शिक्षा की आड़ में आतंक: इंटरस्टेट मॉड्यूल की पोल खुली, कई गिरफ्तार”

इंटरस्टेट

जम्मू और कश्मीर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ऐसे इंटरस्टेट और इंटरनेशनल टेरर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है, जो जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवत-उल-हिंद (AGuH) जैसे खतरनाक आतंकी संगठनों से जुड़ा था। इस नेटवर्क में डॉक्टर, पढ़े-लिखे प्रोफेशनल, मौलवी और स्थानीय सहयोगी तक शामिल थे। इस ऑपरेशन में जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने मिलकर काम किया।

कैसे उजागर हुआ ‘व्हाइट कॉलर’ टेरर मॉड्यूल-

इस मॉड्यूल को “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” नाम इसलिए दिया गया क्योंकि इसमें शामिल लोग highly educated थे—जिनमें तीन डॉक्टर भी थे। जांच एजेंसियों ने पाया कि ये लोग पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे अपने हैंडलर्स से एन्क्रिप्टेड चैटिंग ऐप्स के जरिए संपर्क में रहते थे। जांच की शुरुआत नौगाम में धमकी भरे पोस्टर चिपकाए जाने से हुई, जिसके बाद यह पूरा नेटवर्क सामने आया।

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कौन-कौन गिरफ्तार हुए?

अब तक कुल आठ से अधिक लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं। प्रमुख नाम:

  • •डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई
  • •डॉ. अदील
  • •डॉ. शाहीन
  • •आरिफ निसार डार
  • •यासिर-उल-अशरफ
  • •मकसूद अहमद डार
  • •मौलवी इरफान अहमद
  • •जमीर अहमद अहंगर

इसके अलावा SIA ने बटमालू के तुफैल नियाज भट को भी गिरफ्तार किया है। इन सभी का काम था—भर्ती कराना, फंड जुटाना और IED तैयार करने के लिए सामान खरीदना।

2,900 किलो विस्फोटक और खतरनाक हथियार बरामद-

यह मॉड्यूल कितना बड़ा था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस ने करीब 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की है। इसमें शामिल हैं:

  • •अमोनियम नाइट्रेट
  • •पोटेशियम नाइट्रेट
  • •IED बनाने का अन्य सामान

हथियारों में मिला:

AK-47 राइफल,चीनी स्टार पिस्टल,बेरेटा पिस्टल ,मैगज़ीन और गोला-बारूद इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक से बड़े पैमाने पर आतंकी वारदात की आशंका जताई जा रही है।

दिल्ली के लाल किले ब्लास्ट से भी जुड़ाव

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जांच में यह भी सामने आया है कि यह मॉड्यूल दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट जैसी घटनाओं में शामिल था। कई गिरफ्तार आरोपी दिल्ली और हरियाणा में छिपकर IED की सप्लाई, फंडिंग और लॉजिस्टिक्स संभाल रहे थे।

मॉड्यूल का मकसद क्या था?

  • •नए लोगों की भर्ती करना
  • •विदेश में बैठे आतंकी हैंडलर्स के लिए फंड जुटाना
  • •IED तैयार करना और सप्लाई करना
  • •भारत में बड़े हमलों को अंजाम देना
  • •दिल्ली, जम्मू, कश्मीर समेत कई शहरों को टारगेट बनाना

पुलिस का कहना है कि इस मॉड्यूल के पकड़े जाने से JeM और AGuH के कई बड़े प्लान नाकाम हो गए हैं।

तीन राज्यों में फैला बड़ा नेटवर्क

यह नेटवर्क सिर्फ जम्मू-कश्मीर तक सीमित नहीं था। इसकी कड़ियाँ मिलीं:

  • •जम्मू-कश्मीर
  • •हरियाणा
  • •उत्तर प्रदेश

यहां से लोगों को भर्ती किया जाता था, फंडिंग होती थी और विस्फोटक सामग्री खरीदी व ट्रांसपोर्ट की जाती थी।

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सरकार का बड़ा एलान, Red Fort के पास हुआ ब्लास्ट अब ‘आतंकी वारदात’ घोषित

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लालकिला मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुए कार ब्लास्ट पर केंद्र सरकार ने बड़ी पुष्टि कर दी है—कैबिनेट बैठक में इसे “Delhi Blast – A Terror Attack” घोषित किया गया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में प्रस्ताव पास कर सरकार ने कहा कि यह घटना देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली संगठित आतंकी साजिश है। सरकार ने शून्य-सहनशीलता की नीति पर जोर देते हुए पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा और केंद्रीय सहायता की घोषणा की।

घटना की तस्वीर: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई गंभीर घायल

सोमवार शाम 6:45 बजे के करीब हुए इस जोरदार कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी 3 से 4 गाड़ियाँ भी आग की चपेट में आ गईं। चश्मदीदों के अनुसार, विस्फोट की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को LNJP, हिंदू राव और अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जांच: संदिग्ध मॉड्यूल, विस्फोटक बरामद और पुख्ता सुराग

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच में इसे “सुनियोजित आतंकी हमला” माना है। शुरुआती जांच में कार मालिक फरार पाया गया है और घटनास्थल से RDX-जैसा विस्फोटक, टाइमर-डिवाइस और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स मिलने की पुष्टि हुई है। एजेंसियां इस हमले को हाल ही में पकड़े गए 2900 किलो विस्फोटक मॉड्यूल और दिल्ली-NCR में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। NIA और स्पेशल सेल ने मामला संभाल लिया है और कई राज्यों में रेड शुरू हो चुकी है।

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देश-दुनिया की प्रतिक्रिया: सुरक्षा पर फिर बड़े सवाल

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने घटना को “कायराना आतंकी हमला” बताते हुए दुख जताया और जांच तेज़ करने के निर्देश दिए। अमेरिका, फ्रांस, जापान समेत कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई। लेकिन देश में एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं—दिल्ली जैसे हाई-सेक्योरिटी ज़ोन में सुरक्षा चूक इतनी बड़ी कैसे हो गई? क्या सिस्टम इतनी गंभीर वारदात का समय रहते पता नहीं लगा सकता?

क्या सुरक्षा एजेंसियों को अब और आक्रामक होना पड़ेगा?

“Delhi Blast” ने राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने कहा है—“दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” अब निगाहें NIA की जांच, गिरफ्तारी और उस नेटवर्क पर हैं जो यह हमला करवाने में शामिल हो सकता है।

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