आजकल हम सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक अपना सारा समय चैटिंग में बिताते हैं। पर्सनल बातें, बैंक की डिटेल्स या फिर दोस्तों के साथ गपशप— सब कुछ हमारे फोन में कैद है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जो बातें आप अपने दोस्तों या करीबियों से कर रहे हैं, क्या वो सच में सिर्फ आप दोनों के बीच हैं?
अक्सर हम Instagram (इंस्टाग्राम) या Facebook (फेसबुक) पर चैट करते हैं, और फिर हमें उसी चीज के विज्ञापन (Ads) दिखने लगते हैं! आज ‘ApniVani’ के इस टेक स्पेशल आर्टिकल में हम आम आदमी की भाषा में समझेंगे कि आखिर WhatsApp की सिक्योरिटी बाकियों से अलग कैसे है और क्या दुनिया में इससे भी ज्यादा सुरक्षित कोई ‘फ्री’ ऐप मौजूद है?

Instagram और Facebook से कैसे अलग है WhatsApp?
अगर आप फेसबुक मैसेंजर या इंस्टाग्राम के नॉर्मल इनबॉक्स में चैट कर रहे हैं, तो वह पूरी तरह से ‘लॉक’ नहीं होती है।
इन ऐप्स पर जो आप लिखते हैं, वो पहले कंपनी के सर्वर (कंप्यूटर) पर जाता है। कंपनी का सिस्टम उन शब्दों को पढ़ सकता है (विज्ञापनों के लिए) और अगर पुलिस या सरकार मांगे, तो वो आपकी पुरानी चैट्स निकालकर दे भी सकते हैं।
लेकिन, WhatsApp में डिफ़ॉल्ट रूप से ‘End-to-End Encryption’ (E2EE) लगा होता है। इसका सीधा मतलब है ‘ताला और चाबी’। जब आप “Hello” लिखकर भेजते हैं, तो WhatsApp उसे एक सीक्रेट कोड (ताले) में बदल देता है। यह कोड इंटरनेट पर उड़ता हुआ आपके दोस्त के फोन तक जाता है। इस ताले की चाबी सिर्फ आपके दोस्त के फोन में होती है। बीच में कोई हैकर, सरकार, या खुद WhatsApp भी इस मैसेज को नहीं पढ़ सकता।

‘End-to-End Encryption’ का आइडिया क्यों आया?
कुछ साल पहले तक इंटरनेट पर प्राइवेसी नाम की कोई चीज नहीं थी। मोबाइल कंपनियां और हैकर्स बड़ी आसानी से लोगों के मैसेज पढ़ लेते थे।
फिर साल 2013-14 के आसपास जब दुनिया भर में ‘साइबर जासूसी’ के बड़े मामले सामने आए, तो आम लोगों की निजता (Privacy) खतरे में पड़ गई। पत्रकारों, बड़े राजनेताओं और आम लोगों को एक ऐसे प्लेटफॉर्म की जरूरत महसूस हुई जहां उनकी बातें कोई तीसरा इंसान न सुन सके। इसी डर और जरूरत से ‘सिग्नल प्रोटोकॉल’ (Signal Protocol) का जन्म हुआ, जिसे बाद में WhatsApp ने अपनी ऐप में डाल दिया ताकि लोगों का भरोसा जीता जा सके।

WhatsApp से भी ज्यादा सुरक्षित हैं ये 2 ‘फ्री’ ऐप्स!
भले ही WhatsApp आपके मैसेज नहीं पढ़ सकता, लेकिन वह आपका ‘मेटाडेटा’ (Metadata) जरूर इकट्ठा करता है। यानी WhatsApp को पता है कि आप किससे, कब, कितनी देर और कहाँ से बात कर रहे हैं। अगर आपको इससे भी ज्यादा तगड़ी प्राइवेसी चाहिए, तो ये 2 फ्री ऐप्स सबसे बेस्ट हैं:
- Signal (सिग्नल): यह दुनिया का सबसे सुरक्षित चैट ऐप माना जाता है। इसे दुनिया के सबसे बड़े टेक एक्सपर्ट्स और खुद एलन मस्क भी प्रमोट करते हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपका कोई भी डेटा (Metadata) स्टोर नहीं करता। इसके सर्वर्स पर सिर्फ आपका फोन नंबर सेव होता है, उसके अलावा कुछ भी नहीं!
- Session (सेशन): अगर आप अपना फोन नंबर भी किसी को नहीं देना चाहते, तो ‘सेशन’ ऐप आपके लिए है। यह ऐप बिना फोन नंबर के एक सीक्रेट आईडी (ID) बनाता है। यह ‘डिसेंट्रलाइज्ड’ (Decentralized) नेटवर्क पर काम करता है, जिसे हैक करना लगभग नामुमकिन है।
ApniVani की बात
डिजिटल दुनिया में 100% सुरक्षित कुछ भी नहीं है, लेकिन सही जानकारी होना सबसे बड़ा हथियार है। अगर आप नॉर्मल गपशप कर रहे हैं, तो WhatsApp ठीक है। लेकिन अगर आप अपनी प्राइवेसी को लेकर बहुत ज्यादा सीरियस हैं, तो Signal जैसे ऐप्स की तरफ शिफ्ट होना एक समझदारी भरा कदम हो सकता है।
आपकी राय: आप अपनी पर्सनल चैटिंग के लिए सबसे ज्यादा कौन सा ऐप इस्तेमाल करते हैं— WhatsApp, Instagram या Telegram? अपनी राय और इस टेक हैक पर अपने विचार हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर शेयर करें!

