Kalyan Jewellers के शेयरों में कोहराम: 9 दिनों में 25% डूबी निवेशकों की पूंजी, क्या अब खरीदारी का है मौका?

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शेयर बाजार समाचार: भारतीय ज्वेलरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers India Ltd) के निवेशकों के लिए पिछला एक हफ्ता किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। बुधवार, 21 जनवरी 2026 को कंपनी के शेयरों में 14% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे स्टॉक 389.1 रुपये के साथ अपने 19 महीने के निचले स्तर (52-week low) पर पहुंच गया।

हैरानी की बात यह है कि पिछले 9 कारोबारी सत्रों में यह शेयर लगातार टूट रहा है और इस दौरान इसकी कीमत में लगभग 25% की गिरावट आ चुकी है। आइए समझते हैं कि मजबूत बिजनेस के बावजूद आखिर इस स्टॉक में इतनी बड़ी बिकवाली क्यों हो रही है।

Kalyan jewellers shares
Credit – Kalyan jewellers

रिकॉर्ड ऊंचाई पर सोना: मांग पर पड़ा असर

इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण सोने की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल माना जा रहा है। घरेलू बाजार में सोना 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छू चुका है। सोने के भाव इतने महंगे होने से मध्यम वर्गीय ग्राहकों ने खरीदारी टाल दी है, जिससे ज्वेलरी वॉल्यूम ग्रोथ प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।

इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की बिकवाली (Bulk Deals)

बाजार के जानकारों के अनुसार, स्टॉक में आई इस तेज गिरावट के पीछे बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) का हाथ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Sundaram Midcap Fund जैसे बड़े म्यूचुअल फंड्स ने दिसंबर तिमाही में अपनी हिस्सेदारी घटाई है। बुधवार को भी भारी वॉल्यूम के साथ हुई ट्रेडिंग ने यह संकेत दिया कि बड़े फंड हाउसेस इस शेयर से बाहर निकल रहे हैं (Institutional Unwinding)।

चार्ट पर ‘बेयरिश’ ट्रेंड और पैनिक सेलिंग

तकनीकी रूप से कल्याण ज्वेलर्स का शेयर काफी कमजोर नजर आ रहा है। यह स्टॉक अपने सभी प्रमुख मूविंग एवरेज— 20, 50, 100 और 200 EMA से नीचे फिसल चुका है। जब शेयर इतने महत्वपूर्ण स्तरों को तोड़ता है, तो बाजार में ‘पैनिक सेलिंग’ शुरू हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि 440-450 रुपये का स्तर अब एक मजबूत रेजिस्टेंस (रुकावट) बन गया है।

Kalyan jewellers market
credit- Kalyan jewellers

शानदार नतीजों के बाद भी क्यों गिरे शेयर?

यह गिरावट इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि कंपनी के Q3 FY26 के नतीजे काफी बेहतर रहे थे। दिसंबर तिमाही में कंपनी का राजस्व 42% बढ़कर 7,318 करोड़ रुपये रहा और भारत में स्टोर सेल्स ग्रोथ 27% दर्ज की गई। लेकिन ऊंचे वैल्यूएशन और प्रमोटर्स द्वारा शेयरों को गिरवी रखे जाने (Pledge) की पुरानी चिंताओं ने निवेशकों के सेंटिमेंट को खराब कर दिया।

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह

शेयर बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल यह स्टॉक “Falling Knife” (गिरता हुआ चाकू) बना हुआ है। जब तक स्टॉक 450 रुपये के ऊपर टिकना शुरू नहीं करता, तब तक इसमें नई खरीदारी जोखिम भरी हो सकती है।

  • सपोर्ट जोन: 380 – 390 रुपये
  • रेजिस्टेंस जोन: 440 – 450 रुपये

Kalyan ज्वेलर्स के फंडामेंटल्स अभी भी मजबूत दिख रहे हैं, लेकिन तकनीकी कमजोरी और सोने की ऊंची कीमतों ने इसे दबाव में डाल दिया है। लॉन्ग-टर्म निवेशकों को गिरावट के थमने और स्टेबिलिटी का इंतजार करना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।

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शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव : बुधवार की तेजी गुरुवार को गिरावट में बदली

शेयर बाजार

भारतीय शेयर बाजार में इस हफ्ते जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बुधवार को आई जबरदस्त तेजी के बाद गुरुवार को बाजार ने करवट बदली और भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। दो दिनों के इस उतार-चढ़ाव ने निवेशकों की उम्मीदों और मुनाफे — दोनों को झटका दिया।

29 अक्टूबर : निफ्टी और सेंसेक्स में जोरदार तेजी, ऑल-टाइम हाई के करीब पहुंचा बाजार

बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी रही। BSE सेंसेक्स 368.97 अंक की बढ़त के साथ 84,997.13 पर बंद हुआ। NSE निफ्टी 117.70 अंक उछलकर 26,053.90 के स्तर पर पहुंच गया। यह तेजी मुख्य रूप से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान, अमेरिकी फेड की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों, और घरेलू निवेशकों की खरीदारी से प्रेरित थी। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली।

HDFC Bank, Infosys, Maruti Suzuki और TCS जैसे शेयरों ने बाजार को ऊपर खींचा। निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई 26,100 के स्तर को छूने के करीब पहुंच गया था।

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30 अक्टूबर : एक दिन में पलटी तस्वीर, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

गुरुवार को बाजार ने अचानक ब्रेक लगा दिए।

सेंसेक्स 592.67 अंक (0.70%) गिरकर 84,404.46 पर बंद हुआ। निफ्टी 176.05 अंक (0.68%) की गिरावट के साथ 25,877.85 पर आ गया। इस गिरावट के चलते निवेशकों की संपत्ति में एक ही दिन में करीब ₹3.5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सख्त टिप्पणी, FII द्वारा भारी बिकवाली, और वैश्विक बाजारों की कमजोरी इस गिरावट के मुख्य कारण रहे। रिलायंस, टाटा स्टील, और SBI जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मुनाफावसूली हावी रही।

निवेशकों के लिए संकेत

मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, यह गिरावट एक स्वाभाविक करेक्शन (natural correction) है और फिलहाल 25,800–26,000 के दायरे में सपोर्ट बनता दिख रहा है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक घबराएं नहीं, बल्कि अच्छी कंपनियों में हर गिरावट पर धीरे-धीरे निवेश बढ़ाएं।

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