बंगाल में ममता बनर्जी का ‘खेला’ खत्म? चुनाव रुझानों में टीएमसी की करारी हार के संकेत, बीजेपी की बढ़त ने उड़ाए होश

बंगाल में ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: क्या पश्चिम बंगाल में एक दशक से चला आ रहा ममता बनर्जी का साम्राज्य ढहने की कगार पर है? आज सुबह 8 बजे से शुरू हुई वोटों की गिनती के जो रुझान सामने आ रहे हैं, वे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं हैं। भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, शुरुआती घंटों में ही बीजेपी ने वह बढ़त हासिल कर ली है, जिसकी कल्पना शायद टीएमसी के रणनीतिकारों ने नहीं की थी। बंगाल की 294 सीटों पर आए शुरुआती आंकड़ों ने राज्य की राजनीति में बड़े उलटफेर के संकेत दे दिए हैं।

शुरुआती रुझानों में बीजेपी की ‘सुनामी’, टीएमसी बैकफुट पर

पश्चिम बंगाल में बहुमत का जादूई आंकड़ा 148 है। सुबह 10:30 बजे तक के रुझानों पर नजर डालें तो बीजेपी 100 से अधिक सीटों पर स्पष्ट बढ़त बनाए हुए है। वहीं, राज्य की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी महज 80 सीटों के आसपास सिमटती नजर आ रही है। यह गिरावट टीएमसी के लिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनावों में पार्टी ने दक्षिण बंगाल के जिन गढ़ों में क्लीन स्वीप किया था, वहां भी इस बार बीजेपी कड़ी टक्कर दे रही है या आगे चल रही है।

रुझानों से साफ है कि उत्तर बंगाल के साथ-साथ इस बार जंगलमहल और दक्षिण बंगाल के ग्रामीण इलाकों में भी ममता बनर्जी का जादू फीका पड़ता दिख रहा है। बीजेपी के कार्यकर्ता सड़कों पर जश्न मनाने लगे हैं, जबकि टीएमसी के दफ्तरों में सन्नाटा पसरने लगा है।

सत्ता विरोधी लहर या भ्रष्टाचार के आरोप: क्यों पिछड़ रही है टीएमसी?

इस बार के चुनाव परिणामों के रुझान यह सोचने पर मजबूर कर रहे हैं कि क्या बंगाल की जनता ने बदलाव का मन बना लिया है? पिछले 5 सालों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, संदेशखाली जैसी घटनाएं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों ने टीएमसी की छवि को काफी नुकसान पहुंचाया है। बीजेपी ने अपने अभियान में ‘भ्रष्टाचार मुक्त बंगाल’ का जो नारा दिया था, लगता है कि वह मतदाताओं के मन में घर कर गया है।

बंगाल में ममता बनर्जी
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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी के वोट बैंक में इस बार बड़ी सेंधमारी हुई है। महिला मतदाताओं का एक वर्ग, जो कभी ममता बनर्जी का सबसे बड़ा ‘कोर’ वोट बैंक माना जाता था, इस बार सुरक्षा और विकास के मुद्दे पर बीजेपी की ओर झुकता दिखाई दे रहा है। यदि यही रुझान अंतिम नतीजों में तब्दील होते हैं, तो यह बंगाल की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ होगा।

क्षेत्रवार विश्लेषण: कहां कौन भारी?

बीजेपी की सबसे बड़ी ताकत उत्तर बंगाल और मतुआ बहुल क्षेत्रों से आ रही है। बैरकपुर और आसनसोल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी बीजेपी ने बढ़त बनाई हुई है। दूसरी ओर, टीएमसी का प्रदर्शन कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों तक ही सीमित होता दिख रहा है। वाम मोर्चा और कांग्रेस गठबंधन की स्थिति इस बार भी निराशाजनक है, जिससे यह मुकाबला पूरी तरह से ‘दो-ध्रुवीय’ (Two-polar) हो गया है।

अन्य राज्यों का हाल: असम और दक्षिण में भी बड़ा फेरबदल

सिर्फ बंगाल ही नहीं, बल्कि आज अन्य राज्यों के रुझान भी चौंकाने वाले हैं। असम में बीजेपी स्पष्ट रूप से सत्ता वापसी करती दिख रही है, जहां पार्टी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। तमिलनाडु में विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेत्री कड़गम) 100 सीटों के करीब पहुंचकर सबको चौंका रही है। वहीं केरल में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच कांटे की टक्कर है, जहां हर एक सीट के साथ समीकरण बदल रहे हैं।

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क्या होगा अंतिम परिणाम?

हालांकि ये अभी शुरुआती रुझान हैं और पोस्टल बैलेट के बाद अब ईवीएम की गिनती जारी है, लेकिन ट्रेंड्स ने एक दिशा तय कर दी है। दोपहर 2 बजे तक स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। क्या ममता बनर्जी एक बार फिर कोई चमत्कार कर पाएंगी या फिर कोलकाता के ‘नबन्ना’ (सचिवालय) पर इस बार भगवा लहराएगा? पूरे देश की नजरें चुनाव आयोग की वेबसाइट पर टिकी हैं।

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बंगाल में सियासी भूचाल: भाजपा नेता के ‘सिर कलम’ वाले बयान पर मचा हड़कंप, ममता बनर्जी को कहा ‘चुड़ैल’

बंगाल

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की आहट के साथ ही नेताओं की जुबान फिसलने का सिलसिला तेज हो गया है। हाल ही में दक्षिण 24 परगना से आई एक खबर ने राज्य की राजनीति में तनाव पैदा कर दिया है। भाजपा नेता संजय दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ऐसी टिप्पणी की है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।

ममता बनर्जी

मंच से दी विवादित धमकी

यह पूरी घटना एक ‘परिवर्तन सभा’ के दौरान हुई। वायरल वीडियो में भाजपा नेता संजय दास मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘बूढ़ी चुड़ैल’ कहते नजर आ रहे हैं। विवाद सिर्फ नाम तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने उत्तेजित होकर यहाँ तक कह दिया कि उनका सिर कलम कर देना चाहिए। हैरानी की बात यह है कि जब यह बयान दिया जा रहा था, तब मंच पर पार्टी के कई अन्य बड़े चेहरे भी मौजूद थे।

TMC का पलटवार और पुलिस केस

तृणमूल कांग्रेस ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है और भाजपा पर करारा हमला बोला है। TMC का कहना है कि यह भाजपा की असली संस्कृति है, जहाँ महिलाओं और राज्य की मुख्यमंत्री के प्रति कोई सम्मान नहीं है। पार्टी ने इसे केवल एक बयान नहीं बल्कि ‘हिंसा भड़काने की साजिश’ बताया है और संजय दास के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है।

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चुनावी माहौल में बढ़ी तल्खी

जैसे-जैसे बंगाल चुनाव नजदीक आ रहे हैं, दोनों पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर हिंसक होता जा रहा है। जहाँ भाजपा ‘परिवर्तन’ के नाम पर आक्रामक प्रचार कर रही है, वहीं इस तरह के विवादित बयान उसे रक्षात्मक स्थिति में डाल सकते हैं। फिलहाल भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है, लेकिन सोशल मीडिया पर जनता के बीच इस बयान को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।

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