेलिब्रिटी स्टेटस से ऊपर न्याय को रखा गया है।

राजपाल यादव
दिल्ली हाईकोर्ट का कड़ा रुख सरेंडर का आदेश जारी

आखिर क्या है पूरा मामला? (केस की जड़)

यह कानूनी लड़ाई साल 2010 से चली आ रही है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से लगभग 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। इस कर्ज की अदायगी के लिए जो चेक दिए गए थे, वे बैंक में बाउंस हो गए। साल 2024 में दिल्ली की एक सेशन कोर्ट ने राजपाल और उनकी पत्नी राधा को सात अलग-अलग चेक बाउंस मामलों में दोषी करार देते हुए 6 महीने की सजा और भारी जुर्माने का आदेश सुनाया था।

पत्नी राधा यादव की भूमिका और कानूनी पेच

इस पूरे विवाद में राजपाल की पत्नी राधा यादव की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। वह न केवल राजपाल की व्यक्तिगत साथी हैं, बल्कि उनकी फिल्म निर्माण कंपनी में पार्टनर और लोन एग्रीमेंट में सह-हस्ताक्षरकर्ता भी थीं। चूंकि चेक पर उनके भी हस्ताक्षर थे और वह कंपनी के प्रबंधन का हिस्सा थीं, इसलिए अदालत ने उन्हें भी समान रूप से उत्तरदायी माना।

यद्यपि कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर राधा यादव के स्वास्थ्य को लेकर अफवाहें उड़ी थीं, लेकिन कानूनी दस्तावेजों के अनुसार वह इस केस में सक्रिय रूप से सह-आरोपी बनी हुई हैं। निचली अदालत ने राधा को भी सजा सुनाई थी, जिस पर हाईकोर्ट ने समझौते की शर्त के साथ अंतरिम रोक लगाई थी।

हाईकोर्ट की नाराजगी: ‘समझौता टूटा, अब जेल’

जस्टिस स्वरना कांता शर्मा की बेंच ने राजपाल यादव के आचरण पर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने पाया कि राजपाल ने बार-बार सेटलमेंट (समझौते) का वादा किया, लेकिन उसे पूरा नहीं किया। 2.5 करोड़ रुपये के कुल सेटलमेंट अमाउंट में से अभिनेता ने केवल एक छोटा हिस्सा चुकाया, जबकि 2.10 करोड़ रुपये अभी भी बकाया हैं।

अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा कि “न्यायिक प्रक्रिया को हल्के में नहीं लिया जा सकता।” बार-बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद भुगतान न करना कोर्ट के आदेशों की अवमानना माना गया है। कोर्ट ने अब अभिनेता को 4 फरवरी 2026 तक जेल अधीक्षक के सामने सरेंडर करने का अल्टीमेटम दिया है।

राजपाल यादव और पत्नी राधा
राजपाल यादव और पत्नी राधा

सेलिब्रिटी इमेज और भविष्य पर संकट

राजपाल यादव ने ‘हंगामा’, ‘चुप चुप के’ और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों से करोड़ों दिलों को जीता है, लेकिन 2018 में तिहाड़ जेल जाने के बाद से ही उनके करियर की चमक थोड़ी फीकी पड़ी है। उनके वकीलों ने कोर्ट में दलील दी थी कि फिल्म के फ्लॉप होने से उनकी वित्तीय स्थिति खराब हो गई, जिसे अदालत ने सजा से बचने का वैध आधार नहीं माना।

राजपाल और राधा यादव का यह मामला सबक है कि वित्तीय लेन-देन में लापरवाही और कोर्ट के साथ किए गए समझौतों को तोड़ना कितना भारी पड़ सकता है। 5 फरवरी को होने वाली अगली सुनवाई अब तय करेगी कि अभिनेता को जेल की सलाखों के पीछे कितना समय बिताना होगा।

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