कुशीनगर से ISIS संदिग्ध रिजवान अहमद गिरफ्तार: दिल्ली दहलाने की थी साजिश, घर में मिला ‘बारूद का जखीरा’

रिजवान अहमद

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से एक बड़ी सुरक्षा सफलता की खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और यूपी एटीएस (UP ATS) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से जुड़े संदिग्ध आतंकी रिजवान अहमद को दबोच लिया है। 2 और 3 अप्रैल 2026 की दरम्यानी रात हुई इस छापेमारी ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं, क्योंकि रिजवान के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं।

कौन है रिजवान अहमद? खुफिया एजेंसियों के रडार पर कैसे आया?

गिरफ्तार आरोपी रिजवान अहमद कुशीनगर के एक स्थानीय गांव का रहने वाला है। जांच में पता चला है कि वह साल 2015 से ही कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुक गया था और मुंबई की आर्थर रोड जेल में भी समय काट चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिजवान काफी समय से अपनी पहचान बदलकर दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में रह रहा था। वह न केवल आईएसआईएस के लिए भारत में भर्ती (Recruitment) का काम देख रहा था, बल्कि वह “लोन वुल्फ अटैक” या किसी बड़े धमाके की फिराक में भी था।

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बम बनाने का सामान और डिजिटल सबूत बरामद

कुशीनगर में रिजवान के ठिकानों पर जब एटीएस ने छापा मारा, तो वहां का नजारा चौंकाने वाला था। पुलिस को वहां से निम्नलिखित सामग्रियां मिली हैं:

विस्फोटक सामग्री: भारी मात्रा में गनपाउडर, सल्फ्यूरिक एसिड और अन्य घातक रसायन।

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: रिमोट कंट्रोल डिवाइस, टाइमर, सर्किट बोर्ड, फ्यूज और बिजली के तार।

डिजिटल साक्ष्य: उसके लैपटॉप और मोबाइल से आईएसआईएस की ट्रेनिंग वीडियो, जिहादी साहित्य और डार्क वेब के जरिए विदेशी आकाओं से बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं।

दस्तावेज: नक्शे और कुछ महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों की तस्वीरें भी बरामद की गई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि वह किसी बड़े हमले की योजना बना रहा था।

दिल्ली और यूपी में हाई अलर्ट

रिजवान की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली ले गई है। शुरुआती पूछताछ में यह अंदेशा जताया गया है कि रिजवान किसी स्लीपर सेल का हिस्सा था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि उसे फंडिंग कहां से मिल रही थी और उसके नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। इस गिरफ्तारी के बाद पूर्वांचल के जिलों और दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी कामयाबी

यह ऑपरेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के दिनों में आईएसआईएस ने सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को गुमराह करने की कोशिशें तेज की हैं। यूपी एटीएस और दिल्ली पुलिस के इस तालमेल ने एक बड़े संभावित खतरे को टाल दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिजवान से पूछताछ में कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जो भारत के खिलाफ साजिश रच रहे हैं।

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Quick Highlights: मुख्य बिंदु

तारीख: 2-3 अप्रैल 2026 की रात गिरफ्तारी।

लोकेशन: कुशीनगर, उत्तर प्रदेश।

एजेंसी: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल + यूपी एटीएस।

आरोप: आईएसआईएस के लिए भर्ती और बम बनाने की साजिश।

बरामदगी: विस्फोटक, डिजिटल फाइलें, और आपत्तिजनक मैप्स।

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पंजाब में गणतंत्र दिवस पर दहलाने की साजिश नाकाम: होशियारपुर से बब्बर खालसा (BKI) के 4 आतंकी गिरफ्तार, 2.5 किलो IED बरामद

26 जनवरी यानी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले पंजाब पुलिस ने एक बहुत बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। होशियारपुर पुलिस और जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस (CI) ने एक संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के चार खतरनाक गुर्गों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में विस्फोटक और हथियार बरामद हुए हैं, जिससे साफ है कि राज्य में किसी बड़ी तबाही की तैयारी थी।

गणतंत्र दिवस (Republic Day) पर था हमले का प्लान

पकड़े गए आतंकियों की पहचान दिलजोत सिंह, हरमन सिंह, अजय उर्फ मेहरा और अर्शदीप सिंह के रूप में हुई है। इन्हें होशियारपुर के गढ़शंकर इलाके से दबोचा गया। पुलिस के अनुसार, ये चारों आरोपी अमेरिका में बैठे अपने हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहे थे। इनका मकसद 26 जनवरी के मौके पर पंजाब में धमाके कर दहशत फैलाना और शांति भंग करना था।

पंजाब में गणतंत्र दिवस

बरामदगी: 2.5 किलो IED और घातक हथियार

पुलिस को तलाशी के दौरान इनके पास से जो सामान मिला है, वह चौंकाने वाला है:

• 2.5 किलो IED (Explosive): यह विस्फोटक RDX से लदा था, जो एक साथ कई लोगों की जान लेने में सक्षम था।

• दो पिस्टल: सुरक्षा बलों पर हमला करने या टारगेट किलिंग के लिए इन हथियारों का इस्तेमाल होना था।

• विदेशी कनेक्शन: जांच में सामने आया है कि यह विस्फोटक पाकिस्तान की सीमा से तस्करी कर लाया गया था और इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने का अंदेशा है।

विदेशी हैंडलर्स और ISI का हाथ

पंजाब के DGP गौरव यादव ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी कि यह मॉड्यूल पूरी तरह से विदेश से संचालित हो रहा था। अमेरिका (USA) में बैठे बब्बर खालसा के हैंडलर्स इन चारों युवाओं को निर्देश दे रहे थे। यह पंजाब में ‘खालिस्तानी उग्रवाद’ को दोबारा जिंदा करने की एक नाकाम कोशिश थी, जिसे Punjab Police की सतर्कता ने समय रहते फेल कर दिया।

पंजाब में गणतंत्र दिवस

पुलिस की मुस्तैदी ने टाला बड़ा हादसा

जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस को एक गुप्त सूचना मिली थी कि होशियारपुर के रास्ते विस्फोटक ले जाया जा रहा है। बिना वक्त गंवाए पुलिस ने नाकाबंदी की और इन चारों को धर दबोचा। अगर ये आतंकी अपनी साजिश में कामयाब हो जाते, तो पंजाब में भारी जान-माल का नुकसान हो सकता था। फिलहाल, पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और आने वाले अन्य संभावित खतरों का पता लगाया जा सके।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

इस घटना के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। Republic Day Plot के नाकाम होने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि पंजाब में इनके और कितने स्लीपर सेल सक्रिय हो सकते हैं।

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