क्रिकेट को अनिश्चितताओं का खेल यूं ही नहीं कहा जाता, और आज मुल्लांपुर (Mullanpur) के नए मैदान पर कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जो साउथ अफ्रीकी टीम कटक में खेले गए पहले T20 में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी, उसने आज एक ‘चैंपियन’ की तरह वापसी की है।
दूसरे टी20 मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रनों से हराकर न सिर्फ मैच जीता, बल्कि 5 मैचों की सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है। क्विंटन डी कॉक (Quinton de Kock) की आंधी और अफ्रीकी गेंदबाजों के अनुशासन के आगे ‘मेन इन ब्लू’ का विजय रथ आज थम गया।
आइये जानते हैं इस रोमांचक मैच की पूरी हाइलाइट्स (Highlights) और वो टर्निंग पॉइंट्स जिन्होंने मैच का रुख पलट दिया।

मैच का लेखा-जोखा
मुल्लांपुर में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले का नतीजा मेहमान टीम के पक्ष में रहा, जहाँ साउथ अफ्रीका ने भारत को 51 रनों से करारी शिकस्त दी। टॉस हारने के बाद भी अफ्रीकी टीम ने ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ क्विंटन डी कॉक की तूफानी बल्लेबाजी के दम पर भारत के सामने जीत के लिए 214 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। इसके जवाब में टीम इंडिया का बैटिंग ऑर्डर दबाव में बिखर गया और पूरी टीम 19.1 ओवर में महज 162 रनों पर ढेर हो गई। इस दमदार वापसी के साथ साउथ अफ्रीका ने सीरीज को 1-1 से बराबर कर दिया है, जिससे अब धर्मशाला में होने वाला अगला मुकाबला और भी रोमांचक हो गया है।
1. डी कॉक का ‘तूफान’: आलोचकों को करारा जवाब
टॉस और पिच का मिजाज आज मेहमान टीम के पक्ष में रहा, लेकिन असली अंतर पैदा किया क्विंटन डी कॉक ने। आपको याद होगा कि पहले टी20 में डी कॉक बिना खाता खोले (0) आउट हो गए थे। लेकिन आज मुल्लांपुर में उनका बल्ला आग उगल रहा था।
डी कॉक ने भारतीय गेंदबाजों की शुरुआती ओवरों में ही लाइन और लेंथ बिगाड़ दी। उनकी तूफानी पारी की बदौलत साउथ अफ्रीका एक विशाल स्कोर खड़ा करने में कामयाब रही। जहाँ पिछले मैच में पूरी टीम 74 पर ढेर हो गई थी, वहीं आज उनके आक्रामक रवैये ने बता दिया कि वे सीरीज हारने नहीं आए हैं।
नोट: मुल्लांपुर की पिच बल्लेबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुई, लेकिन भारतीय गेंदबाज सही टप्पा पकड़ने में नाकाम रहे।
2. 214 का लक्ष्य और टीम इंडिया का सरेंडर
जीत के लिए 214 रनों के पहाड़ जैसे लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया शुरू से ही दबाव में दिखी। फैंस को उम्मीद थी कि युवा ओपनर शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा मुल्लांपुर के मैदान पर आतिशबाजी करेंगे, लेकिन साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने उन्हें सेट होने का मौका ही नहीं दिया।
• पावरप्ले में झटके: भारतीय पारी की शुरुआत लड़खड़ा गई और पावरप्ले में ही महत्वपूर्ण विकेट गिर गए।
• मिडिल ऑर्डर फेल: जब ऊपरी क्रम फेल हुआ, तो मिडिल ऑर्डर पर दबाव बढ़ गया। बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में विकेट लगातार गिरते रहे।
• 162 पर ऑलआउट: पूरी भारतीय टीम संघर्ष करती दिखी और 19.1 ओवर में महज 162 रनों पर सिमट गई।
3. सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर: 1-1 की बराबरी
इस जीत के साथ ही 5 मैचों की यह टी20 सीरीज अब 1-1 की बराबरी पर आ खड़ी हुई है। यह सीरीज अब एक ‘रोलर कोस्टर’ बन गई है:
• पहला टी20 (कटक): भारत ने 101 रनों से बड़ी जीत दर्ज की थी।
• दूसरा टी20 (मुल्लांपुर): साउथ अफ्रीका ने 51 रनों से पलटवार किया।
टीम इंडिया के लिए यह हार एक ‘वेक-अप कॉल’ (Wake-up Call) है। कटक की आसान जीत के बाद शायद टीम में थोड़ा आत्मसंतुष्टि (Complacency) का भाव आ गया था, जिसे आज मेहमान टीम ने दूर कर दिया है। टी20 वर्ल्ड कप की तैयारियों के लिहाज से मैनेजमेंट को अपनी कमियों पर गौर करना होगा।

4. मैच का टर्निंग पॉइंट
अगर मैच के सबसे बड़े टर्निंग पॉइंट की बात करें, तो वह साउथ अफ्रीका का पावरप्ले रहा।
बल्लेबाजी करते वक्त उन्होंने पावरप्ले में डी कॉक की बदौलत ताबड़तोड़ रन बटोरे, जिससे भारत बैकफुट पर आ गया। वहीं, गेंदबाजी में उन्होंने पावरप्ले के अंदर ही भारतीय टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया। भारतीय बल्लेबाज साझेदारी (Partnerships) बनाने में नाकाम रहे, जो हार का सबसे बड़ा कारण बना।
आज का दिन पूरी तरह से साउथ अफ्रीका के नाम रहा। उन्होंने अपनी पुरानी गलतियों से सीखा और गजब का जज्बा दिखाया। अब सभी की निगाहें तीसरे टी20 मुकाबले पर टिकी हैं जो धर्मशाला (Dharamsala) के खूबसूरत स्टेडियम में खेला जाएगा।
पिच और हालात बदलेंगे, लेकिन सवाल वही रहेगा— क्या टीम इंडिया वापसी कर पाएगी ?
आपको क्या लगता है, भारत की हार का मुख्य कारण क्या था— खराब गेंदबाजी या बल्लेबाजों की लापरवाही? कमेंट करके जरूर बताएं!



